क्यों अप्रैल में भी दिल्ली-एनसीआर में हो रही बारिश? जानें इसके पीछे की वजह

दिल्ली-एनसीआर में जहां एक ओर शुरुआती गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है और तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है.

Delhi NCR Rain

(Image Source:  AI: Sora )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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दिल्ली-एनसीआर में जहां एक ओर शुरुआती गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है और तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह बदल सकता है.

इस बदलाव के चलते न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि बादल, तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है. इस असामान्य मौसमी गतिविधि के कारण अप्रैल में फरवरी जैसा मौसम महसूस होने की संभावना जताई जा रही है.

क्यों हो रही बारिश?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूमध्य सागर से उत्पन्न होने वाली निम्न दबाव प्रणालियां, जिन्हें पश्चिमी विक्षोभ कहा जाता है, इस समय उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं. ये सिस्टम हिमालयी क्षेत्र से टकराने के बाद और अधिक सक्रिय हो जाते हैं, जिससे व्यापक स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिलता है. आमतौर पर सर्दियों में सक्रिय रहने वाला यह सिस्टम अप्रैल में इतनी तीव्रता के साथ कम ही देखने को मिलता है, लेकिन इस बार इसकी ताकत असामान्य रूप से अधिक बताई जा रही है.

दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट जारी

मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने 7 और 8 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में गरज-चमक, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई थी और 7 अप्रैल को बारिश देखने को भी मिली. जिससे मौसम थोड़ा ठंडा भी हो गया.

अप्रैल का सबसे ठंडा दिन

हाल ही में हुई बारिश के कारण राजधानी में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. 7 अप्रैल को अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 6 डिग्री कम है और पिछले तीन सालों में अप्रैल का सबसे ठंडा दिन माना गया.

क्या हवा की गुणवत्ता में आया सुधार?

मौसम में आए इस बदलाव का सकारात्मक असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, एनसीआर के 90% से अधिक मॉनिटरिंग स्टेशन ‘मध्यम’ श्रेणी में आ गए हैं. दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI स्तर में सुधार दर्ज किया गया है. बारिश और तेज हवाओं के इस संयोजन से वातावरण में मौजूद प्रदूषक कणों का फैलाव और सफाई दोनों तेज होंगे. इससे आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता के नियंत्रित रहने की संभावना है.

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