नेपाल से गायब हुए पाकिस्तान के इस कर्नल का भारत के कुलभूषण जाधव से क्या कनेक्शन? RAW के पूर्व एजेंट Lucky Bisht ने बताई पूरी कहानी

नेपाल से एक पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट कर्नल के रहस्यमयी तरीके से गायब होने का मामला अब एक बार फिर चर्चा में है, जिसे कुलभूषण जाधव केस से जोड़कर देखा जा रहा है. RAW के पूर्व एजेंट Lucky Bisht ने दावा किया है कि यह घटना महज संयोग नहीं, बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे खुफिया खेल का हिस्सा हो सकती है.

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By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 13 April 2026 7:40 AM IST

साल 2016 में कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी ने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में एक ऐसा मोड़ ला दिया था, जिसने कूटनीतिक तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया. पाकिस्तान ने जाधव पर जासूसी के आरोप लगाए, जबकि भारत ने साफ कहा कि वह पूर्व नौसेना अधिकारी हैं और उन्हें ईरान से अगवा किया गया है. यह मामला सिर्फ दो देशों के बीच विवाद नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच गया.

इसके बाद 2017 में पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा और फिर 2019 में अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) के फैसले ने इस केस को और गंभीर बना दिया. ICJ ने फांसी पर रोक लगाते हुए पाकिस्तान को दोबारा समीक्षा और भारत को काउंसलर एक्सेस देने का आदेश दिया. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने इस कहानी में नया ट्विस्ट जोड़ दिया है.

नेपाल से गायब हुआ पाकिस्तानी कर्नल कौन था और क्यों मचा बवाल?

RAW के पूर्व एजेंट Lucky Bisht ने TRP TRP Clips यूट्यूब चैनल पर दावा किया कि पाकिस्तान का एक लेफ्टिनेंट मोहम्मद हबीब ज़ाहिर कर्नल साल 2017 में नेपाल आया था और वहां से अचानक गायब हो गया. उनके मुताबिक, यह अधिकारी 3 अप्रैल 2017 को नेपाल के डुमनी इलाके में देखा गया था, लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला. Lucky Bisht का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी रणनीति छिपी हुई थी. उन्होंने इशारों में कहा कि यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे खुफिया खेल का हिस्सा हो सकती है.

क्या कुलभूषण जाधव केस का बदला था यह घटना?

Lucky Bisht ने दावा किया कि भारत ने कुलभूषण जाधव के साथ हुए व्यवहार का जवाब अपने तरीके से दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ISI अक्सर ईरान से लोगों को उठाकर उन्हें भारतीय जासूस बताती है और दुनिया के सामने पेश करती है. उनके अनुसार, 'ISI ईरान से लोगों को उठाती है और फिर उसे भारत का जासूस बताकर दुनिया को दिखाती है और कहती है कि ये हमने बलूचिस्तान से पकड़ा है.' इसी कड़ी में उन्होंने दावा किया कि नेपाल से गायब हुआ पाकिस्तानी अधिकारी उसी रणनीतिक जवाब का हिस्सा हो सकता है.

पाकिस्तान ने कर्नल के गायब होने पर क्या सफाई दी?

Lucky Bisht के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस मामले को दबाने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने यह दावा किया कि संबंधित अधिकारी पहले ही रिटायर हो चुका था. उनके शब्दों में, 'पाकिस्तान बड़ी आसानी से झूठ बोलते हुए कहता है कि हमारे जो कर्नल थे मोहम्मद हबीब ज़ाहिर ये रिटायर्ड हो गए साल 2013 में.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ISI ने बैकडेट में उसे रिटायर दिखाया ताकि इस मामले से खुद को अलग किया जा सके.

क्या सच में हुआ था कोई ‘सीक्रेट ऑपरेशन’?

Lucky Bisht ने एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में दोनों देशों की एजेंसियों के बीच सीधी चेतावनी तक दी गई थी. उन्होंने कहा कि 'तुम्हारे पास मेरा एक हीरा है उसे हाथ भी नहीं लगाना… तुम्हारा भी एक हीरा मेरे पास है जिसे तुम पागल कुत्तों की तरह खोज रहे हो.' आगे उन्होंने बताया कि चेतावनी के तौर पर उंगलियां भेजने तक की बात कही गई थी और साफ संदेश दिया गया था कि हमारे Kulbhushan Jadhav को कुछ हुआ तो चार उंगलियां नहीं पूरी बॉडी आएगी.'

आज तक क्यों बना हुआ है यह रहस्य?

Lucky Bisht के मुताबिक, नेपाल से गायब हुए उस पाकिस्तानी कर्नल का आज तक कोई सुराग नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि यह मामला आज भी रहस्य बना हुआ है और पाकिस्तान भी इस पर खुलकर कुछ नहीं बोलता. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ये खुफिया खेल आम लोगों से कहीं ज्यादा गहरे और खतरनाक होते हैं.

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