मासूम शर्मा को लेकर 'रेप' का दावा कितना सच? 'तत्वदर्शी' से देहरादून FIR तक समझिए पूरा विवाद- देखिए Viral पोस्ट में क्या-क्या
मासूम शर्मा को लेकर सोशल मीडिया पर रेप के दावे वायरल हैं. जानिए इन दावों की पुष्टि क्यों नहीं हुई और ‘तत्वदर्शी’ व देहरादून FIR का पूरा मामला. ये खबर सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट के मुताबिक लिखी गई है किसी दावों की पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है.
सोशल मीडिया पर चल रहे दावों और रिपोर्टों को मिलाकर देखें तो मासूम शर्मा को लेकर अभी दो अलग-अलग विवाद आपस में जोड़कर पेश किए जा रहे हैं. एक वास्तविक और रिपोर्टेड विवाद, जो देहरादून के कॉलेज कार्यक्रम में अभद्र भाषा से जुड़ा है; दूसरा सोशल मीडिया पर चल रहा बलात्कार/दुष्कर्म का दावा, जो कि पूरी तरह से फर्जी है इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है और न ही ऐसा कोई मामला सामने आया है लेकिन सोशल मीडिया (X) पर दावे पर दावे किए जा रहे हैं.
रेप के दावों के बीच जो मामला चर्चा में बना है वो हैं गाने गा जो तत्वदर्शी है जिसे मासूम शर्मा ने तीन सप्ताह पहले गाया था और इस पर संतों को लेकर सवाल उठाए थे. जिस पर कुछ लोग इसे संत रामपाल महराज से जोड़ कर चर्चा में ला दिए हैं और इसे विवादित बता दिया है जिसमें संत रामपाल महाराज को सपोर्टर का कहना है कि ये टारगेट किया जा रहा है. इसी के साथ आइए पूरे विवाद को समझते हैं और तत्वदर्शी का मतलब भी जानते हैं...
पूरा मामला ऐसे समझिए
शुरुआत ‘तत्वदर्शी’ गाने के विवाद से हुई
अगस्त 2026 के आखिरी सप्ताह में हरियाणवी गायक मासूम शर्मा का 'तत्वदर्शी' गाना चर्चा में आया. गाने में कथित पाखंड, बाबाओं, डेरों और धर्म के नाम पर चलने वाली गतिविधियों पर सवाल उठाए गए हैं. गाने को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि इसमें रामपाल, राम रहीम समेत कुछ चर्चित धार्मिक गुरुओं की ओर इशारा है. हालांकि, गाने से जुड़े लेखक/कलाकार हैरी लाठर ने कहा कि इसे किसी एक बाबा या डेरे को निशाना बनाकर नहीं बनाया गया है. मामला इतना बढ़ा कि मासूम शर्मा और हैरी लाठर ने सोशल मीडिया पर धमकी भरे फोन आने का दावा भी किया. मासूम शर्मा ने बाद में कहा कि उनका निशाना किसी व्यक्ति विशेष के बजाय समाज में मौजूद पाखंड पर है. यहीं से सोशल मीडिया पर उनके समर्थन और विरोध में पोस्ट का सिलसिला तेज हुआ.
फिर सामने आया पुराना देहरादून विवाद
मासूम शर्मा को लेकर जो वास्तविक कानूनी विवाद दर्ज हुआ, वह अप्रैल 2026 का है. देहरादून के DAV (PG) कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान उनके मंच से कथित तौर पर अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का वीडियो सामने आया था. इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की थी. रिपोर्टों के मुताबिक FIR में BNS की धारा 296, 352, 79 और 351(3) का उल्लेख किया गया था. इस घटना के बाद मासूम शर्मा ने सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी थी. उनका कहना था कि कार्यक्रम से पहले उन्हें कथित तौर पर धमकाया जा रहा था और गुस्से में मंच पर उनकी भाषा आपत्तिजनक हो गई. मामला यहीं नहीं रुका. हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी उन्हें समन किया था, जिसमें देहरादून कॉलेज कार्यक्रम में कथित अभद्र भाषा और अनुचित व्यवहार को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया. यानी ‘मासूम शर्मा ने कॉलेज में गाली-गलौज की’ वाला विवाद पूरी तरह सोशल मीडिया की अफवाह नहीं है. इस पर शिकायत, FIR और महिला आयोग की कार्रवाई की रिपोर्टिंग हुई है.
'रेपिस्ट मासूम शर्मा' वाला दावा कहां से आया?
