Akshaya Tritiya 2026: कब है अक्षय तृतीया 19 या 20 अप्रैल, जानिए शुभ तिथि, महत्व और सोना-चांदी खरीदने का मुहूर्त

Akshaya Tritiya 2026 को लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन बना हुआ है. हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व वैशाख मास की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन सोना-चांदी खरीदना, नई शुरुआत करना और निवेश करना विशेष फलदायी माना जाता है.

कब है अक्षय तृतीया 2026

(Image Source:  META AI )
By :  State Mirror Astro
Updated On : 5 April 2026 6:30 AM IST

हिंदू धर्म में वैशाख माह का विशेष महत्व होता है. इस माह में अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है जो बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है. अक्षय तृतीया को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया का पर्व हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है.

अक्षय तृतीया के दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य जरूर सफल होता है और साथ ही इसमें हमेशा वृद्धि होती है. इसी वजह से अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी की खरीदारी, नए मकान या जमीन का सौदा और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं इस साल कब है अक्षय तृतीया, इसका धार्मिक महत्व क्या है और इस दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.

अक्षय तृतीया 2026 कब है?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर वर्ष अक्षय तृतीया का त्योहार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है. इस साल अक्षय तृतीया का पर्व अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 19 अप्रैल 2026 को है. ज्योतिष शास्त्र में अक्षय तृतीया की तिथि को बहुत ही शुभ तिथि माना जाता है और मान्यता है कि अगर अक्षय तृतीया बुधवार के दिन ओर रोहिणी नक्षत्र में पड़े तो इसका महत्व काफी बढ़ जाता है.

सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी के आभूषण खरीदने की खास परंपरा होती है. ऐसी मान्यता है अक्षय तृतीया के दिन खरीदा गया सोना-चांदी कभी भी क्षय नहीं होता है और निरंतर इसमें वृद्धि होती है. इससे धन में लगातार वृद्धि और सुख-समृद्धि आती है. इस साल अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल 2026 को सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा अक्षय तृतीया एक स्वंय सिद्ध और अबूझ मुहूर्त है जिसमें शुभ कार्य करने के लिए किसी तरह के पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है. ऐसे में लोग इस दिन व्यवसाय, गृह प्रवेश, विवाह और घर के सौदे या किसी तरह के निवेश संबंधी योजना की शुरुआत कर सकते हैं.

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया के पर्व का विशेष महत्व होता है. अक्षय तृतीया में अक्षय शब्द का मतलब- जिसका कभी भी क्षय ना हो. इस कारण से इस दिन सोना-चांदी, मकान, जमीन की खरीदारी करने से जीवन में निरंतर वृद्धि होती है. इसके अलावा इस दिन पूजा-पाठ, जप तप, दान करने से जीवन में सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व होता है. अक्षय तृतीया को ज्योतिषीय महत्व भी है क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशि में विराजमान रहते हैं. इसके अलावा इस तिथि का संबंध त्रेता और सतयुग से भी माना जाता है. अक्षय तृतीया के दिन है त्रेतायुग का आरंभ माना जाता है. साथ ही इस दिन द्वापर युग का अंत भी हुआ था. इसके अलावा अभय तृतीया पर भगवान परशुराम का प्राक्ट्य भी हुआ था. अक्षय तृतीया के दिन से चारधाम की पवित्र यात्रा की शुरुआत होती है. इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम खुल जाते हैं. इसके अलावा इस दिन ही वृंदावन के मंदिर मे बांकेबिहारी के चरणों के दर्शन होते हैं, जो साल में सिर्फ इसी एक दिन ही होते हैं.

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