बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नई सौगात दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 48 एजेंडों को मंजूरी दी गई. इसमें सबसे अहम फैसला SC/ST आवासीय विद्यालयों के लिए 1800 नए पदों के सृजन का रहा. इस निर्णय से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा बल्कि पिछड़े और वंचित तबकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी उपलब्ध हो सकेगी.

सरकार की ओर से यह भी तय किया गया है कि गोपालगंज जिले में 65 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 720 सीटिंग क्षमता वाला आधुनिक आवासीय विद्यालय बनाया जाएगा. यहां छात्रों को मुफ्त आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा दी जाएगी. नीतीश सरकार का यह फैसला सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल माना जा रहा है.

1800 पदों को कैबिनेट की मंजूरी

अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने कुल 1800 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी है. विभाग द्वारा 40 आवासीय विद्यालयों की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है. इन विद्यालयों में जल्द ही शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी.

किन पदों पर होगी बहाली?

अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने जानकारी दी कि डॉ. भीमराव अंबेडकर 10+2 आवासीय विद्यालयों के लिए अलग-अलग स्तरों पर बहाली होगी. इसमें शामिल हैं.

  • प्रधानाध्यापक के लिए 40 पद
  • कक्षा 11-12 के अध्यापक -760 पद
  • कक्षा 6-10 के अध्यापक - 360 पद
  • कक्षा 1-5 के अध्यापक - 280 पद
  • गैर-शैक्षणिक कर्मचारी – 360 पद.

गोपालगंज में बनेगा नया आवासीय विद्यालय

गोपालगंज जिले में 720 सीटिंग क्षमता वाले आवासीय विद्यालय के लिए कैबिनेट ने 65 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। यह विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और छात्रों को मुफ्त आवास व खान-पान की व्यवस्था मिलेगी. वर्तमान में राज्य में SC के लिए 66 और ST के लिए 25 आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जबकि 28 नए विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

शिक्षा से विकास की राह

नीतीश कुमार सरकार का मानना है कि 'पिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर ही बिहार का समग्र विकास संभव है.' इस कदम से SC/ST छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा. इसके साथ ही राज्य में शिक्षा व्यवस्था और रोजगार दोनों को नई दिशा मिलेगी.