स्मोकिंग और तंबाकू ही नहीं Oral S** से भी हो सकता है कैंसर! बिन घबराए समझें मेडिकली

क्या ओरल सेक्स से गले का कैंसर हो सकता है? डॉक्टरों के मुताबिक HPV वायरस इसका कारण बन सकता है. जानिए इसके लक्षण, खतरे और बचाव के तरीके.

( Image Source:  Sora_ AI )

भारत में लंबे समय तक गले के कैंसर को मुख्य रूप से धूम्रपान और तंबाकू चबाने से जोड़कर देखा जाता रहा है.इंडिया टुडे  की रिपोर्ट के मुताबिक, अब डॉक्टरों का कहना है कि बदलती लाइफस्टाइल और यौन व्यवहार के कारण एक नया कारण तेजी से चर्चा में सामने आया है जो कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV). यह एक आम वायरस है जो अंतरंग संपर्क, खासकर ओरल सेक्स के जरिए भी फैल सकता है और गले के कैंसर से जुड़ा पाया जा रहा है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में अभी भी गले के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू ही है, लेकिन दुनिया के कई देशों जैसे अमेरिका और ब्रिटेन में HPV संक्रमण अब इस बीमारी का प्रमुख कारण बन चुका है. इस बदलाव ने यौन स्वास्थ्य, HPV जागरूकता और टीकाकरण को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है.

क्या HPV वायरस गले के कैंसर की नई वजह बन रहा है?

डॉक्टरों के मुताबिक, इसके मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं. HPV दुनिया भर में पाए जाने वाले सबसे सामान्य वायरल संक्रमणों में से एक है. अधिकांश मामलों में यह संक्रमण अपने आप खत्म हो जाता है, लेकिन इसके कुछ हाई-रिस्क स्ट्रेन जैसे HPV-16 और HPV-18 शरीर में लंबे समय तक बने रहकर कैंसर का कारण बन सकते हैं.

ये स्ट्रेन आमतौर पर सर्वाइकल कैंसर से जुड़े माने जाते हैं, लेकिन अब शोध से पता चला है कि ये ओरोफैरिंजियल कैंसर यानी गले के ऊपरी हिस्से, टॉन्सिल और जीभ के आधार वाले हिस्से में होने वाले कैंसर से भी जुड़े हैं. डॉक्टरों का कहना है कि ओरल सेक्स के दौरान यह वायरस गले के टिश्यू में पहुंच सकता है और लंबे समय तक मौजूद रहकर कैंसर का कारण बन सकता है.

डॉ. बी. निरंजन नाइक ने कहा कि, 'अगर यह वायरस शरीर में कई सालों तक बना रहता है, तो यह कोशिकाओं के सामान्य नियंत्रण तंत्र में बाधा डाल सकता है और धीरे-धीरे कैंसर का कारण बन सकता है. आमतौर पर इस प्रोसेस में 10 से 30 साल तक का समय लग सकता है। पश्चिमी देशों में HPV से जुड़े गले के कैंसर के बढ़ते मामलों का संबंध यौन व्यवहार में बदलाव, अधिक संख्या में यौन साथी होने और पिछली पीढ़ियों में HPV वैक्सीन की कमी से जुड़ा हुआ है.

भारत में गले के कैंसर की स्थिति क्या कहती है?

आंकड़े बताते हैं कि भारत में अभी भी तंबाकू सबसे बड़ा कारण है. भारत दुनिया में हेड और नेक कैंसर के सबसे ज्यादा मामलों वाले देशों में शामिल है. कैंसर रजिस्ट्रियों के अनुसार, देश में होने वाले कुल कैंसर मामलों में लगभग एक-तिहाई हिस्सेदारी सिर और गर्दन के कैंसर की है. हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि भारत में अभी भी गले के कैंसर के ज्यादातर मामले तंबाकू और धूम्रपान से जुड़े हैं. HPV से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी जरूर देखी जा रही है, लेकिन इनकी संख्या पश्चिमी देशों की तुलना में अभी कम है. डॉक्टरों ने यह भी नोट किया है कि हाल के वर्षों में 40 से 50 साल की उम्र के कई पुरुष ऐसे सामने आ रहे हैं जिन्हें गले का कैंसर हुआ है, जबकि उन्होंने कभी धूम्रपान या तंबाकू का सेवन नहीं किया. ऐसे मामलों में HPV संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है.

गले के कैंसर के शुरुआती संकेत क्या होते हैं?

कई बार शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए लोग नजरअंदाज कर देते हैं. गले का कैंसर तब होता है जब गले की कोशिकाओं में जेनेटिक बदलाव हो जाते हैं और वे अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं. इसके शुरुआती चेतावनी संकेतों में शामिल हैं-

  • आवाज का लंबे समय तक बैठा रहना
  • दो सप्ताह से ज्यादा समय तक गले में दर्द
  • निगलने में परेशानी
  • कान में दर्द
  • गर्दन या गले में गांठ
  • अचानक वजन कम होना

डॉक्टरों का कहना है कि समय पर पहचान और इलाज से कैंसर का इलाज संभव है, इसलिए इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉ. अय्यर ने कहा कि 'कैंसर का इलाज संभव है, अगर इसका पता शुरुआती चरण में चल जाए। समय पर जांच और सही वक्त पर इलाज की अहमियत को कम करके नहीं आंका जा सकता। वास्तव में, यही सबसे महत्वपूर्ण कारक है जो इलाज के परिणाम को तय करता है.'

क्या HPV वैक्सीन गले के कैंसर से भी बचा सकती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अप्रत्यक्ष रूप से जोखिम कम कर सकती है. HPV संक्रमण को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सरकार भी टीकाकरण पर जोर दे रही है. 28 फरवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में 14 साल की लड़कियों के लिए HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर को रोकना है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैक्सीन HPV से जुड़े अन्य कैंसर, जैसे गले के कैंसर के खतरे को भी अप्रत्यक्ष रूप से कम कर सकती है. कई डॉक्टर अब यह भी सलाह दे रहे हैं कि लड़कों को भी HPV वैक्सीन दी जानी चाहिए, क्योंकि यह वायरस यौन संपर्क के जरिए फैलता है और पुरुष व महिला दोनों को प्रभावित कर सकता है.

Similar News