रिंग में उतरकर मेडल जीतना सिर्फ मुकाबले के कुछ मिनटों की कहानी नहीं होती, बल्कि इसके पीछे घंटों की मेहनत और रोज का डिसिप्लिन छिपा होता है. Asian Games 2026 में Gold Medal जीतने वाली बॉक्सर Lovlina Borgohain की फिटनेस भी उनकी इसी कड़ी तैयारी का हिस्सा है.

सुबह जल्दी उठकर ट्रेनिंग शुरू करना, दिन में दो सेशन करना और वजन को तय सीमा में रखने के लिए डाइट पर कंट्रोल करना उनके डेली रूटीन का हिस्सा रहा है. उनकी डाइट में अंडे, चिकन जैसी चीजें शामिल रही हैं, ताकि ट्रेनिंग के दौरान शरीर को जरूरी पोषण मिल सके. 

क्या है लवलीना बोरगोहेन का रूटीन?

लवलीना की बॉक्सिंग की शुरुआत से ही उनकी ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया गया. उनके कोच पदुम बोरो ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि लवलीना अपनी तैयारी को लेकर काफी अनुशासित थीं. उनका दिन सुबह जल्दी शुरू हो जाता था. वह करीब 5 बजे उठती थीं और एक घंटे बाद यानी सुबह 6 बजे ट्रेनिंग के लिए पहुंच जाती थीं. सुबह की प्रैक्टिस करीब दो घंटे चलती थी.

दिन में दो बार होती थी ट्रेनिंग

सुबह की ट्रेनिंग के बाद आराम और दूसरे जरूरी कामों के बाद दोपहर में फिर से रिंग की तैयारी शुरू हो जाती थी. दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक उनका दूसरा ट्रेनिंग सेशन चलता था. यानी खुद को मुकाबले के लिए तैयार रखने के लिए लवलीना रोज दो बार घंटों पसीना बहाती थीं.

कैसी है बॉक्सर की डाइट?

instagram-@lovlina_borgohain

रिंग में दमदार परफॉर्म के लिए सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं, बल्कि खाने का भी खास ध्यान रखना पड़ता है. लवलीना की डाइट भी उनकी बॉक्सिंग की तैयारी का अहम हिस्सा रही है. कोच पदुम बोरो के मुताबिक, SAI सेंटर में उनके लिए जो खाना तय किया जाता था, वह उसी डाइट को फॉलो करती थीं. उनके दिन की शुरुआत दो अंडों से होती थी. रात के खाने में भी दो अंडे शामिल रहते थे. वहीं दोपहर और रात के खाने में चिकन या मछली दी जाती थी. यानी लवलीना की प्लेट में प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल रहती थीं, जिससे उनकी ट्रेनिंग के दौरान शरीर को जरूरी ताकत मिल सके.

कैसे कंट्रोल रखती हैं वजन?

लवलीना के लिए रिंग की तैयारी के साथ अपना वजन सही रखना भी उतना ही जरूरी रहा है. एशियन गेम्स 2026 से पहले उनके पिता टाइकेन बोरगोहेन ने बताया था कि वह वजन कंट्रोल करने के लिए अपनी डाइट का खास ख्याल रख रही थीं. बॉक्सिंग की तय कैटेगरी में बने रहने के लिए उनका वजन बढ़ना परेशानी खड़ी कर सकता था, इसलिए वह खाने-पीने को लेकर काफी सतर्क थीं.