असम के गुवाहाटी में गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा निमिषा ठाकुरिया की मौत का मामला लगातार रहस्यमय होता जा रहा है. छात्रा की मौत के मामले में पुलिस हिरासत में लिए गए 26 वर्षीय आसिफ अली उर्फ आशिक अली ने मंगलवार तड़के कथित तौर पर पुलिस से भागने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने गोली चला दी. वहीं इसके बाद अब अशिफ अली की मां का वीडियो सामने आया है जिसमें वे न्याय की मांग कर रही है.

गोली उसके दाहिने पैर में लगी और उसे इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) ले जाया गया. सबसे अहम बात यह है कि यह घटनाक्रम उस दिन हुआ, जब आरोपी की आठ दिन की पुलिस रिमांड खत्म हो रही थी और उसे अदालत में पेश किया जाना था. अब निमिषा की मौत के साथ-साथ पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश और गोली चलने की घटना ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है.

कौन थी निमिषा ठाकुरिया?

निमिषा ठाकुरिया गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में Sociology की छात्रा थीं. वह गुवाहाटी के धारापुर इलाके की रहने वाली थीं. सितंबर के आखिरी सप्ताह में उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था. निमिषा का शव गुवाहाटी के रुद्राज किचन होमस्टे से बरामद किया गया था. पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई. शुरुआती जांच से ही पुलिस ने इसे गंभीर मामला माना और निमिषा की मौत के पीछे की परिस्थितियों को समझने के लिए कई पहलुओं की जांच शुरू कर दी.

होमस्टे में मिली थी निमिषा

पुलिस के मुताबिक, निमिषा को होमस्टे में बेहोशी की हालत में पाया गया था. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. शुरुआत में इस मौत को लेकर कई सवाल खड़े हुए. निमिषा होमस्टे तक कैसे पहुंचीं? उनके साथ वहां कौन था? उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? और सबसे बड़ा सवाल, क्या यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी? इन सवालों का जवाब फिलहाल जांच के जरिए तलाशा जा रहा है.

आरोपी आशिक अली ने क्या बताया?

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आशिक अली ने दावा किया था कि निमिषा ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की थी. हालांकि, पुलिस ने उसके इस दावे को तुरंत सच नहीं माना. गुवाहाटी पुलिस के अधिकारियों ने साफ कहा था कि आरोपी की बात को केवल उसके बयान के आधार पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी. पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल और दूसरे सबूतों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में उस रात क्या हुआ था.

पुलिस ने कहा- हर एंगल से होगी जांच

गुवाहाटी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने पहले कहा था कि आरोपी ने छात्रा की मौत को आत्महत्या बताया है, लेकिन पुलिस उसके बयान को बिना जांचे स्वीकार नहीं करेगी. जांचकर्ताओं के सामने कई सवाल हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निमिषा और आरोपी की मुलाकात कैसे हुई, दोनों के बीच क्या संबंध था और होमस्टे में पहुंचने से पहले क्या घटनाक्रम हुआ था. इसके अलावा निमिषा के शरीर पर मिले चोटों और पोस्टमार्टम से सामने आने वाली जानकारियों को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

दोनों के बीच था रिश्ता?

पुलिस ने बताया कि आशिक अली ने निमिषा के साथ संबंध होने की बात स्वीकार की थी. आरोपी के परिवार ने भी दावा किया है कि दोनों के बीच करीब पांच साल से संबंध थे. आशिक अली के पिता के मुताबिक, घटना वाले दिन निमिषा ने उनके बेटे को फोन किया था. वहीं आरोपी की मां ने दावा किया कि निमिषा एक बार ईद के मौके पर उनके घर भी आई थीं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है.

मौत का सच तलाश रही पुलिस

निमिषा की मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर होमस्टे के अंदर क्या हुआ था. एक तरफ आरोपी की ओर से आत्महत्या की बात कही गई, तो दूसरी तरफ पुलिस ने इस दावे को अंतिम सत्य मानने से इनकार किया है. जांचकर्ता घटनास्थल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, आरोपियों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि निमिषा की मौत वास्तव में कैसे हुई.

रिमांड खत्म होने से पहले आरोपी ने भागने की कोशिश क्यों की?

मंगलवार तड़के इस मामले में एक नया और बेहद गंभीर मोड़ तब आया, जब आरोपी आशिक अली ने कथित तौर पर पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, धारापुर इलाके में कार्रवाई के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनने की कोशिश की और वहां से भागने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी को भागने से रोकने के लिए पुलिस टीम को गोली चलानी पड़ी. गोली उसके दाहिने पैर/टखने के पास लगी.

गोली लगने के बाद GMCH पहुंचाया गया

घायल आरोपी को पुलिस ने तत्काल Gauhati Medical College and Hospital (GMCH) पहुंचाया. GMCH के अधीक्षक देवजीत चौधरी के मुताबिक, आरोपी को सुबह करीब 5:30 बजे अस्पताल लाया गया था. उन्होंने बताया कि उसके दाहिने टखने के जोड़ के पास दो गोली के घाव थे. उसकी हालत स्थिर बताई गई और पैर पर कास्ट लगाकर उसे Orthopaedic Department में इलाज के लिए रखा गया यानी जिस आरोपी को उसी दिन अदालत में पेश किया जाना था, वह पुलिस हिरासत से भागने की कथित कोशिश के बाद अस्पताल पहुंच गया.

8 दिन की पुलिस रिमांड भी खत्म हो रही थी

इस घटनाक्रम की टाइमिंग भी काफी महत्वपूर्ण है. आशिक अली की आठ दिन की पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो रही थी. उसे इसी दिन अदालत के सामने पेश किया जाना था. लेकिन अदालत में पेशी से पहले ही धारापुर में कथित तौर पर भागने की कोशिश और पुलिस फायरिंग की घटना हो गई. अब इस घटना की भी जांच होगी कि आरोपी ने आखिर पुलिस से भागने की कोशिश क्यों की और उसने पुलिसकर्मी की राइफल छीनने का प्रयास किन परिस्थितियों में किया.