अमीरी का शक, ‘डील’ के बहाने बुलाया...कैसे एक सोशल मीडिया पोस्ट बनी युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की वजह?
दिल्ली के युवराज सिंह मनचंदा मर्डर केस में अहम जानकारी सामने आई है. हत्या की आरोपी अन्या ने युवराज का एक सोशल मीडिया पोस्ट देखा था, इसके बाद ही उसमे मन में सिंह को फंसाने का ख्याल उपजा था.
दिल्ली के 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच में पुलिस को शक है कि उन्हें उनकी पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके पार्टनर संयम सचदेवा ने निशाना बनाया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, युवराज की सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखकर आरोपियों को लगा कि वह आर्थिक रूप से काफी मजबूत हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अन्या युवराज को धोखा देकर उनसे पैसे ऐंठने की योजना बना रही थी.
युवराज और अन्या साल 2022 तक एक ही कंपनी में काम करते थे. दोनों के बीच बाद में संपर्क टूट गया था, लेकिन पिछले साल दिसंबर में फिर बातचीत शुरू हुई. पुलिस के अनुसार, अन्या ने युवराज की एक सोशल मीडिया पोस्ट देखने के बाद उनसे दोबारा संपर्क किया था. बता दें, युवराज की 6 सितंबर की शाम कथित तौर पर अन्या और उसके पार्टनर संयम ने हत्या कर दी थी.
सोशल मीडिया से कैसे युवराज को फंसाया?
पुलिस सूत्र के अनुसार, युवराज और अन्या एक-दूसरे के संपर्क से बाहर थे. लेकिन दिसंबर 2025 में अन्या ने युवराज की एक सोशल मीडिया पोस्ट देखी, जिसके बाद दोनों के बीच दोबारा बातचीत शुरू हुई. पुलिस का कहना है कि 6 सितंबर को अन्या ने युवराज को एक कथित कारोबारी मुलाकात के लिए बुलाया था. उसे बताया गया था कि किसी संभावित क्लाइंट के साथ एक ‘डील’ पूरी करनी है. हालांकि, पुलिस अभी तक इस मुलाकात के असली उद्देश्य की पूरी तरह पुष्टि नहीं कर पाई है.
युवराज के परिवार ने पहले आरोप लगाया था कि जब वह और अन्या एक साथ काम करते थे, तब अन्या ने युवराज से कुछ पैसे लिए थे. पुलिस इस दावे और दोनों के बीच हुए पुराने वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को युवराज ने गुरुग्राम में अन्या और संयम से मुलाकात की. आरोप है कि इसी दौरान कार के अंदर उन्हें गोली मार दी गई. इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर युवराज के शव को दो दिन तक कार में रखा.
नाले में कब फेंकी लाश?
पुलिस के अनुसार, हत्या के दो दिन बाद 8 सितंबर को युवराज के शव को गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में एक नाले में फेंक दिया गया. 10 सितंबर को पुलिस ने नाले से शव बरामद किया. बाद में युवराज के परिवार ने उसकी पहचान की. मामले में सबसे अहम पहलुओं में से एक युवराज के मोबाइल फोन से भेजे गए मैसेज हैं.
कैसे परिवार को बनाते रहे बेवकूफ?
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद करीब दो दिनों तक युवराज के मोबाइल से उसके परिवार को मैसेज भेजे गए, ताकि उन्हें लगे कि वह जिंदा है और जल्द वापस आएगा. इन मैसेज में यह भी बताया गया कि युवराज को काम के सिलसिले में बेंगलुरु जाना पड़ सकता है. पुलिस को शक है कि ये मैसेज अन्या ने युवराज के फोन से भेजे थे. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या के बाद फोन का इस्तेमाल किसने किया था.
अन्या के बारे में क्या जानकारी आई सामने?
पुलिस के मुताबिक, अन्या के बैकग्राउंड की जांच के दौरान उसके खिलाफ तीन मामले सामने आए. इनमें से एक मामला पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दर्ज हुआ था. दूसरा धोखाधड़ी का मामला ग्रेटर नोएडा में दर्ज है. तीसरा मामला संयम की पहली पत्नी की शिकायत पर शाहदरा थाने में दर्ज किया गया था. इस शिकायत में घरेलू हिंसा के आरोप लगाए गए थे.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या अन्या के खिलाफ दर्ज इन मामलों या कथित धोखाधड़ी से जुड़ी किसी जानकारी के बारे में युवराज को पता था. जांच एजेंसियां इस पहलू को भी हत्या के संभावित कारणों से जोड़कर देख रही हैं.
हत्या के बाद कहां पहुंचे थे आरोपी?
पुलिस के मुताबिक, शव को नाले में फेंकने के बाद अन्या और संयम पहले वृंदावन गए. इसके बाद दोनों कई जगहों पर गए और आखिर में उत्तराखंड के कैंची धाम पहुंचे. वहां दोनों एक पेइंग गेस्ट आवास में ठहरे थे. पुलिस ने वाहन की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई और कैंची धाम से दोनों को गिरफ्तार कर लिया. जांच के दौरान पुलिस ने एक बंदूक, युवराज की कार और उसका मोबाइल फोन भी बरामद किया.
पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब तलाश रही है?
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवराज को निशाना बनाने के पीछे असली वजह क्या थी. क्या उन्हें सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर निशाना बनाया गया या फिर उनका किसी कथित धोखाधड़ी या वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी तक पहुंचना भी हत्या की वजह बना, इसकी जांच जारी है.
पुलिस युवराज और अन्या के पुराने संबंध, सोशल मीडिया पोस्ट, कथित कारोबारी डील, पैसों के लेन-देन, हत्या के बाद भेजे गए मोबाइल मैसेज और आरोपियों की यात्रा से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है. इस जांच से हत्या की पूरी कड़ी और कथित मकसद को समझने की कोशिश की जा रही है.