क्या रत्न धारण करने से ग्रह मजबूत होते हैं? जानिए किस ग्रह के लिए कौन-सा रत्न माना जाता है शुभ

रत्न धारण करने से ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित और मजबूत करने में मदद मिल सकती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर ग्रह के लिए अलग रत्न शुभ माना जाता है, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव और खुशहाली ला सकता है.

कौन- सा रत्न पहनना चाहिए

(Image Source:  AI SORA )
By :  State Mirror Astro
Updated On : 4 April 2026 6:30 AM IST

ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि जब जन्म कुंडली में कोई ग्रह कमजोर, पीड़ित या अशुभ स्थिति में होता है, तो उसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियाँ ला सकता है जैसे आर्थिक दिक्कतें, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, मानसिक तनाव या कार्यों में रुकावट. ऐसे समय में सही रत्न धारण करना लाभकारी माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार हर ग्रह का संबंध एक विशेष रत्न से होता है.

उचित सलाह लेकर सही रत्न पहनने से उस ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और उसके दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं. हालांकि, बिना कुंडली की जांच के रत्न पहनना उचित नहीं माना जाता, क्योंकि गलत रत्न लाभ के बजाय नुकसान भी दे सकता है. आइए जानते है किस ग्रह के लिए कौन-सा रत्न धारण करना शुभ माना गया है.

1. सूर्य और माणिक्य

सूर्य ग्रह आत्मा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, ऊर्जा, पद-प्रतिष्ठा और मान-सम्मान का प्रतीक होता है. यदि सूर्य कमजोर हो जाए तो व्यक्ति में आत्मबल की कमी, निर्णय लेने में कठिनाई और प्रतिष्ठा में गिरावट देखने को मिल सकती है. ऐसी स्थिति में माणिक्य धारण करना लाभकारी माना जाता है. इसे सोने की अंगूठी में जड़वाकर रविवार के दिन पहनना शुभ होता है.

2. चंद्र और मोती

चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है. कमजोर चंद्रमा के कारण व्यक्ति को चिंता, अनिद्रा और मानसिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है. मोती धारण करने से मन को शांति मिलती है और भावनात्मक संतुलन बेहतर होता है. इसे चांदी में सोमवार के दिन पहनना अच्छा माना जाता है.

3. मंगल और मूंगा

मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा और पराक्रम का कारक है. इसके कमजोर होने पर गुस्सा, डर, रक्त संबंधी समस्याएं या विवाद बढ़ सकते हैं. लाल मूंगा पहनने से आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है. इसे मंगलवार को तांबे या सोने में पहनना शुभ माना जाता है.

4. बुध और पन्ना

बुध ग्रह बुद्धि, वाणी और व्यापार से जुड़ा होता है. अगर बुध कमजोर हो तो व्यक्ति को पढ़ाई, व्यापार और संवाद में परेशानी हो सकती है. पन्ना धारण करने से बुद्धि तेज होती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है. इसे बुधवार को सोने में पहनना उचित माना जाता है.

5. बृहस्पति और पुखराज

बृहस्पति (गुरु) ज्ञान, धन, विवाह और भाग्य का कारक है. इसके कमजोर होने पर आर्थिक समस्याएं, विवाह में देरी या जीवन में अस्थिरता आ सकती है. पुखराज धारण करने से भाग्य मजबूत होता है और जीवन में स्थिरता आती है. इसे गुरुवार को सोने में पहनना शुभ माना जाता है.

6. शुक्र और हीरा

शुक्र ग्रह प्रेम, सुंदरता, सुख-सुविधा और वैवाहिक जीवन का प्रतीक है. कमजोर शुक्र के कारण रिश्तों में तनाव और आर्थिक कठिनाई आ सकती है. हीरा धारण करने से आकर्षण बढ़ता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इसे शुक्रवार को चांदी या प्लैटिनम में पहनना अच्छा माना जाता है.

7. शनि और नीलम

शनि कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह है. इसके अशुभ होने पर जीवन में देरी, संघर्ष और बाधाएं बढ़ सकती हैं. नीलम बहुत प्रभावशाली रत्न माना जाता है, इसलिए इसे पहनने से पहले परीक्षण करना जरूरी होता है. सही होने पर यह तेजी से सकारात्मक परिणाम देता है. इसे शनिवार को लोहे या पंचधातु में पहनना शुभ माना जाता है.

8. राहु और गोमेद

राहु भ्रम, अचानक घटनाओं और मानसिक उलझनों का कारक माना जाता है. इसके प्रभाव से व्यक्ति को डर, असमंजस और गलत निर्णयों का सामना करना पड़ सकता है. गोमेद धारण करने से राहु के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है. इसे शनिवार को चांदी में पहनना उत्तम माना जाता है.

9. केतु और लहसुनिया

केतु को आध्यात्मिकता और अंतर्ज्ञान का ग्रह माना जाता है. इसके अशुभ होने पर मानसिक तनाव, अस्थिरता और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है. लहसुनिया पहनने से एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. इसे मंगलवार या गुरुवार को चांदी में धारण करना शुभ माना गया है.

Similar News