कौन हैं Nidhi Razdan जिनसे जम्मू-कश्मीर CM Omar Abdullah ने की दूसरी शादी, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के नाम पर हुईं थीं फ्रॉड का शिकार
उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान से शादी की पुष्टि सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर की. जानिए निधि राजदान का पत्रकारिता करियर और उमर की पहली शादी के बारे में.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की है. उन्होंने पत्रकार निधि राजदान के साथ शादी कर ली है. दोनों के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन अब उमर अब्दुल्ला ने खुद सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने एक्स पर अपनी और निधि राजदान की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, ‘कल एक नई यात्रा शुरू हुई.’ इस पोस्ट में उन्होंने निधि राजदान को भी टैग किया है.
उमर अब्दुल्ला की इस पोस्ट के बाद उनकी शादी की खबर चर्चा में है. वहीं, दिल्ली में शनिवार को होने वाला एक खास आयोजन भी सुर्खियों में आ गया है. बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर हाउस में इस मौके पर चुनिंदा मेहमानों के लिए डिनर रखा गया है. मेहमानों की सूची में कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हैं.
दिल्ली में 71 खास मेहमानों के लिए आयोजन
उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की शादी के बाद दिल्ली में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. यह आयोजन पृथ्वीराज रोड स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस में रखा गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिनर के लिए करीब 71 चुनिंदा मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया है.
निमंत्रित लोगों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के नाम शामिल हैं. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, डेरेक ओ’ब्रायन, कपिल सिब्बल, निशिकांत दुबे और पवन खेड़ा को भी आमंत्रित किए जाने की खबर है. शादी की घोषणा के बाद इस आयोजन को रिसेप्शन से जोड़कर भी देखा जा रहा है.
कौन हैं निधि राजदान?
निधि राजदान देश की जानी-मानी पत्रकार और टेलीविजन एंकर हैं. उन्होंने लंबे समय तक NDTV के साथ काम किया है. करीब 22 साल के अपने पत्रकारिता करियर के दौरान वह चैनल के प्रमुख चेहरों में शामिल रहीं. उन्होंने ‘Left, Right & Centre’ और ‘The Big Fight’ जैसे चर्चित कार्यक्रमों को होस्ट किया. निधि राजदान का जन्म 11 अप्रैल 1977 को नई दिल्ली में हुआ था. उन्होंने दिल्ली के एपीजे स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की. इसके बाद लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया.पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके काम को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. इनमें रामनाथ गोयनका पुरस्कार और 2011 का टीचर अचीवमेंट अवॉर्ड शामिल हैं. उन्हें जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से भी उत्कृष्टता पुरस्कार मिल चुका है.
हार्वर्ड में नौकरी का ऑफर, खुशी में छोड़ दी NDTV की नौकरी
जून 2020 में निधि राजदान ने सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में नई जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं. उन्हें पत्रकारिता विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किए जाने की बात कही गई थी. इस नई शुरुआत के लिए उन्होंने NDTV से इस्तीफा दे दिया. शुरुआती योजना के मुताबिक, उन्हें सितंबर 2020 से हार्वर्ड में पढ़ाना शुरू करना था. लेकिन इसी बीच कोरोना महामारी का दौर आ गया. कथित तौर पर नौकरी का प्रस्ताव देने वालों ने महामारी का हवाला देते हुए जॉइनिंग टाल दी. उन्हें बताया गया कि अब उनकी कक्षाएं जनवरी 2021 से शुरू होंगी.
ऑनलाइन कार्यक्रमों में भी हार्वर्ड प्रोफेसर के तौर पर हुईं शामिल
जॉइनिंग की तारीख आगे बढ़ने के बावजूद निधि को शुरुआत में किसी बड़े संदेह का एहसास नहीं हुआ. इस दौरान वह कुछ ऑनलाइन पैनल चर्चाओं में हार्वर्ड की प्रोफेसर के तौर पर भी शामिल हुईं. उन्हें लग रहा था कि विश्वविद्यालय में पढ़ाने की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी संभाल लेंगी. हालांकि, समय बीतने के साथ नियुक्ति से जुड़ी कागजी कार्रवाई और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगातार देरी होने लगी. अलग-अलग स्तर पर मिल रही जानकारी में विसंगतियां भी सामने आने लगीं. यहीं से निधि को पूरे मामले पर शक हुआ.
सीधे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया, तब खुला धोखाधड़ी का मामला
मामले की सच्चाई जानने के लिए निधि राजदान ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संपर्क किया. उन्होंने कथित नौकरी के प्रस्ताव से जुड़े ईमेल और बातचीत की जानकारी विश्वविद्यालय के साथ साझा की. जांच-पड़ताल के बाद उन्हें पता चला कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने उन्हें ऐसी कोई नौकरी ऑफर ही नहीं की थी. यानी जिस नियुक्ति को सच मानकर उन्होंने NDTV की अपनी लंबी नौकरी छोड़ दी थी, वह एक फर्जी प्रस्ताव था. इस तरह वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के नाम का इस्तेमाल कर किए गए साइबर फ्रॉड का शिकार बन गईं. यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि धोखाधड़ी का शिकार कोई अनजान व्यक्ति नहीं, बल्कि देश की जानी-मानी पत्रकार थीं. इस घटना ने दिखाया कि प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम और फर्जी ईमेल के जरिए पढ़े-लिखे और अनुभवी लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है.
इससे पहले पायल नाथ से हुई थी उमर अब्दुल्ला की शादी
उमर अब्दुल्ला की इससे पहले पायल नाथ से शादी हुई थी. दोनों का विवाह 1 सितंबर 1994 को हुआ था. पायल नाथ को पायल अब्दुल्ला के नाम से भी जाना जाता है. हालांकि, लंबे समय तक अलग रहने के बाद दोनों ने कानूनी रूप से अलग होने का फैसला किया.
दी गई जानकारी के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद दोनों का आपसी सहमति से तलाक हुआ. इसके बाद उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान के रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं. अब उमर की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उनकी नई जिंदगी की शुरुआत की खबर सामने आई है.