इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट, कई देशों में रहे राजदूत, मिलिए Harish Parvathaneni जिन्होंने फिर UN में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले और कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हरीश पर्वतनेनी इस समय संयुक्त राष्ट्र में भारत की मजबूत आवाज बने हुए हैं. हाल ही में उन्होंने एक बार फिर वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को धर्म को हथियार के तौर इस्तेमाल करने के लिए लताड़ा है.

( Image Source:  x-@ANI )
Edited By :  हेमा पंत
Updated On : 17 March 2026 1:08 PM IST

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने धर्म के नाम पर होने वाली हिंसा और नफरत की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से अलग-अलग धर्मों के साथ मिलकर रहने की परंपरा को मानता आया है. इस दौरान उन्होंने दोबारा पाकिस्तान को जमकर लताड़ा. 

हरीश पर्वथनेनी ने अपने बयान में कहा कि 'भारत का पश्चिमी पड़ोसी अपने पड़ोस में इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियां बनाने का एक बेहतरीन उदाहरण है.' ऐसे में चलिए जानते हैं आखिर कौन हैं हरीश पर्वथनेनी

कौन हैं हरीश पर्वतनेनी?

हरीश पर्वतनेनी इस समय संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हैं. वे मैकेनिकल इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं और उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है. उन्होंने साल 1990 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में नौकरी शुरू की. करियर की शुरुआत में ही उन्होंने अरबी भाषा सीखी और काहिरा के एक बड़े संस्थान से अच्छे नंबरों के साथ यह पढ़ाई पूरी की. अरबी भाषा की उनकी समझ ने उन्हें आगे चलकर मिडल ईस्ट से जुड़े कामों में काफी मदद की.

हरीश पर्वतनेनी ने किन-किन मिशन पर काम किया?

हरीश पर्वतनेनी ने काहिरा और रियाद में भारतीय मिशनों में काम किया. बाद में वे गाजा में फिलिस्तीन के लिए भारत के प्रतिनिधि बने और वहां जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी UNRWA में भी काम किया, जहां वे नीति से जुड़े विभाग के प्रमुख थे. उन्होंने साल 2000 से 2005 तक यहां काम किया. इस दौरान उन्होंने शरणार्थियों से जुड़े मुद्दों और लोगों की मदद से जुड़ी नीतियों पर काम किया.

भारत सरकार में कौन-कौन सी संभाली जिम्मेदारी

भारत वापस आने के बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय के अलग-अलग विभागों में काम किया. इसमें ईस्ट एशिया और बाहरी जानकारी (पब्लिसिटी) से जुड़े विभाग भी शामिल थे. साल 2007 से करीब पांच साल तक वे भारत के उपराष्ट्रपति के साथ संयुक्त सचिव और खास अधिकारी (OSD) के तौर पर काम करते रहे. इस दौरान उन्हें काम संभालने और प्रशासन का अच्छा एक्सपीरियंस मिला.

इंटरनेशनल किन पदों पर किया काम?

हरीश पर्वतनेनी ने ह्यूस्टन में भारत के कौंसल जनरल के तौर पर भी काम किया. वहां उन्होंने अमेरिका के कई राज्यों के साथ भारत के रिश्ते मजबूत किए. इसके बाद वे वियतनाम में भारत के राजदूत बने. उनके समय में दोनों देशों के संबंध और ज्यादा मजबूत हो गए और बड़ी साझेदारी बनी. बाद में उन्होंने विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में काम किया. इस दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक नीतियों को आगे बढ़ाया और G20, G7, BRICS जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. जर्मनी में राजदूत रहते हुए उन्होंने पर्यावरण और विकास से जुड़े कामों में अहम भूमिका निभाई और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाया.

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