धनतेरस का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. कहते हैं इस दिन को पांच दिवसीय दीवाली के त्योहार की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन आयुर्वेद और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसी कारण इस दिन को 'धनवंतरी जयन्ती' के रूप में भी मनाया जाता है.

इसी दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता भगवान कुबेर की पूजा और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन मृत्यु के देवता यमराज के सामने दिया जलाया जाता है, जिससे घर में अकाल मृत्यु का भय दूर होता है.

 महालक्ष्मी अष्टकम पढ़ना शुभ

स्टेट मिरर से खास बातचीत में सुमिताचार्य ने बताया कि धनतेरस के दिन हल्दी , झाड़ू, बर्तन, पूजा का सामान, चांदी और सोना खरीदना शुभ माना जाता है. उन्होंने बताया कि ऐसा करने से भाग्य उन्नत होता है. मां लक्ष्मी भाव से प्रसन्न होती हैं और इस दिन महालक्ष्मी अष्टकम पढ़ना भी शुभ होता है. इसे पढ़ने से समस्त सिद्धियां प्राप्त होती हैं. घर में धन और धान्य की कभी कमी नहीं होती.

क्या खरीदने से बचना चाहिए

इस दिन उत्तर दिशा की ओर दीवार पर आईना लगाना सबसे शुभ माना जाता है, जिससे धन और सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है. इस दिन कांच, प्लास्टिक, एल्युमिनियम और लोहे की वस्तुएं खरीदने से बचना चाहिए. हालांकि अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोना, चांदी या पीतल के बर्तन खरीदे जा सकते हैं.धनतेरस पर सोना-चांदी के अलावा झाड़ू और नमक खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है, जिससे घर की आर्थिक तंगी दूर होती है. इस वर्ष धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा.