कब है पापमोचिनी एकादशी, जानिए व्रत का महत्व, पूजा विधि और उपाय

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि पापमोचिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

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By :  स्टेट मिरर डेस्क
Updated On : 14 March 2026 7:30 AM IST

15 मार्च को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और इस दिन पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष महत्व होता है. यह व्रत जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस एकादशी पर व्रत रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है. सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है.

मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से मन और शरीर दोनों की शुद्धि होती है और व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है. शास्त्रों में एकादशी को सभी व्रतों में श्रेष्ठ बताया गया है. पौराणिक ग्रंथों में बताया गया है कि संसार में ऐसा कोई मनुष्य नहीं है जिससे कभी न कभी कोई भूल या पाप न हुआ हो. ऐसे में पापमोचिनी एकादशी का व्रत उन पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है. इसलिए श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत को करने का विशेष महत्व बताया गया है.

भगवान विष्णु की करें पूजा

पापमोचिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप की पूजा करने का विधान बताया गया है. व्रत रखने वाले भक्त को दशमी तिथि के दिन केवल एक बार सात्विक भोजन करना चाहिए और मन को संयमित रखते हुए भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए. एकादशी के दिन प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें. इसके बाद मन में व्रत का संकल्प लें. भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र को पंचामृत से स्नान कराएं और पीला चंदन लगाएं. इसके बाद पीले पुष्प अर्पित करें और धूप-दीप जलाकर आरती करें.पूजा के बाद व्रत की कथा पढ़ें और पूरे दिन भगवान विष्णु का ध्यान करते रहें. इस दिन जितना संभव हो “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करना बहुत फलदायी माना गया है. साथ ही घर में विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है.

पापमोचिनी एकादशी पर क्या करना फलदायी

पापमोचिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय मंत्र जप का विशेष महत्व माना गया है. सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराकर पीला चंदन और पीले फूल अर्पित करें. पूरे दिन भगवान विष्णु के मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करें.

दान करें

पापमोचिनी एकादशी के दिन दान करना भी बहुत शुभ माना गया है. इस दिन ब्राह्मणों या जरूरतमंद लोगों को अन्न, फल, मिठाई, वस्त्र, पुस्तक या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान किया जा सकता है. अन्न का दान करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती.

दीपदान का विशेष महत्व

शास्त्रों के अनुसार पापमोचिनी एकादशी के दिन दीपदान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए किसी मंदिर, पवित्र नदी, सरोवर या फिर तुलसी और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप जलाना चाहिए. इससे जीवन में मौजूद नकारात्मकता और अंधकार दूर होने की मान्यता है.

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