हरियाणा के गुरुग्राम में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने जांच के बाद 14 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है. इस ऑपरेशन में ATS गुरुग्राम के साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) नूंह और SOG रोहतक की टीमें भी शामिल थीं.

पुलिस को इन लोगों के गुरुग्राम में रहने की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान और दस्तावेजों की पड़ताल की. शुरुआती जांच में इनके पास बांग्लादेश से संबंधित पहचान पत्र और कुछ अन्य दस्तावेज मिले हैं. हालांकि, भारत में रहने के लिए जरूरी वैध पासपोर्ट, वीजा या अनुमति पत्र नहीं मिलने की बात सामने आई है. कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (ATS) वरुण सिंगला के नेतृत्व में की गई. हिरासत में लिए गए सभी 14 लोगों को आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के लिए मानेसर स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है.

पकड़े गए लोगों में 2 नाबालिग भी शामिल

पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में 12 वयस्क और 2 नाबालिग शामिल हैं. उनकी उम्र 17 से 37 साल के बीच बताई गई है. पकड़े गए लोगों की पहचान अनवर हुसैन (37), मोहम्मद अनारुल हक (30), राजू आलम (28), मोहम्मद मसूद राणा (27), गुलाम रब्बानी (23), आरिफुल उर्फ अलाउद्दीन (22), मोहम्मद राजू मियां (20), मोहम्मद ज्वेल राणा (20), मोहम्मद फेरुज इस्लाम (19), साकिब राणा (19), साकिब हुसैन (18), इलियास अली (18), मोहम्मद लुतफोर रहमान (17) और मोहम्मद तारेकुल इस्लाम (17) के रूप में हुई है.

तीन टीमों ने मिलकर चलाया अभियान

इस कार्रवाई को ATS, SOG नूंह और SOG रोहतक की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया. गुप्त सूचना मिलने के बाद संदिग्धों के ठिकानों और पहचान से जुड़ी जानकारियां जुटाई गईं. इसके बाद दस्तावेजों की जांच कर सभी को हिरासत में लिया गया. पुलिस अधीक्षक (ATS) वरुण सिंगला की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई के बाद सभी को मानेसर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है.

आगे क्या होगी कार्रवाई?

डिटेंशन सेंटर में हिरासत में लिए गए लोगों के दस्तावेजों, नागरिकता और भारत में प्रवेश व निवास से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. इसके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी. पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी रहेगा.