अभी सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट मासूम शर्मा को 'रेपिस्ट', 'दुष्कर्मी' और नशेड़ी जैसे शब्दों से ट्रेंड करवा रहे हैं. कुछ पोस्ट में उनके खिलाफ महिला से रेप और कई लोगों के साथ मिलकर अपराध करने जैसे गंभीर दावे किए जा रहे हैं. एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति वीडियो भी शेयर किया जा रहा है, जिसमें ऐसे आरोपों का जिक्र है. वीडियो में एक व्यक्ति कह रहा है मासूम शर्मा के खिलाफ रेप का मामला सामने आया है. हालांकि इसकी पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है यह पूरी तरह से फेक है. खास तौर पर अगर वह वीडियो AI-generated या manipulated है, जैसा सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है, तो उसे वास्तविक पुलिस बयान मानना और भी जोखिम भरा होगा.
फिर लोग उन्हें 'बलात्कारी' क्यों लिख रहे हैं?
सोशल मीडिया नैरेटिव को देखें तो इसके पीछे कई विवाद एक साथ जुड़ते दिखाई दे रहे हैं. एक तरफ ‘तत्वदर्शी’ को लेकर धार्मिक समूहों और उनके समर्थकों की नाराजगी है. दूसरी तरफ मासूम शर्मा का पुराना देहरादून कॉलेज विवाद है, जिसमें उनका अभद्र भाषा वाला वीडियो और FIR सामने आई थी. इसके अलावा उनके पुराने गानों को लेकर भी गन कल्चर और आपत्तिजनक कंटेंट से संबंधित विवादों की रिपोर्टिंग हुई है. इन अलग-अलग विवादों को कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने मिलाकर मासूम शर्मा के खिलाफ ज्यादा गंभीर आरोपों के साथ पोस्ट करना शुरू किया है. यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर ‘तत्वदर्शी’, ‘मासूम शर्मा’, ‘आर्य समाज’, ‘बलात्कारी’, ‘भांड’ जैसे अलग-अलग शब्द एक ही चर्चा में दिखाई दे रहे हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाया गया आरोप अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं होता.
‘तत्वदर्शी’ गाने ने क्यों मचाई इतनी चर्चा?
‘तत्वदर्शी’ का विषय सामान्य हरियाणवी गानों से अलग है. इसमें धार्मिक आस्था और पाखंड के नाम पर चलने वाली गतिविधियों पर सवाल उठाने की कोशिश की गई है. गाने में डेरों, चंदे, धार्मिक संस्थानों और कथित तौर पर धर्म के नाम पर होने वाले कारोबार जैसे मुद्दों को उठाया गया है. इसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सीधे कुछ धार्मिक गुरुओं और उनके अनुयायियों से जोड़ना शुरू कर दिया. वहीं गीत से जुड़े कलाकारों ने कहा कि निशाना किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पाखंडवाद और सामाजिक कुरीतियों पर है. बाद में मासूम शर्मा ने धार्मिक मंचों से भी पाखंड के खिलाफ बोलना जारी रखा और ‘तत्वदर्शी’ को लेकर अपनी बात रखी.
क्या है मासूम शर्मा और संत रामपाल का विवाद?
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में तत्वदर्शी विवाद को संत रामपाल के समर्थकों की प्रतिक्रिया से जोड़कर चर्चा की गई है. Zee Delhi-NCR Haryana ने भी ‘तत्वदर्शी’ विवाद को रामपाल से जोड़ते हुए कवरेज की थी. वहीं सोशल मीडिया में चल रहे हैं दावों की बात करें तो मासूम शर्मा और संत रामपाल महाराज बीच तत्वदर्शी गाने को लेकर विवाद चल रहा है जो कि धीरे- धीरे उग्र हो रहा है.
पुराने विवाद भी क्यों जोड़े जा रहे हैं?
मासूम शर्मा पहले भी विवादों में रहे हैं. अप्रैल 2026 में देहरादून के कॉलेज कार्यक्रम का मामला सबसे स्पष्ट रूप से दस्तावेजित विवाद है. इसके अलावा 2025 में हरियाणा सरकार द्वारा कुछ गानों को हटाने की कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्टें भी सामने आई थीं, जिनमें गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोपों का उल्लेख था. India Today ने 2026 की अपनी रिपोर्ट में इन पुराने विवादों का संदर्भ दिया है. इस वजह से सोशल मीडिया पर उनके पुराने विवादों को नए ‘तत्वदर्शी’ विवाद के साथ जोड़कर पोस्ट किया जा रहा है.