सरकारी नौकरी मिलना आज भी लाखों युवाओं का सपना होता है. इसके लिए लोग सालों तक मेहनत करते हैं, परीक्षाएं देते हैं और नौकरी मिलने के बाद अपनी जिंदगी सुरक्षित मानते हैं. लेकिन अगर कोई सरकारी कर्मचारी नौकरी में रहते हुए एक से ज्यादा शादी करता है, तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

असम सरकार ने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. अब एक से ज्यादा शादी करने के दोषी पाए जाने पर न सिर्फ सरकारी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा, बल्कि भविष्य में दोबारा सरकारी नौकरी पाने का रास्ता भी बंद हो सकता है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 नवंबर को कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी.

असम सरकार ने क्या नया नियम बनाया?

असम सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए शादी से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है. पहले भी राज्य में सरकारी कर्मचारियों को एक से ज्यादा शादी करने से रोका गया था, लेकिन अब इसके लिए सीधे नौकरी खत्म करने का प्रावधान किया गया है. सरकार ने असम सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1964 में बदलाव किया है. इसके तहत नियम 7 में क्लॉज 6 जोड़ा गया है.

दूसरी शादी करने पर जाएगा सरकारी नौकरी

नए प्रावधान के मुताबिक, अगर कोई सरकारी कर्मचारी एक से ज्यादा शादी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है. इतना ही नहीं, वह आगे किसी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर पाएगा.

पहले भी जारी हो चुका है आदेश

ऐसा नहीं है कि असम सरकार ने पहली बार इस तरह का कदम उठाया है. अक्टूबर 2023 में भी राज्य सरकार ने एक आदेश जारी किया था. इसमें साफ कहा गया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने जीवनसाथी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं कर सकता. ऐसा करने के लिए उसे पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी.

क्या महिला-पुरुष दोनों पर लागू होता है नियम?

खास बात यह थी कि यह नियम सिर्फ पुरुष कर्मचारियों पर लागू नहीं था. महिला सरकारी कर्मचारी भी अगर ऐसे पुरुष से शादी करती हैं, जिसकी पत्नी पहले से जीवित है, तो उन पर भी कार्रवाई हो सकती है. उस समय नियम तोड़ने पर विभागीय जांच और जबरन रिटायरमेंट जैसी सजा का प्रावधान था.

बजट में भी किया गया था ऐलान

इस फैसले की नींव जुलाई 2026 में रखी गई थी. असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते समय इस दिशा में सख्त नियम बनाने का प्रस्ताव रखा था. सरकार का कहना था कि इस कदम का मकसद महिलाओं को अधिकार दिलाना और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है. बजट में यह प्रस्ताव भी रखा गया था कि एक से ज्यादा शादी करने वाले पुरुषों को सरकार की अधिसूचित कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है.

अब सरकारी कर्मचारियों को रखना होगा ध्यान

नए बदलाव के बाद असम में सरकारी नौकरी करने वालों के लिए यह नियम काफी अहम हो गया है. अब एक से ज्यादा शादी करने का दोषी पाए जाने पर नौकरी गंवाने के साथ भविष्य में सरकारी रोजगार का मौका भी खत्म हो सकता है. यानी सरकार ने साफ कर दिया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.