मुंबई के CCI क्लब में गजब का नाटक, शख्स ने उतार दिया शॉर्ट्स, CCTV में कैद, वजह क्या?
मुंबई के CCI क्लब में एक गेस्ट ने ड्रेस कोड के नियम को अजीब तरीके से निभाते हुए सबके सामने शॉर्ट्स उतार दीं. इस हरकत को गंभीर मानते हुए क्लब ने तुरंत लाइफटाइम बैन लगा दिया.
साउथ मुंबई के मशहूर क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) में एक बहुत ही अजीब घटना घटी है. यह घटना एटिकेट के नियमों को तोड़ने की वजह से हुई, लेकिन इस बार कारण न तो कोई झगड़ा था, न कोई बकाया बिल, और न ही कोई सामान्य नियम तोड़ना. बल्कि एक मेहमान ने क्लब के शांत और आरामदेह माहौल को इतना ज्यादा गंभीरता से ले लिया कि पूरी क्लब हिल गई.
क्लब ने अपने सदस्यों को एक आधिकारिक मैसेज भेजा, जिसमें बताया गया कि 21 मार्च की शाम को एक नॉन मेंबर गेस्ट जिसका नाम हॉवेल बताया जा रहा है, ने क्लब के सख्त ड्रेस कोड का उल्लंघन किया. रात करीब 8:08 बजे वह क्लब की पहली मंजिल पर स्थित पॉपुलर बार '22 यार्ड्स' में शॉर्ट्स पहनकर घुसा.
सबके सामने उतार दी शॉर्ट्स
क्लब के नियमों के अनुसार शॉर्ट्स पहनकर अंदर आना पूरी तरह मना है. जब स्टाफ ने बड़ी विनम्रता से उन्हें नियम की याद दिलाई और कहा कि कृपया ड्रेस कोड का पालन करें, तो हॉवेल ने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया. वे अपने शॉर्ट्स उतारने के लिए तैयार नहीं थे. फिर जो हुआ, वह किसी की कल्पना से भी बाहर था. बार में बैठे सभी सदस्यों, अन्य मेहमानों और स्टाफ के सामने हॉवेल ने अचानक अपनी शॉर्ट्स पूरी तरह से उतार दीं. इस तरह उन्होंने ड्रेस कोड की समस्या को तो एक अनोखे तरीके से 'सुलझा' लिया, लेकिन क्लब के माहौल को पूरी तरह बिगाड़ दिया. यह देखते ही बार के स्टाफ और सिक्योरिटी गार्ड्स ने तुरंत हस्तक्षेप किया.
लाइफटाइम लगा बैन
उन्होंने हॉवेल को तुरंत क्लब से बाहर निकाल दिया. इस घटना को क्लब की कार्यकारी समिति ने बहुत गंभीरता से लिया. समिति ने इसे "घोर दुर्व्यवहार और बेहद अशोभनीय व्यवहार" माना. नतीजतन, उन्होंने फैसला किया कि हॉवेल को तुरंत प्रभाव से क्लब में स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया जाए. साथ ही सदस्यों को सलाह दी गई कि वे भविष्य में कभी भी हॉवेल को अपने गेस्ट के रूप में क्लब में न लाएं. 27 मार्च को कमोडोर अतुल कुलकर्णी के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश ने साफ मैसेज दिया कि क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में "लापरवाही" और "बहुत ज्यादा लापरवाही" के बीच की सीमा को कभी भी पार नहीं किया जाना चाहिए. इस मामले में तो वो सीमा इतनी ज्यादा पार हो गई कि उसे "हटाना" भी जरूरी हो गया.