एक के पास चाकू, बंदूक, कंडोम, अश्लील वीडियो और दूसरे को जिम से निकाला, कालकाजी रेप केस के आरोपियों के बारे में क्या-क्या हुए खुलासे?
कालकाजी रेप केस में गिरफ्तार आरोपियों की जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं. एक आरोपी के पास चाकू, बंदूक और कंडोम मिलने का दावा है, जबकि उसके फोन में अश्लील वीडियो मिले. दूसरे आरोपी को पहले जिम से हटाया गया था.
दिल्ली के एक पार्क में 17 साल की किशोरी से कथित गैंगरेप के मामले की जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं. पुलिस के मुताबिक, तीन आरोपियों में से एक आरोपी आसिफ अक्सर वारदात वाली जगह के आसपास आता-जाता था. अधिकारियों को शक है कि घटना पहले से योजना बनाकर की गई हो सकती है.
मामले में गिरफ्तार आरोपियों में 32 वर्षीय आसिफ, 24 वर्षीय हेमंत और 24 वर्षीय महेश शामिल हैं. आसिफ सब्जी का थोक कारोबारी है और उसे इस मामले का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है. वह दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास स्थित आस्था कुंज पार्क के नजदीक रहता था.
अधिकारियों को आसिफ के पास से क्या मिला?
अधिकारियों के मुताबिक, आसिफ कथित तौर पर पार्क के आसपास के सुनसान इलाकों में घूमता रहता था. जांच के दौरान उसके पास से एक पिस्तौल, चाकू और कंडोम मिलने की बात सामने आई है.
फोन से क्या मिला?
जांच में यह भी पता चला कि आसिफ के मोबाइल फोन में कई अश्लील वीडियो मौजूद थे. दूसरे आरोपी हेमंत की उम्र 24 साल है और उसके वकील होने की बात सामने आई है. उसका भाई महेश भी 24 साल का है और वह BSc गणित के अंतिम वर्ष का छात्र बताया जा रहा है. जांच के दौरान हेमंत और महेश ने अपने फोन की सर्च हिस्ट्री डिलीट कर दी थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं.
कैसे हुई पूरी घटना?
घटना इस सप्ताह की शुरुआत में हुई. 17 वर्षीय पीड़िता अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ अपने जन्मदिन के मौके पर कालकाजी मंदिर में पूजा करने के बाद आस्था कुंज पार्क गई थी. दोनों ने पार्क में गेट नंबर 7 से प्रवेश किया था. लिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की नजर दोनों पर पड़ी. इसके बाद तीनों ने कथित तौर पर उनका पीछा करना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि आरोपी करीब एक किलोमीटर तक दोनों के पीछे गए.
इसके बाद आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके दोस्त को रोक लिया. सूत्रों के अनुसार, उन्होंने किशोरी के दोस्त को यकीन दिलाने के लिए उसे संबोधित करते समय ‘सर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर किशोरी को उसके दोस्त से अलग कर दिया.
चाकू और पिस्तौल दिखाकर धमकाने का आरोप
आरोप है कि आसिफ, जो शादीशुदा है और उसकी 13 साल की बेटी भी है, ने चाकू और पिस्तौल दिखाकर किशोरी और उसके दोस्त को धमकाया. इसके बाद तीनों आरोपी कथित तौर पर किशोरी को पार्क के अंदर कई सुनसान जगहों पर ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक यौन हमला किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, एक आरोपी कथित तौर पर किशोरी के साथ गलत काम करता था, जबकि दूसरा वहां निगरानी रखता था और फोन करके तीसरे आरोपी को बुलाता था.
घटना के बाद सबूत मिटाने की कोशिश?
कथित यौन हमले के बाद तीनों आरोपियों ने किशोरी को शिकायत करने पर धमकी दी और वहां से फरार हो गए. इसके बाद किशोरी और उसका दोस्त पार्क से बाहर निकलने में कामयाब हुए और पुलिस को फोन किया. सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद तीनों आरोपियों ने पास की एक जगह पर खाना खाया और फिर श्रीनिवासपुरी स्थित अपने घर चले गए. वहां उन्होंने कथित तौर पर अपने कपड़े धोए, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें. पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी बचपन से एक-दूसरे के दोस्त हैं.
हेमंत को जिम से क्यों निकाया गया था?
जांच में हेमंत से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है. PTI ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि करीब एक महीने पहले हेमंत को एक जिम से निकाल दिया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, जिम प्रबंधन को महिलाओं की ओर से उसके व्यवहार को लेकर कई शिकायतें मिली थीं. इसके बाद उसे जिम से हटा दिया गया था.
क्या पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल थे आरोपी?
जांच के दौरान पुलिस को यह भी शक हुआ है कि आरोपी इससे पहले भी पार्क में इसी तरह की घटनाओं में शामिल हो सकते हैं. अधिकारी अब तीनों आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनकी पिछली गतिविधियों की जांच कर रहे हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उनका किसी अन्य आपराधिक घटना से भी संबंध रहा है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों के व्यवहार में कथित तौर पर कोई पछतावा दिखाई नहीं दे रहा है.
फिलहाल पुलिस तीनों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच, उनके आपराधिक रिकॉर्ड और पिछली गतिविधियों की पड़ताल कर रही है. जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आस्था कुंज पार्क में हुई यह घटना पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी या नहीं.