कौन है भरत तिवारी पर गोली चलाने वाला STF जवान, पुलिस ने अब किया गिरफ्तार; इतने दिनों बाद क्यों हुई कार्रवाई?
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बिहार पुलिस ने उस एसटीएफ जवान को गिरफ्तार किया है, जिसने भरत तिवारी पर सरेंडर करने के बाद भी गोलियां चलाई थी. गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.
Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर में जून के महीने में भरत तिवारी की एनकाउंटर में मौत हो गई थी, परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार ये एनकाउंटर नहीं बल्कि मर्डर था. क्योंकि भले ही भरत तिवारी के हाथ में बंदूक थी लेकिन उसने एनकाउंटर से पहले ही हथियार नीचे डालकर सरेंडर कर दिया था, बावजूद इसके भरत को पुलिस द्वारा गोली मारी गई. रिपोर्ट के मुताबिक उनको लगभग 5 गोलियां लगी थी जिससे भरत तिवारी की मौत हो गई थी.
इस मामले को लेकर पूरे देश में बिहार पुलिस और सरकार के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला था, उसके बाद से दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है. वहीं अब इस केस में पुलिस ने उस एसटीएफ जवान को गिरफ्तार किया है, जिसने भरत तिवारी को गोली मारी थी. यहां सवाल ये उठता है कि जब पुलिस को उस एसटीएफ जवान के बारे में पता था तो कार्रवाई में इतनी देरी कैसे हुई.
क्या सीएम सम्राट से मिलने के बाद हुई कार्रवाई?
इस मामले को लेकर बिहार की राजनीति में भी काफी हलचल देखने को मिली थी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की थी और मामले में कार्रवाई के संकेत दिए थे. इसके बाद जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ और एसडीएम पर भी प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी. राजेश कुमार शर्मा को पुलिस मुख्यालय वापस भेज दिया गया था.
इससे पहले सरकार ने उन्हें मद्य निषेध विभाग में डीएसपी की जिम्मेदारी दी थी. इसके अलावा जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीओ संजीत कुमार को भी पद से हटा दिया गया. वर्तमान में संजीत कुमार सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दे रहे हैं. मामले में उनकी भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही थी.
कौन हैं गिरफ्तार STF जवान?
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गिरफ्तार किए गए एसटीएफ जवान की पहचान अक्षय के रूप में हुई है. आरा के एसपी राज ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है. अक्षय वही पुलिसकर्मी है, जिस पर भरत तिवारी की मां ने हत्या का आरोप लगाया था. परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी के आत्मसमर्पण करने के बाद भी अक्षय ने उन पर गोली चलाई थी. परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी ने अपनी पिस्टल फेंक दी थी और वह पुलिस के सामने सरेंडर करने की स्थिति में थे. इसके बावजूद एसटीएफ जवान अक्षय कुमार ने कथित तौर पर उन पर गोली चला दी.
एनकाउंटर से पहले भरत तिवारी फेसबुक पर लाइव थे. दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में उन्हें अपनी पिस्टल दूर फेंकते हुए देखा गया था. इसी वीडियो के आधार पर पुलिस की आत्मरक्षा में गोली चलाने वाली दलील पर सवाल उठाए गए और मामला काफी तूल पकड़ गया.
क्या था भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?
17 जून 2026 को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में सोशल एक्टिविस्ट भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी. परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि भरत तिवारी ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी उन पर गोलियां चलाई थी. वहीं, पुलिस की ओर से इस मामले में आत्मरक्षा में कार्रवाई की बात कही गई थी.