बाप रे बाप इतनी ठंड! दिल्ली-एनसीआर, पंजाब समेत 7 राज्यों में Cold Wave Alert, मैदान बने पहाड़ों से ज्यादा सर्द

उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप अपने चरम पर है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में भीषण ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. राजधानी दिल्ली में जनवरी की सबसे सर्द सुबह दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. मौसम विभाग के अनुसार अगले 2–3 दिन राहत के आसार कम हैं, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में कोहरा बना रहेगा. इस बार मैदानी इलाके पहाड़ी क्षेत्रों से ज्यादा ठंडे रहे हैं, जिसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ और बादलों की भूमिका बताई जा रही है.;

Edited By :  नवनीत कुमार
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उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीतलहर की गिरफ्त में है और ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. पहाड़ों से लेकर मैदानों तक ठिठुरन बढ़ती जा रही है, लेकिन इस बार हैरानी की बात यह है कि मैदानी इलाके पहाड़ों से भी ज्यादा ठंडे हो गए हैं. दिल्ली में जनवरी की सबसे सर्द सुबह दर्ज की गई, जिसने बीते तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. ठंड का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि कोहरा, सुस्त हवाएं और कम धूप लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं. मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल राहत की उम्मीद कम ही है.

मंगलवार को राजधानी दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह रही. सुबह के वक्त घना कोहरा और बर्फीली हवा ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया. दिल्ली-NCR के कई इलाकों में सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे ट्रैफिक और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं. ठंड के इस दौर ने बेघर लोगों और दिहाड़ी मजदूरों की चिंता और बढ़ा दी है.

7 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में भीषण शीतलहर का अलर्ट जारी किया है. 14 जनवरी को पंजाब और हरियाणा में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है. उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले 5–6 दिनों तक सुबह के समय घने कोहरे का सिलसिला जारी रह सकता है. ऐसे में यात्रियों और वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

न्यूनतम तापमान में कब आएगा बदलाव?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटे तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है. महाराष्ट्र और गुजरात में भी फिलहाल तापमान स्थिर रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की गिरावट देखी जा सकती है. देश के बाकी हिस्सों में भी तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही.

दक्षिण भारत में बारिश विदा लेने की तैयारी

दक्षिण भारत के राज्यों तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और दक्षिण कर्नाटक में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश अब खत्म होने की ओर है. अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क रहने की स्थिति बनती जा रही है. बारिश के थमने से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, लेकिन उत्तर भारत जैसी कड़ाके की ठंड वहां नहीं होगी. इस बदलाव से किसानों और स्थानीय लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.

कश्मीर घाटी में फिर बदलेगा मिजाज

कश्मीर घाटी में 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम करवट ले सकता है. इससे बर्फबारी का एक नया दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि 21 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन बीच-बीच में बादल छाए रह सकते हैं. पहाड़ी इलाकों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

जब गुरुग्राम बना शिमला से ज्यादा ठंडा

इस ठंड के दौर में सबसे चौंकाने वाली बात गुरुग्राम का तापमान रहा. आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कई पहाड़ी शहरों से भी कम था. जहां शिमला, कांगड़ा और पालमपुर जैसे इलाकों में तापमान 3–4 डिग्री के आसपास रहा, वहीं NCR ज्यादा ठंडा नजर आया. यह असामान्य स्थिति मौसम विशेषज्ञों के लिए भी चर्चा का विषय बन गई.

मैदान पहाड़ों से ज्यादा ठंडे क्यों?

आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में ठंड ज्यादा होती है, लेकिन इस बार तस्वीर उलटी दिख रही है. मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ों पर बादल छाए रहने से रात की गर्मी बाहर नहीं निकल पाई. इसके उलट मैदानी इलाकों में आसमान साफ रहने से जमीन की गर्मी तेजी से निकल गई, जिससे तापमान तेजी से गिरा. यही वजह है कि इस बार मैदानों में पहाड़ों से भी ज्यादा ठंड महसूस की जा रही है.

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