गुरुग्राम में बर्फबारी का दावा फेक! जानिए IMD की राय, क्या कहता है Gurugram में बर्फ गिरने का 56 साल का इतिहास
सोशल मीडिया पर गुरुग्राम में बर्फबारी का दावा करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया. एंबिएंस मॉल के पास बर्फ गिरने के दावे किए गए, लेकिन जांच में सच्चाई कुछ और ही निकली. जनवरी 2026 में दिल्ली-एनसीआर में रिकॉर्ड ठंड जरूर पड़ी, तापमान 0 डिग्री के करीब पहुंचा, लेकिन असली बर्फबारी नहीं हुई. IMD और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, गुरुग्राम में जो दिखा वह फ्रॉस्ट (जमी हुई ओस) थी, न कि स्नोफॉल. वायरल वीडियो को फेक या पुराना बताया जा रहा है.;
गुरुग्राम जैसे चमचमाते शहर में बर्फबारी सुनकर तो सबका दिल धड़क गया. कांच की ऊंची इमारतें, तेज़ ट्रैफिक, ऑफिस की भागदौड़ और अचानक आसमान से सफेद फाहे गिरते दिखें ये तो कोई सपना लगता है ना? सोशल मीडिया पर अंबियंस मॉल के पास का वो वायरल वीडियो देखकर लोग सच में हैरान हो गए. लोग रुक-रुक कर ऊपर देख रहे, फोन निकालकर रिकॉर्ड कर रहे, कोई चिल्ला रहा 'अरे वाह, गुरुग्राम में स्नो!' कॉफी ब्रेक अचानक 'स्नो ब्रेक' बन गया.
कैप्शन में लिखा, 'गुरुग्राम का इतिहास बदल गया, पहली बार बर्फ!.' कुछ ने कहा, 'प्रकृति ने सरप्राइज दे दिया, अब मनाली-कश्मीर को भूल जाओ!.' लेकिन जैसे-जैसे वीडियो और फैला, वैसे-वैसे सवाल भी उठने लगे. एक यूजर ने तुरंत कमेंट किया, 'ये वीडियो तो 2019 का है, गुरुग्राम का नहीं!' दूसरे ने तंज कसा, 'इतनी ठंड में लोग बिना जैकेट-सोएटर के क्यों घूम रहे? कोई स्वेटर भी नहीं पहना!' कई लोगों ने लिखा, 'ये तो फ्रॉस्ट है, असली बर्फ नहीं गिर रही.' कुछ ने तो सीधे कहा, 'ये AI से बनाया गया लगता है, देखो मूवमेंट कितना अननैचुरल है!'
असल में क्या हुआ?
जनवरी 2026 में दिल्ली-एनसीआर में रिकॉर्ड ठंड पड़ी है. गुरुग्राम में तापमान 0.6 डिग्री तक गिरा, बाहर के इलाकों में -1 डिग्री तक पहुंचा. खेतों, कारों की छतों और घास पर मोटी फ्रॉस्ट (ओस जमकर बर्फ जैसी परत) की चादर बिछ गई. लेकिन असली बर्फबारी? IMD और मौसम एक्सपर्ट्स कहते हैं मैदानी इलाके में बर्फ गिरने के लिए 0 डिग्री से नीचे तापमान के साथ भारी नमी चाहिए, जो यहां सूखी ठंड के कारण नहीं होती तो वो वीडियो क्या है? ज्यादातर लोग मान रहे हैं कि ये फेक या पुराना/एडिटेड है.
क्या कहता है इतिहास
दिल्ली और गुरुग्राम उत्तरी मैदानी इलाकों में स्थित हैं, जहां सर्दियां सूखी और ठंडी होती हैं, लेकिन बर्फबारी जैसी घटना बेहद दुर्लभ है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के रिकॉर्ड्स के अनुसार, दिल्ली में कभी भी असली बर्फबारी (snowfall) दर्ज नहीं की गई है. यहां की सर्दियां आमतौर पर ठंडी हवाओं और कोहरे से प्रभावित होती हैं, लेकिन तापमान शायद ही कभी 0 डिग्री से नीचे जाता हो और साथ में नमी इतनी हो कि बर्फ के फाहे गिरें. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ऐतिहासिक रूप से 1970 के दशक में गुरुग्राम में तापमान -0.4 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था (5 दिसंबर 1966), और 0 डिग्री पर पहुंचा (11 जनवरी 1971), लेकिन यह ठंड से बनी फ्रॉस्ट (ओस की जमावट) थी, न कि बर्फबारी. 1981 में उत्तरी भारत में भारी ठंड पड़ी थी, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ फ्रॉस्ट और ठंडी लहरें दर्ज हुईं, बर्फबारी नहीं.
क्या कहते है मौसम एक्सपर्ट्स
एक्सपर्ट्स के अनुसार, दिल्ली की भौगोलिक स्थिति (हिमालय से निकटता लेकिन मैदानी इलाका) के कारण सर्दियां ठंडी तो होती हैं, लेकिन सूखे मौसम के चलते बर्फबारी असंभव है. Quora जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मौसम एक्सपर्ट्स ने स्पष्ट किया है कि उत्तरी मैदानों में शुष्क सर्दियां बर्फबारी को रोकती हैं. कभी-कभी ओले (hailstorms) गिरते हैं, जो बर्फ की तरह लगते हैं, लेकिन यह स्नोफॉल नहीं है. उदाहरण के लिए, 2019 में दिल्ली में भारी ओलावृष्टि हुई थी, जिसे कई लोगों ने गलती से स्नोफॉल समझा.
क्या कहता है दावा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज (इंस्टाग्राम और फेसबुक पर) में दावा किया गया कि गुरुग्राम के एंबिएंस मॉल के पास बर्फ गिरी, लेकिन ये फेक हैं. कमेंट्स में यूजर्स ने इन्हें 'फेक न्यूज' बताया, और कई वीडियोज पुराने या एआई-जनरेटेड लगते हैं. एक्स हैंडल पर भी यूजर्स ने पूछा, 'कौन लोग snowfall in Gurgaon की वीडियोज डाल रहे हैं? एक बूंद नहीं गिरी.' जबकि कुछ ने मजाकिया पोस्ट किए कि 'शिमला में बर्फ नहीं, गुरुग्राम में हो गई.' इस ठंड का कारण है दिसंबर 2025 में 84.8% बारिश की कमी और जनवरी के पहले 10 दिनों में 84% कमी के चलते हिमालय में कम बर्फबारी हुई, जिससे मैदानों में ठंडी हवाएं बिना नमी के आईं.