दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाने का फैसला किया है. इसके तहत पार्किंग शुल्क बढ़ाने, सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव करने और सरकारी और ऑटोनोमस संस्थानों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम लागू करने का प्लान है. इन उपायों का मकसद सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने पर निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन समेत दूसरे साधनों को बढ़ावा देना है.

इसके अलावा निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर भी चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी. कुछ उपाय 1 नवंबर से लागू होंगे, जबकि निर्माण और तोड़फोड़ पर पूरी तरह रोक 10 दिसंबर से लागू होगी. ये सभी फैसले सर्दियों के महीनों में दिल्ली के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे उपायों का हिस्सा हैं.

10 Points में जानें डिटेस

1. सर्दियों के दौरान दिल्ली में पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा. इसका मकसद लोगों को निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए प्रोत्साहित करना है.

2. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के स्वामित्व और उसके के जरिए चलाई जा रही पार्किंग्स को बढ़े हुए पार्किंग शुल्क के इस फैसले से बाहर रखा गया है.

3. सरकार चाहती है कि लोग निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ठ और आने-जाने के दूसरे साधनों का ज्यादा इस्तेमाल करें.

4. 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दिल्ली के सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव किया जाएगा.

5. दिल्ली नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे.

6. GNCTD यानी दिल्ली सरकार के तहत आने वाले कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे.

7. सरकारी और स्वायत्त संस्थानों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था लागू की जाएगी.

8. वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था के तहत 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे, जबकि बाकी 50 फीसदी कर्मचारी दफ्तर जाकर काम करेंगे.

9. प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाया जाएगा. पूरी तरह रोक 10 दिसंबर से लागू होगी.

10. पार्किंग शुल्क, सरकारी दफ्तरों के बदले हुए समय और 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम जैसे कुछ उपाय 1 नवंबर से लागू होंगे. वहीं निर्माण और तोड़फोड़ पर पूर्ण प्रतिबंध 10 दिसंबर से प्रभावी होगा.