वैशाख माह 2026: आरंभ हुआ पुण्य और धर्म का श्रेष्ठ महीना, जानें इस माह की 10 खास बातें

Vaishakh Month 2026 का आरंभ हो चुका है, जिसे हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और पुण्य फल देने वाला माना जाता है. इस महीने में स्नान, दान, जप और पूजा का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि वैशाख माह में किए गए शुभ कार्य कई गुना फल देते हैं.

वैशाख माह की खासियत

(Image Source:  AI GROK )
By :  State Mirror Astro
Updated On : 5 April 2026 7:30 AM IST

हिंदू पंचांग का दूसरा महीना वैशाख 3 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है. सनातन धर्म में इस माह को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है. शास्त्रों में वैशाख मास को सभी महीनों में सर्वोत्तम बताया गया है. जिस प्रकार सतयुग का कोई विकल्प नहीं, वेदों जैसा कोई शास्त्र नहीं और गंगा जैसा कोई तीर्थ नहीं, उसी प्रकार वैशाख मास के समान कोई अन्य महीना नहीं है.

स्कंद पुराण में भी कहा गया है “न माधव समो मासो”,अर्थात माधव (वैशाख) के समान कोई महीना नहीं होता. इस माह में किए गए स्नान, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. आइए जानते हैं वैशाख माह की 10 महत्वपूर्ण बातें.

1. त्रेता युग का आरंभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से त्रेता युग की शुरुआत हुई थी. यही कारण है कि यह महीना ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

2. जल दान का विशेष महत्व

वैशाख के महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है. ऐसे में प्यासे लोगों, पशु-पक्षियों को पानी पिलाना बहुत पुण्यदायी माना गया है. सड़क किनारे प्याऊ लगवाना या जल की व्यवस्था करना न केवल सेवा है, बल्कि यह बड़ा धार्मिक कार्य भी है.

3. भगवान विष्णु यानी माधव की पूजा

इस पूरे महीने भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है. वैशाख में भगवान विष्णु को “माधव” रूप में पूजा जाता है. गंगा स्नान, तुलसी पत्र अर्पित करना और नियमित पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है.

4. अक्षय तृतीया का पावन पर्व

वैशाख माह में आने वाला अक्षय तृतीया बेहद शुभ माना जाता है. इसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है, यानी इस दिन बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है. इस दिन किया गया दान और खरीदारी अक्षय (कभी खत्म न होने वाला) फल देती है. इसी दिन भगवान परशुराम का प्राक्ट्य भी हुआ था.

5. गंगा स्नान का महत्व

वैशाख माह में पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दौरान गंगा स्नान करने से जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है.

6. दान-पुण्य का बढ़ता महत्व

गर्मी के कारण इस माह में हाथ का पंखा, घड़ा, चटाई, सत्तू, खरबूजा आदि का दान करना बहुत शुभ माना जाता है. यह दान न केवल जरूरतमंदों की सहायता करता है, बल्कि पितरों का आशीर्वाद भी दिलाता है.

7. मोहिनी एकादशी का व्रत

वैशाख माह में आने वाली मोहिनी एकादशी का विशेष महत्व है. धार्मिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर समुद्र मंथन से निकले अमृत को देवताओं को पिलाया था और असुरों को उससे दूर रखा था.

8. धन-समृद्धि के लिए विशेष समय

यह महीना माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए भी उत्तम माना जाता है. इस दौरान श्रीसूक्त का पाठ और सफेद वस्तुओं का दान करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है.

9. वैशाख स्नान व्रत का संकल्प

वैशाख माह में सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना और भगवान विष्णु का ध्यान करना “वैशाख स्नान व्रत”कहलाता है. इस व्रत को करने से शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

10. बुद्ध पूर्णिमा का महत्व

वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है. इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था. इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. जिसे पीपल पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है.

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