हैदराबाद में महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर कथित तौर पर अवैध तरीके से अंडाणु (Egg) निकलवाने का एक बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने 30 अक्टूबर को शहर के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी कर इस कथित रैकेट का खुलासा किया. आरोप है कि महिलाओं को हर बार अंडाणु दान करने के बदले 30 हजार से 50 हजार रुपये देने का लालच दिया जा रहा था. इस मामले में पुलिस अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें मुख्य आरोपी अमित शर्मा और उसकी सहयोगी निकहत शर्मा भी शामिल हैं.

पुलिस की जांच में कम से कम 43 ऐसी महिलाओं के बारे में जानकारी सामने आई है, जिन्हें कथित तौर पर इस नेटवर्क के जरिए अंडाणु दान की प्रक्रिया के लिए हैदराबाद लाया गया था. ये महिलाएं पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत अलग-अलग राज्यों की रहने वाली हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इनमें से कई महिलाएं आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं. इसी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें पैसे कमाने का लालच दिया गया.

कैसे सामने आया महिलाओं के शोषण का मामला?

इस पूरे मामले की शुरुआत बेगमपेट इलाके की एक इमारत में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत से हुई. जाहांगीर खान नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी थी कि वहां बिना अनुमति अंडाणु दान से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं और महिलाओं का शोषण किए जाने की आशंका है.

शिकायत मिलने के बाद 30 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:40 बजे बेगमपेट पुलिस इंस्पेक्टर पी. सैदुलु पुलिसकर्मियों और हैदराबाद जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. जिस इमारत की जांच की गई, वह 'अमी नीता गर्ल्स हॉस्टल' के नाम से संचालित हो रही थी.

अधिकारियों ने जब परिसर का निरीक्षण किया तो वहां पांच अलग-अलग हिस्से मिले. इन जगहों पर करीब 13 महिलाएं रह रही थीं. पुलिस के मुताबिक, कुछ महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि अमित शर्मा ने उन्हें अंडाणु दान की एक प्रक्रिया के बदले करीब 50 हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया था. आर्थिक परेशानियों के कारण वे इस काम के लिए हैदराबाद आई थीं.

अलग-अलग राज्यों से महिलाओं को कैसे लाया गया?

एफआईआर में दर्ज महिलाओं के बयानों के मुताबिक, अमित शर्मा ने खुद को बिचौलिये की तरह पेश किया था. उसने महिलाओं को पैसे देने का भरोसा दिलाया और हैदराबाद पहुंचने के बाद उनके रहने की व्यवस्था बेगमपेट स्थित गर्ल्स हॉस्टल में कराई. इन महिलाओं को बताया गया था कि अंडाणु निकालने से जुड़ी मेडिकल प्रक्रिया बंजारा हिल्स स्थित पद्मजा फर्टिलिटी सेंटर, नर्मदा फर्टिलिटी सेंटर और ओएसिस फर्टिलिटी सेंटर में कराई जाएगी.

कुछ महिलाओं ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें इस प्रक्रिया के लिए हार्मोन के इंजेक्शन और दवाइयां दी जा रही थीं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिलाओं को अलग-अलग राज्यों से किस तरह संपर्क करके हैदराबाद लाया गया और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे.

हॉस्टल में मिले इंजेक्शन और दवाइयां, मेडिकल कचरे को लेकर भी सवाल

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जब हॉस्टल का निरीक्षण किया तो उन्हें वहां अधिकृत मेडिकल निगरानी के सबूत नहीं मिले. इसके अलावा परिसर में इस्तेमाल की गई मेडिकल सामग्री और वायल को भी उचित तरीके से नष्ट नहीं किया गया था. जांच के दौरान अधिकारियों को बायोमेडिकल कचरे के निपटान से जुड़े नियमों का पालन नहीं किए जाने के संकेत मिले. पुलिस ने मौके से हार्मोनल इंजेक्शन, टैबलेट, दवाइयां, मेडिकल से जुड़ी दूसरी सामग्री और कई दस्तावेज जब्त किए.

जब्त सामान में ह्यूमॉग एचपी 150 आईयू (मेनोट्रोफिन) इंजेक्शन की चार वायल भी शामिल थीं. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन दवाइयों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और महिलाओं को बिना उचित मेडिकल निगरानी के कोई प्रक्रिया तो नहीं कराई जा रही थी.

बेगमपेट से सरूरनगर तक एक साथ छापेमारी, 8 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने 30 अक्टूबर को बेगमपेट, सरूरनगर, प्रकाशनगर, एर्रागड्डा और शहर के अन्य इलाकों में एक साथ छापेमारी की. इस कार्रवाई में बेगमपेट और सरूरनगर पुलिस के साथ मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ऑपरेशंस टीम भी शामिल थी.

पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें अमित शर्मा और निकहत शर्मा के नाम प्रमुख हैं. निकहत पर बेगमपेट के हॉस्टल और दूसरे ठिकानों के संचालन की जिम्मेदारी संभालने का आरोप है. मल्काजगिरी की पुलिस कमिश्नर बी. सुमति ने द हिंदू को बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि अलग-अलग राज्यों से महिलाओं की भर्ती कैसे की गई और उन्हें हैदराबाद तक कैसे लाया गया.

आरोपियों पर मानव तस्करी से लेकर ART एक्ट के तहत केस

इस मामले में बेगमपेट पुलिस ने कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. आरोपियों पर मानव तस्करी, जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने, जानलेवा संक्रमण फैलने की आशंका वाले लापरवाहीपूर्ण कृत्य, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और संगठित अपराध से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा आरोपियों पर असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के तहत मानव अंडाणु यानी गैमेट्स की बिक्री से जुड़ा मामला भी दर्ज किया गया है.

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि महिलाओं को किसने भर्ती किया, उन्हें किन जगहों पर रखा गया, मेडिकल प्रक्रियाओं में किन लोगों की भूमिका थी और क्या इस कथित रैकेट का दायरा हैदराबाद से बाहर दूसरे राज्यों तक फैला हुआ था.