केंद्र सरकार ने आम जनता, किसानों और छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए दिवाली से पहले बड़ा कदम उठाया है. बुधवार को हुई GST काउंसिल की 56वीं बैठक में टैक्स ढांचे में कई अहम बदलाव किए गए. सरकार ने रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स घटाकर लोगों को बड़ा गिफ्ट दिया है. अब दूध, पनीर, रोटी से लेकर दवाओं और बीमा सेवाओं तक कई आवश्यक वस्तुएं पूरी तरह Zero GST के दायरे में आ गई हैं.

बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि अब GST स्लैब को घटाकर सिर्फ 5% और 18% किया गया है. पुराने 12% और 28% वाले स्लैब को खत्म कर दिया गया है. यानी जरूरी वस्तुओं पर टैक्स राहत मिलेगी, जबकि लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स का बोझ और बढ़ जाएगा.

इन फूड प्रोडक्ट्स पर अब Zero GST

सरकार ने ऐलान किया कि अब कई जरूरी फूड आइटम पूरी तरह टैक्स-फ्री होंगे. पहले इन पर 5% से 18% तक टैक्स लगता था.

  • UHT दूध
  • छेना
  • पनीर
  • सभी तरह की ब्रेड
  • पिज्जा ब्रेड
  • रेडी टू ईट रोटी
  • रेडी टू ईट पराठा

इन बदलावों से रोजमर्रा की रसोई का बोझ कम होगा और आम लोगों को सीधे राहत मिलेगी.

शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं भी टैक्स फ्री

बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी वस्तुओं पर भी टैक्स हटा दिया गया है. अब किताबों और पढ़ाई से संबंधित सामान पूरी तरह Zero GST में शामिल होंगे.

  • पेंसिल, कटर, रबर
  • नोटबुक, प्रैक्टिस बुक
  • ग्राफ बुक, लैब नोटबुक
  • नक्शे और चार्ट
  • ग्लोब, एटलस
  • वॉटर सर्वे चार्ट

इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी.

दवाएं और हेल्थ-लाइफ पॉलिसी पर जीएसटी खत्म

सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए दवाओं और बीमा सेवाओं पर टैक्स हटा दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में 33 जीवन रक्षक दवाओं पर अब तक लागू 12 प्रतिशत जीएसटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. इनमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं भी शामिल हैं. इस फैसले से गंभीर बीमारियों के मरीजों को इलाज सस्ता होगा और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा.

वहीं बैठक में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को भी पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया है. इसकी लंबे समय से मांग की जा रही थी, जिसे अब मंजूरी मिल गई है. इससे स्वास्थ्य और जीवन बीमा को आम लोगों के लिए और सुलभ बनाया जा सकेगा.

सिर्फ 5 और 18 प्रतिशत रहेगा जीएसटी स्लैब

बैठक में जीएसटी संरचना में बड़ा बदलाव किया गया है. अब जीएसटी स्लैब को घटाकर केवल दो स्तरों तक सीमित कर दिया गया है – 5% और 18%. पहले 12% और 28% वाले स्लैब मौजूद थे, जिन्हें समाप्त कर दिया गया है. इस बदलाव से आम आदमी को सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि रोजमर्रा की कई वस्तुएं अब कम टैक्स या जीरो टैक्स के दायरे में आ गई हैं. सरकार ने साफ किया है कि दूध, रोटी, पनीर जैसी कई आवश्यक वस्तुओं को टैक्स फ्री कर दिया गया है. इन बदलावों से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और महंगाई का बोझ कुछ हद तक कम होगा.

हानिकारक और लग्जरी वस्तुओं पर 40% जीएसटी

जहां आम जरूरत की वस्तुओं को टैक्स फ्री किया गया है, वहीं हानिकारक और लग्जरी वस्तुओं पर टैक्स दर को और बढ़ा दिया गया है. सरकार ने घोषणा की है कि पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, तंबाकू, एडेड शुगर और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पर 40% जीएसटी लगाया जाएगा.इतना ही नहीं, लग्जरी आइटम जैसे महंगी कारें, रेसिंग कारें और पर्सनल एयरक्राफ्ट भी 40% जीएसटी के दायरे में आ जाएंगे. इसके अलावा, कैसीनो, रेस क्लब और IPL जैसे खेल आयोजनों में प्रवेश पर भी टैक्स 18% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हानिकारक वस्तुओं और लग्जरी सामान पर ज्यादा टैक्स लगाने का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और इनकी खपत को नियंत्रित करना है.