राष्ट्रपति को लेकर ममता और मोदी के बीच खींचतान! गुस्से में ट्वीट कर बैठें PM, बंगाल CM बोलीं- Sorry Madam... देखिए VIDEO
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम को लेकर बंगाल में सियासी विवाद तेज. पीएम मोदी ने TMC सरकार को घेरा, ममता बनर्जी ने बयान को राजनीतिक बताया.
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा के दौरान कार्यक्रम व्यवस्था को लेकर उठे सवाल अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गए हैं. राष्ट्रपति की नाराज़गी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की All India Trinamool Congress सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे 'शर्मनाक और अभूतपूर्व' बताया.
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पलटवार करते हुए राष्ट्रपति के बयान को राजनीतिक बताया और कहा कि किसी एक राजनीतिक दल की बात सुनकर टिप्पणी करना सही नहीं है. इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव से पहले राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है. ममता ने कहा, “Sorry मैडम, मैं आपका पूरा सम्मान करती हूं, लेकिन अगर कोई 50 बार आएगा तो हर कार्यक्रम में मेरा शामिल होना संभव नहीं है.” उन्होंने बताया कि वह इस समय धरने पर बैठी हैं और जिस कार्यक्रम का जिक्र किया जा रहा है, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी ही नहीं थी.
क्या था विवाद जिसकी वजह से शुरू हुआ सियासी घमासान?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पश्चिम बंगाल के दौरे पर 9वें इंटरनेशनल संताल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने सिलीगुड़ी पहुंचीं थी. यह कार्यक्रम International Santal Council द्वारा आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के बाद बिधाननगर में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने आयोजन स्थल को लेकर असंतोष जताया. उन्होंने कहा कि सम्मेलन के लिए चुना गया स्थान बहुत छोटा था और अगर कार्यक्रम बड़े स्थान पर आयोजित किया जाता तो अधिक लोग शामिल हो सकते थे.
राष्ट्रपति ने कहा कि 'ममता मेरी छोटी बहन की तरह हैं. शायद वह मुझसे नाराज़ हैं. मुझे नहीं पता कि उन्होंने इतने छोटे और तंग स्थान पर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला क्यों किया? अगर स्थान बड़ा होता तो सम्मेलन में कहीं अधिक लोग शामिल हो सकते थे.'
क्या राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल का भी मुद्दा उठाया?
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनके दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का सही ढंग से पालन नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि जब वह राज्य में पहुंचीं तो उन्हें रिसीव करने के लिए न तो मुख्यमंत्री मौजूद थीं और न ही राज्य सरकार का कोई मंत्री. उन्होंने कहा कि 'अगर राष्ट्रपति किसी जगह का दौरा करते हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी वहां आना चाहिए. लेकिन वह नहीं आईं… मैं भी बंगाल की बेटी हूं… ममता दीदी भी मेरी बहन हैं, मेरी छोटी बहन. मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज़ थीं या नहीं, इसलिए ऐसा हुआ…'
पीएम मोदी ने TMC सरकार पर क्या आरोप लगाए?
राष्ट्रपति की टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी और इसे बेहद गंभीर बताया. उन्होंने लिखा कि 'यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है. जो भी लोग लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास रखते हैं, वे इससे बेहद दुखी और निराश हैं.' पीएम मोदी ने आगे कहा कि राष्ट्रपति, जो स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं, उनकी पीड़ा ने पूरे देश को दुखी किया है. उन्होंने कहा कि 'राष्ट्रपति जी, जो स्वयं एक आदिवासी समुदाय से आती हैं, उनके द्वारा व्यक्त किया गया दर्द और पीड़ा भारत के लोगों के मन में गहरा दुख पैदा कर गया है.'
क्या संताल संस्कृति को लेकर भी उठा सवाल?
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि संताल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को पश्चिम बंगाल सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने लिखा कि 'यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संताल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा इतनी लापरवाही से लिया गया.”
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के बयान पर क्या कहा?
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के बयान को राजनीतिक बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करने से पहले अन्य राज्यों की स्थिति भी देखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करने से पहले आपको भाजपा शासित राज्यों की स्थिति भी देखनी चाहिए... सिर्फ एक राजनीतिक दल की बात सुनकर टिप्पणी करना सही नहीं है.' ममता बनर्जी ने आगे कहा कि 'आपने कभी अल्पसंख्यकों के बारे में नहीं सोचा. आपने अनुसूचित जातियों, बौद्धों, पंजाबी, पारसी, जैन या यहां तक कि हिंदुओं के बारे में भी कुछ नहीं कहा. आपको राजनीति करना आता है, हमें राजनीति करना नहीं आता.”
क्या राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी कर रही है TMC?
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे और आदिवासी समुदाय के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कामों की जानकारी देंगे. उन्होंने कहा कि 'मैं डेरेक और सुदीप से कहूंगी कि वे भारत के राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगें और आदिवासी लोगों, खासकर संताली समुदाय के लिए हमने जो काम किए हैं, उनकी जानकारी उन्हें सौंपें.” यहां उनका इशारा Derek O'Brien और Sudip Bandyopadhyay की ओर था.
क्या आदिवासी विकास को लेकर भी उठे सवाल?
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत की सराहना की और युवाओं से अपनी भाषा और परंपराओं को बचाए रखते हुए आधुनिक शिक्षा अपनाने की अपील की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस क्षेत्र में संताल और अन्य आदिवासी समुदायों तक विकास की योजनाएं वास्तव में पहुंच रही हैं.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगर राष्ट्रपति साल में एक बार भी आतीं तो वह खुद उन्हें रिसीव करने जरूर जातीं, लेकिन अगर बार-बार कार्यक्रम होंगे तो हर जगह पहुंच पाना उनके लिए संभव नहीं है. उन्होंने कहा, “मुझे आपके कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी.” ममता बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा, “You are the priority of BJP, I am property for people.” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब Manipur में अत्याचार हो रहे थे तब राष्ट्रपति वहां क्यों नहीं गईं? क्या बीजेपी ने उन्हें वहां जाने से मना किया था?