Zepto डिलीवरी बॉय को कर्मचारी ने मुर्गा बनाकर पीटा, कसूर इतना की यूज किया था परफ्यूम; Video Viral
नई दिल्ली के कोंडली इलाके में ज़ेप्टो स्टोर से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना ने लोगों को गुस्से से भर दिया है. 18 साल के डिलीवरी बॉय ऋषभ कुमार को सिर्फ परफ्यूम लगाने की वजह से स्टोर कर्मचारियों ने बेरहमी से पीटा और ‘मुर्गा’ बनाकर अपमानित किया. पूरी घटना CCTV में कैद हुई और वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर ज़ेप्टो के खिलाफ नाराज़गी फूट पड़ी.;
नई दिल्ली के कोंडली इलाके में एक ज़ेप्टो स्टोर में हाल ही में एक बहुत ही दुखद और चौंकाने वाली घटना हुई है, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर और आम लोगों में बहुत गुस्सा फैल गया है. यह घटना एक युवा डिलीवरी बॉय ऋषभ कुमार (या कुछ रिपोर्टों में रिशा कुमार) के साथ हुई. ऋषभ की उम्र लगभग 18 साल है. वह ओल्ड कोंडली में हरिजन बस्ती के पास अंबेडकर पार्क के नजदीक रहता है और अपने पिता लल्ला बाबू का बेटा है. वह ज़ेप्टो कंपनी के लिए डिलीवरी का काम करता है और महीने में बहुत कम कमाई करता है मुश्किल से 12 हजार रुपये के आसपास.
घटना तब हुई जब ऋषभ स्टोर के अंदर गया. वहां रखे हुए परफ्यूम की बोतल से उसने खुद पर थोड़ा सा परफ्यूम छिड़क लिया. स्टोर के कर्मचारियों या मालिक ने यह देख लिया. इसके बाद उन्होंने ऋषभ के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया. रिपोर्ट्स के अनुसार, उसे बुरी तरह पीटा गया, थप्पड़ मारे गए और उसे 'मुर्गे' की तरह बैठने (यानी मुर्गा बनकर बैठने) के लिए मजबूर किया गया. यह सब कुछ स्टोर के अंदर ही हुआ और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे उस गरीब लड़के को अपमानित और प्रताड़ित किया जा रहा है.
छोटी सी बात के लिए ऐसी सजा
इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. लोग कह रहे हैं कि एक छोटी-सी बात सिर्फ परफ्यूम लगाने के लिए किसी को इतनी क्रूर सजा देना बिल्कुल गलत और अमानवीय है. डिलीवरी वाले लोग पहले से ही बहुत मुश्किल हालात में काम करते हैं- कम पैसे, लंबे घंटे, सुरक्षा की कमी. ऐसे में इस तरह का व्यवहार और भी ज्यादा गलत लगता है.
यूजर्स में फूटा गुस्सा
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने ज़ेप्टो कंपनी को टैग करके सवाल उठाए हैं. एक ने लिखा, 'काम करते समय किसी को भी परफ्यूम लगाने या कुछ भी पहनने की पूरी आजादी होनी चाहिए. लेकिन अभी भी यह सोच है कि अगर कोई कर्मचारी है तो उसे मालिक के आगे झुकना ही पड़ेगा.' दूसरे ने कहा, 'दुकान मालिक को यह जिम्मेदारी है कि ग्राहकों को अच्छी और इस्तेमाल न की हुई चीजें मिलें लेकिन क्या सिर्फ परफ्यूम लगाने से लाखों का नुकसान हो गया?.' एक यूजर ने तो पूछा ज़ेप्टो ऐसी कंपनी क्यों फ्रेंचाइजी देती है जो इतने असंवेदनशील और क्रूर लोग चलाते हैं?.'
कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर
पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन में स्टोर मालिक और शामिल कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, गवाहों से पूछताछ कर रही है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. ऋषभ का मेडिकल चेकअप भी चल रहा है क्योंकि उसे शारीरिक चोटें आई हैं और मानसिक आघात भी पहुंचा है. यह घटना पिछले दिनों डिलीवरी वर्कर्स की हड़ताल के ठीक बाद हुई है. इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFATW) ने 31 दिसंबर को हड़ताल की थी, जिसमें उन्होंने कम वेतन, खराब कामकाजी हालात और सुरक्षा की कमी के खिलाफ आवाज उठाई थी. ऐसे में यह घटना गिग वर्कर्स (ऐप-बेस्ड डिलीवरी वाले) की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे को और भी गंभीर बना रही है.