मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था. उन्होंने इंग्लैंड से लॉ की पढ़ाई की और दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया. भारत लौटने के बाद उन्होंने देश को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र कराने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपना मुख्य हथियार बनाया.

उनके नेतृत्व में असहयोग आंदोलन, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक अभियानों की शुरुआत हुई. उनके नेतृत्व में भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिली. उनका पूरा जीवन सादगी, स्वच्छता और समानता का संदेश देता है. प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है. इस खास अवसर पर पढ़िए गांधी जी के 15 कोट्स.

  1.  मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता
  2. आप विनम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते हैं
  3.  करो या मरो
  4. भगवान का कोई धर्म नहीं होता
  5. कमजोर लोग कभी माफ नहीं कर सकते, क्षमा करना ताकतवर व्यक्ति की विशेषता है
  6. ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो, ऐसे सीखो जैसे कि तुम्हें हमेशा जीवित रहना है
  7. खुशी तब होती है जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें सामंजस्य होता है
  8. भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज आप क्या करते हैं
  9. स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना
  10. अहिंसा का पहला चरण असत्य से दूर रहना है
  11. व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है
  12.  आंख के बदले आंख पूरी दुनिया को अंधा बना देगी
  13. निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है, वह खुद को गलत स्थिति में पहुंचा देता है
  14. पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो
  15. दुनिया में आप जो बदलाव देखना चाहते हैं, वह बदलाव आपको खुद में करना होगा