Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की आराधना का महत्व, दिन के अनुसार लगाए कौन सा भोग

Chaitra Navratri हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र पर्व माना जाता है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि हर दिन मां दुर्गा के एक विशेष स्वरूप की पूजा की जाती है और उसी के अनुसार अलग-अलग भोग अर्पित किया जाता है.

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By :  State Mirror Astro
Updated On : 15 March 2026 6:30 AM IST

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, एक वर्ष में चार नवरात्रि आते हैं, जिसमें चैत्र, शारदीय, माघ और आषाढ़ गुप्त नवरात्रि. चैत्र और शारदीय नवरात्रि गृहस्थ करते हैं जबकि माघ और आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्रि तांत्रिक विद्या के लिए किए जाते हैं. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं. नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्जना होती है. नवरात्रि के पहले दिन यानि चैत्र प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के साथ ही मां के पहले स्वरूप मां शैल-पुत्री की पूजा, आरती और भोग अर्पित किया जाता है.

फिर हर एक दिन मां के स्वरूपों की पूजा और उनकी प्रिय चीजों का भोग अर्पित किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि पर दिन के अनुसार मां दुर्गा को उनका प्रिय और विशेष भोग लगाया जाता है. इससे मां प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं. आइए जानते हैं 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के किस स्वरूप को कौन सा विशेष भोग लगाना शुभ माना जाता है.

नवरात्रि पहला दिन- मां शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि पर मां शैलपुत्री की पूजा विधि-विधान से करने का विधान होता है. इस दिन देवी दुर्गा को शुद्ध देसी घी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. मां शैलपुत्री को घी का भोग लगाने से सुख और अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिलता है.

मां ब्रह्राचारिणी को किस चीज का लगाएं भोग?

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्राचारिणी की पूजा होती है. इस दिन देवी को शक्कर और मिश्री का भोग लगाया जाता है. इससे घर में सुख-शांति, वैभव और संपन्नता आती है.

मां चंद्रघंटा

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा और आराधना करने का विधान होता है. इस दिन देवी दुर्गा को दूध और दूध से बनी मिठाईयों का भोग लगाया जाता है. इससे शांति और आत्मबल की प्राप्ति होती है.

मां कूंष्मांडा को भोग में क्या है प्रिय

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूंष्मांडा की पूजा करने का विधान होता है और इस दिन देवी दुर्गा को मालपुआ का भोग लगाया जाता है. इससे घर में सुख, समृद्धि और हर एक मनोकामनाओँ की पूर्ति होती है.

मां स्कंदमाता

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा करने का विधान है. इस दिन मां को केले का भोग बहुत ही प्रिय होता है. इससे भक्तों को बुद्धि और अच्छी सेहत का लाभ मिलता है.

मां कात्यायनी को भोग में क्या चढ़ाए?

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है. मां के इस स्वरूप को शहद का भोग अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इससे जीवन में सुख, सौभाग्य और शांति प्राप्ति होती है.

मां कालरात्रि

नवरात्रि के सातवें दिन मां के कालरात्रि स्वरूप की पूजा करने का विधान होता है. इस माता को गुड़ और इससे बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है. इससे नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं.

मां महागौरी का क्या है भोग?

नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी स्वरूप की पूजा होती है. इस दिन मां को नारियल का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इससे भक्तों की हर एक मनोकामना पूरी होती है.

मां सिद्धिदात्री

नवरात्रि के नवें दिन मां के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा करने का विधान होता है. इस दिन मां को हलवा-पूरी और तिल से बने प्रसाद का भोग लगाना बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है. इससे देवी दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है.

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