क्या जर्मन नागरिक हैं ध्रुव राठी? दिल्ली में प्रदर्शन से पहले नागरिकता और वीजा पर सवाल, गृह मंत्रालय में हो रही जांच
ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए क्या वह जर्मनी के नागरिक हैं. उनके पासपोर्ट, भारतीय नागरिकता और जर्मन नागरिकता से जुड़े दावों की सच्चाई समझें.
सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर चर्चा चरम पर है. बेंगलुरु में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ हुए प्रदर्शन में उनकी भागीदारी के बाद कुछ यूजर्स ने दावा किया कि राठी जर्मनी के नागरिक हैं. इस दावे के साथ भारत के राजनीतिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. लेकिन क्या जर्मनी में रहने या वहां पढ़ाई करने का मतलब उस देश की नागरिकता हासिल कर लेना है?
क्या ध्रुव राठी जर्मनी के नागरिक हैं?
ध्रुव राठी की आधिकारिक वेबसाइट, जर्मन इनफार्मेशन सेंटर, The Sunday Guardian और अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राठी की जर्मन नागरिकता को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पुष्टि करने वाला कोई दस्तावेज पब्लिक डोमेन में नहीं है. मई 2024 में वायरल दावों को लेकर राठी ने सोशल मीडिया पर खुद को भारतीय और अपनी पत्नी को जर्मन नागरिक बताया था.
फिर जर्मनी से क्या है ध्रुव राठी का संबंध?
ध्रुव राठी का जन्म हरियाणा में हुआ और उन्होंने उच्च शिक्षा जर्मनी में हासिल की. उनकी आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने जर्मनी के कार्लजूए इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और जर्मनी में रहने के कारण उन्हें अक्सर जर्मनी से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, किसी देश में पढ़ाई करना, वहां रहना या वहां का रेजिडेंस परमिट हासिल करना अपने आप उस देश की नागरिकता मिलने का प्रमाण नहीं है. नागरिकता और निवास की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है.
SIR प्रदर्शन के बाद क्यों उठे नागरिकता पर सवाल?
8 अक्टूबर 2026 को ध्रुव राठी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR के मुद्दे पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में अभिनेता प्रकाश राज और अन्य लोग भी मौजूद थे. प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता और मतदाता सूची में नामों के सत्यापन को लेकर सवाल उठाए. राठी ने भी चुनाव आयोग की जवाबदेही पर टिप्पणी की.
उनकी राजनीतिक मुद्दे पर मौजूदगी के बाद नागरिकता को लेकर ऑनलाइन बहस तेज हुई. हालांकि, किसी प्रदर्शन में शामिल होना अपने आप किसी व्यक्ति की नागरिकता साबित या खारिज नहीं करता. नागरिकता का सवाल अलग है और उसका जवाब प्रमाणों के आधार पर ही दिया जाना चाहिए.
क्या जर्मनी में रहने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक हो सकता है?
ऐसा हो सकता है. किसी व्यक्ति का विदेश में रहना और उसकी नागरिकता दो अलग बातें हैं. भारतीय नागरिक दूसरे देश में पढ़ाई, नौकरी या अन्य कारणों से रह सकते हैं. इसी तरह, जर्मनी में लंबे समय तक रहने से अपने आप जर्मन नागरिकता मिल जाना भी जरूरी नहीं है. जर्मन नागरिकता के लिए वहां के कानूनों के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं. ऐसे में राठी को भारतीय नागरिकता का छोड़ना पड़ सकता है. ऐसा इसलिए कि भारत में दोहरी नागरिकता का प्रावधान कानूनन नहीं है. हां, ओसीआई कार्ड की व्यवस्था है, लेकिन उसे दोहरी नागरिकता नहीं माना जाता.
इसलिए किसी व्यक्ति के जर्मनी में रहने, वहां पढ़ाई करने या वहां के निवासी होने की जानकारी से उसकी नागरिकता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. इसके लिए अलग से विश्वसनीय प्रमाण की जरूरत होती है.
क्या है पूरा मामला?
बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन हुआ. इसमें यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता प्रकाश राज की मौजूदगी चर्चा में रही. प्रदर्शन के दौरान राठी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की.
क्यों उठी नागरिकता की जांच की मांग?
इसके बाद बीजेपी नेता और बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर ध्रुव राठी की नागरिकता, पासपोर्ट, वीजा और इमिग्रेशन स्टेटस की जांच की मांग की. उन्होंने कथित जर्मन नागरिकता और OCI कार्ड को लेकर भी सवाल उठाए. हालांकि, ये जांच की मांग और आरोप हैं; इन्हें ध्रुव राठी की जर्मन नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता.
भारत में दोहरी नागरिकता को लेकर क्या हैं नियम?
भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 के मुताबिक कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है. ऐसे व्यक्ति को अपना भारतीय पासपोर्ट भी पासपोर्ट प्राधिकरण के पास सरेंडर करना होता है.