बिहार में नया ‘चाचा-भतीजा’ फॉर्मूला? JDU दफ्तर के पोस्टर ने बढ़ाई सियासी गरमी, टेंशन में नीतीश

पटना स्थित जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने बिहार की राजनीति में नया सियासी संकेत दे दिया है. RCP सिंह और निशांत कुमार की ‘चाचा-भतीजा’ जोड़ी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. RCP सिंह और निशांत कुमार की जोड़ी से नीतीश कुमार पर बढ़ा दबाव.;

Curated By :  धीरेंद्र कुमार मिश्रा
Updated On : 25 Jan 2026 10:00 PM IST

बिहार की सियासत में एक बार फिर पोस्टर पॉलिटिक्स ने भूचाल ला दिया है. पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित जेडीयू दफ्तर के बाहर लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. पोस्टर में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को साथ दिखाते हुए लिखा गया है, ‘चाचा-भतीजा की जोड़ी हिट होई’. इस एक लाइन ने न सिर्फ जेडीयू के भीतर हलचल बढ़ा दी है, बल्कि नीतीश कुमार की रणनीति, उत्तराधिकार और आरसीपी सिंह की संभावित वापसी को लेकर अटकलों का बाजार भी गर्म कर दिया है. सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिहार की राजनीति में किसी नए फॉर्मूले की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है, या फिर यह महज पोस्टरबाजी के जरिए दबाव बनाने की कोशिश है?

DU दफ्तर के बाहर लगे पोस्टर से मचा सियासी बवाल

पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित जनता दल यूनाइटेड कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है. पोस्टर में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की तस्वीर के साथ लिखा हैए 'चाचा-भतीजा के जोड़ी हिट होई.' यह लाइन सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गई है.

RCP सिंह की JDU में वापसी के संकेत?

आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेता माने जाते थे. केंद्रीय मंत्री बनने के बाद रिश्तों में आई तल्खी ने उन्हें पार्टी से दूर कर दिया. हालांकि अब उनकी अलग पार्टी का प्रयोग असफल होने के बाद, जेडीयू में वापसी की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं. पोस्टर को कई लोग उसी वापसी का ‘सियासी ट्रेलर’ मान रहे हैं.

निशांत कुमार की एंट्री पर फिर बहस

पोस्टर में निशांत कुमार को आरसीपी सिंह के साथ दिखाया जाना साधारण संयोग नहीं माना जा रहा. बिहार की राजनीति में यह सवाल पहले से मौजूद है कि नीतीश कुमार के बाद जेडीयू की कमान कौन संभालेगा. निशांत कुमार का नाम अब खुले तौर पर उत्तराधिकारी की बहस में आने लगा है, ठीक वैसे ही जैसे कभी देश की राजनीति में ‘वारिस राजनीति’ चर्चा का विषय रही है.

नीतीश के करीबी नेताओं की तल्ख प्रतिक्रिया

RCP सिंह की वापसी की खबरों पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और मंत्री श्रवण कुमार पहले ही कड़ा रुख दिखा चुके हैं. दोनों नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर ऐसी चर्चाओं को सिरे से खारिज किया था. बावजूद इसके पोस्टर का लगना यह बताता है कि पार्टी के भीतर सबकुछ शांत नहीं है.

पोस्टर के पीछे कौन? बड़ा सवाल बरकरार

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेडीयू कार्यालय के बाहर यह पोस्टर किसने और किस मकसद से लगवाया? क्या यह पार्टी के अंदर किसी गुट की रणनीति है या फिर नीतीश कुमार की सियासत को दिशा देने की कोशिश? बिहार की राजनीति में पोस्टर कल्चर पहले भी बड़े संकेत देता रहा है.

क्या नीतीश कुमार भी चाहते हैं यही फॉर्मूला?

नीतीश कुमार की उम्र, स्वास्थ्य और भविष्य की राजनीति को लेकर पहले से चर्चाएं चल रही हैं. ऐसे में ‘चाचा-भतीजा’ मॉडल को कुछ लोग पार्टी को स्थिर रखने का प्रयोग मान रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे देश के अन्य राज्यों में पारिवारिक राजनीति देखने को मिलती रही है.

बता दें कि निशांत कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे हैं. वे अब तक राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन हाल में उनकी एंट्री की चर्चाएं तेज हुई हैं. पोस्टर में उन्हें आरसीपी सिंह के साथ चाचा-भतीजे की जोड़ी के रूप में पेश किया गया है. साफ है कि कुछ गुट निशांत को पार्टी में सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं. नीतीश कुमार की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उत्तराधिकारी की तलाश हो रही है.

Similar News