रेप, खून खराबा और अब नर बलि; नेताओं का हाथ देखने वाले Ashok Kharat की हर दिन खुल रही नई कुंडली

महाराष्ट्र के नासिक में अशोक खरात केस ने सनसनी फैला दी है. पुलिस कस्टडी 5 दिन बढ़ने के बीच कोर्ट में 5 लोगों की बलि देने का चौंकाने वाला शक जताया गया है. हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है. आने वाले दिन इस केस में कई बड़े खुलासे कर सकते हैं.

( Image Source:  @AIfarsi120-1-x )
Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 24 March 2026 5:08 PM IST

महाराष्ट्र के नासिक से सामने आए एक मामले ने सनसनी फैला दी है. जालसाजी के आरोपी अशोक खरात की पुलिस कस्टडी 5 दिन के लिए बढ़ा दी गई है. सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट में ऐसा दावा किया, जिसने पूरे केस को और गंभीर बना दिया है. अहम सवाल यह है कि क्या आरोपी ने 5 इंसानों की बलि दी?

क्या है पूरा मामला?

अशोक खरात (Ashok Kharat) पहले से ही जालसाजी के आरोपों में घिरा हुआ है. पुलिस इस केस में लगातार जांच कर रही थी, इसी बीच अदालत में उसकी पुलिस कस्टडी बढ़ाने की मांग की गई. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया.

कोर्ट में क्या हुआ सनसनीखेज खुलासा?

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने दावा किया कि आरोपी पर 5 लोगों की बलि देने का शक है. यह दावा सामने आते ही केस ने नया और बेहद गंभीर मोड़ ले लिया. हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह फिलहाल सिर्फ जांच के दौरान उठाया गया शक है, जिसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.

पुलिस कस्टडी बढ़ने का क्या मतलब?

पुलिस कस्टडी बढ़ने का मतलब है कि जांच एजेंसियां अब आरोपी से गहन पूछताछ कर सकेंगी. पुलिस नए सबूत जुटाने की कोशिश करेगी, संभावित पीड़ितों की पहचान और कथित “बलि” के एंगल की जांच पुलिस कर सकती है. यानी आने वाले 5 दिन इस केस के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं.

क्या कहती है जांच?

फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक तौर पर “बलि” वाले दावे की पुष्टि नहीं की है. जांच जारी है और कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है. यह मामला अब सिर्फ जालसाजी का नहीं, बल्कि संभावित गंभीर आपराधिक साजिश का रूप लेता दिख रहा है.

पडलकर ने जयंत पाटिल पर क्या आरोप लगाए?

बीजेपी विधायक Gopichand Padalkar ने दावा किया है कि एनसीपीएसपी के वरिष्ठ नेता Jayant Patil के Ashok Kharat से करीबी संबंध थे. उनका आरोप है कि पाटिल ने न सिर्फ खरात की मदद की, बल्कि कई मौकों पर उनके कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़े रहे. उन्होंने यह भी मांग की कि इस पूरे मामले में पाटिल की भूमिका की जांच होनी चाहिए.

‘खून-खराबा’ और मिरगांव विजिट का मामला क्या?

बीजेपी विधायक पडलकर के मुताबिक जयंत पाटिल अपने बेटे के साथ मिरगांव में खरात के पास गए थे, जहां कथित तौर पर कोई गंभीर घटना या “खून-खराबा” हुआ. इस दावे के बाद उन्होंने पुलिस से इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

 सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का कनेक्शन क्या?

बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि जयंत पाटिल ही खरात को ईश्वरपुर लेकर आए थे और वहां उनके कार्यक्रम आयोजित हुए. उन्होंने यह भी कहा कि जब पाटिल जल संसाधन मंत्री थे, तब खरात के ठिकाने तक डरना डैम से करीब 40 किमी लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी सप्लाई किया गया. अब सवाल उठ रहा है कि क्या इसमें सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हुआ?

खरात पर क्या आरोप हैं?

भोंदूबाबा अशोक खरात पर महिलाओं के साथ यौन शोषण, रेप के आरोप, धोखाधड़ी और ठगी जैसे कई गंभीर केस दर्ज हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके कथित राजनीतिक और प्रशासनिक कनेक्शन भी सामने आने लगे हैं. कई नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है.

क्या SIT जांच होगी?

पडलकर ने मांग की है कि Jayant Patil को इस केस में को-एक्यूज्ड (सह-आरोपी) बनाया जाए और पूरे मामले की SIT या हाई-लेवल जांच कराई जाए. फिलहाल, जयंत पाटिल की तरफ से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. ऐसे में अब सबकी नजर पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी है.

Similar News