'मेरा बेटा लौटा दो', क्या सच में 'रीलबाज' ने ले ली साहिल की जान? आरोपी के पिता का आया बयान; पढ़ें Top Updates

दिल्ली द्वारका में तेज रफ्तार SUV ने 23 वर्षीय साहिल धनशेरा को कुचला. मां ने इंसाफ की अपील की, आरोपी नाबालिग के पिता ने माफी मांगी और हादसे को गंभीर गलती बताया.;

( Image Source:  @BeingLegitMan-X )
Edited By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 18 Feb 2026 12:28 AM IST

दिल्ली के द्वारका इलाके में तेज रफ्तार SUV से 23 वर्षीय बाइक सवार साहिल धनशेरा की मौत के मामले में अब आरोपी नाबालिग के पिता का बयान सामने आया है. उन्होंने इस हादसे को 'गंभीर गलती' बताते हुए पीड़ित परिवार से माफी मांगी है और कहा है कि उनका परिवार गहरे सदमे में है.

इस बीच बेटे को खो चुकी मां इन्ना माकन का दर्द भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि उनका सब कुछ खत्म हो गया है और अब उनके पास सिर्फ इंसाफ की लड़ाई बची है. यह हादसा 3 फरवरी को लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुआ था, जिसका वीडियो भी सामने आया है.

आरोपी नाबालिग के पिता ने क्या कहा?

आरोपी किशोर के पिता ने आज तक से बातचीत में कहा कि 'यह एक गंभीर गलती थी, इसके लिए मैं बहुत, बहुत माफ़ी चाहता हूं.' उन्होंने आगे कहा कि 'मैं बहुत शर्मिंदा हूं'. उन्होंने बताया कि हादसे के समय वह काम के सिलसिले में गोरखपुर में थे.

उनके मुताबिक, बेटे ने नादानी में उसने गाड़ी की चाबी ले ली होगी. अगर मैं दिल्ली में होता तो शायद यह घटना नहीं होती. उसकी मां घर पर थी, वह नादानी में था और उसी वजह से उसने गलत व्यवहार किया. जब मैं घर पर होता हूं तो घर में सख्त माहौल बनाए रखता हूं.' पिता का दावा है कि उनका बेटा मौके से फरार नहीं हुआ और घायल को अस्पताल ले जाने में मदद की.

क्या गाड़ी पर पहले से थे कई चालान?

एसयूवी स्कॉर्पियो पर पहले से कई चालान होने के सवाल पर पिता ने कहा कि उनका कमर्शियल बिजनेस है और गाड़ी ज्यादातर ड्राइवर चलाते हैं. जांच में सामने आया है कि इस वाहन पर 13 चालान थे, जिनमें से 9 तेज रफ्तार के लिए थे.

हादसा कैसे हुआ?

पुलिस के मुताबिक, नाबालिग द्वारा चलाई जा रही स्कॉर्पियो ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़ी टैक्सी से जा भिड़ी. साहिल धनशेरा को मौके पर मृत घोषित किया गया, जबकि टैक्सी चालक अजीत सिंह घायल हो गए. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि किशोर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था. पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के बाद उसने अपनी उम्र 19 वर्ष बताई, जबकि जन्म प्रमाणपत्र के अनुसार वह अगस्त 2009 में जन्मा था.

क्या आरोपी ‘रील’ बना रहा था?

पीड़िता की मां इन्ना माकन ने दावा किया कि 3 फरवरी को किशोर अपनी बहन के साथ रील बनाने निकला था. उन्होंने कहा कि 'स्कॉर्पियो जिस रफ्तार से चल रही थी, वह रील्स में स्पष्ट दिखाई दे रही है. आरोपी गलत लेन में गाड़ी चला रहा था, सीधे एक बस के सामने आ गया और रील्स बनाते समय उसने स्टंट किया.' उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि नाबालिग बच्चों को गाड़ी की चाबी न दें.

मां का दर्द-‘मैंने सब कुछ खो दिया’

अपने बेटे के कमरे में बैठीं इन्ना माकन ने कहा कि 'मैंने सब कुछ खो दिया. वह ही सब कुछ था जो मेरे पास था.' आंसू बहाते हुए उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मेरे बेटे का बलिदान सभी के लिए एक सबक बने. अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाएं. अगर लोग अब सबक नहीं सीखते, तो और मांएँ अपने बच्चों को खोती रहेंगी.'

उन्होंने बताया कि उन्होंने साहिल को अकेले पाला और उसकी पढ़ाई के लिए दिन-रात मेहनत की. मेरे पास अब कोई विकल्प भी नहीं बचा. न कोई परिवार, न कोई और बच्चा, न कोई और वजह. सब कुछ खत्म हो गया… अब मेरे पास केवल यही बचा है कि मैं उसे न्याय दिलाऊँ,” उन्होंने कहा

अधूरे रह गए सपने?

साहिल के कमरे में लगे पोस्टर उसके बड़े सपनों की गवाही देते हैं. एक पोस्टर पर लिखा था- वे फर्स्ट क्लास में उड़ना चाहते हैं. मैं खुद अपना विमान खरीदना चाहता हूँ.' छत पर लिखा लक्ष्य-'2025 मेरा साल होगा. $1,000,000 ($10 लाख डॉलर) का साल!' मां ने बताया कि वह अक्सर कहता था कि मम्मी, आप और मैं इस घर में रहेंगे.'

आगे क्या कार्रवाई?

नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया और ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया. बाद में उसे 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए अंतरिम राहत दी गई. उसके वकील के अनुसार, वह 7 मार्च को दोबारा सरेंडर करेगा.

यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि तेज रफ्तार, लापरवाही और अभिभावकीय जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल है. एक ओर आरोपी पक्ष शर्मिंदगी और माफी की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर एक मां अपने इकलौते बेटे के लिए न्याय की मांग कर रही है.

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