RCB की खुशियों को लगी किसकी नजर? बेंगलुरु भगदड़ हादसे में एक के बाद एक एक्शन; सोशल मीडिया में ट्रेंड हुआ #ArrestKohli
3 जून 2025… वो तारीख जिसे RCB के फैंस ने 18 साल से याद रखने की कसम खा रखी थी. आखिरकार, विराट कोहली की टीम ने IPL की ट्रॉफी अपने नाम की और पूरे बेंगलुरु में जश्न का माहौल बन गया. लेकिन जीत की ये खुशी महज 24 घंटे भी नहीं टिक सकी.
3 जून 2025… वो तारीख जिसे RCB के फैंस ने 18 साल से याद रखने की कसम खा रखी थी. आखिरकार, विराट कोहली की टीम ने IPL की ट्रॉफी अपने नाम की और पूरे बेंगलुरु में जश्न का माहौल बन गया. लेकिन जीत की ये खुशी महज 24 घंटे भी नहीं टिक सकी. 4 जून की शाम जब लाखों लोग चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर RCB के सितारों की एक झलक पाने के लिए उमड़े, तब इस ऐतिहासिक जीत की कहानी एक दिल दहला देने वाले हादसे में बदल गई. जिसके बाद से सोशल मीडिया पर विराट कोहली के गिरफ्तारी की मांग हो ही है.
एक अफवाह-“फ्री एंट्री मिल रही है”- ने जैसे ही हवा पकड़ी, भीड़ बेकाबू हो गई. भगदड़ मची, चीख-पुकार गूंज उठी और उसी मैदान के बाहर 11 लोग- जिनमें एक 14 साल की बच्ची भी शामिल थी.अपनी जान गंवा बैठे. दर्जनों घायल हुए. जश्न की तस्वीरें अब सवालों के साए में हैं-पुलिस कहां थी? प्रशासन सो क्यों रहा था? क्या खिलाड़ियों की सुरक्षा ज्यादा जरूरी थी, जनता की नहीं? आइए जानते हैं मामले पर अब तक क्या हुआ?
- कर्नाटक सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी. दयानंदा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया.
- 5 अन्य पुलिस अधिकारी निलंबित जिसमें एसीपी सी. बालकृष्ण, डीसीपी शेखर एच. टेक्कनावर, एडिशनल कमिश्नर विकाश कुमार, इंस्पेक्टर ए.के. गिरीश को भी निलंबित किया गया.
- मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव के. गोविंदराज को पद से हटा दिया गया है, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया है.
- कर्नाटक इंटेलिजेंस विभाग के प्रमुख हेमंत निंबालकर का ट्रांसफर कर दिया गया है. उन्हें भगदड़ की आशंका को समय रहते नहीं भांपने के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
- आयोजन की जिम्मेदारी में RCB फ्रेंचाइजी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं-क्या उन्होंने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर समुचित प्लानिंग की थी?
- राज्य सरकार ने हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. जांच रिपोर्ट 15 दिनों में देने को कहा गया है.
- विपक्षी दलों ने इस हादसे को लेकर सरकार की "नाकामी" बताया है, जबकि कांग्रेस सरकार ने इसे "अप्रत्याशित भीड़" का नतीजा कहा.
- जहां एक तरफ RCB की जीत पर जश्न होना था, वहीं अब शहर शोक में डूबा है। सोशल मीडिया पर फैंस सरकार और प्रशासन को जमकर कोस रहे हैं.