लेफ्ट विचारधारा से लेकर इंदिरा गांधी तक, अमित शाह ने बताया देश में कैसे फैला नक्सलवाद? 7 Points
30 मार्च रविवार को अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर तीखा वार किया है इस दौरान उन्होंने बताया कि लेफ्ट से लेकर इंदिरा गांधी के समय काल कैसे फैला नक्सलवाद? आइए एक नजर डालते हैं शाह के वार्निग बोल पर.
देश की संसद में नक्सलवाद को लेकर एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया, सोमवार 30 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इस मुद्दे पर तीखा और लंबा भाषण दिया. उन्होंने न सिर्फ नक्सलवाद के इतिहास और कारणों को लेकर बड़ा बयान दिया, बल्कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा. शाह ने दावा किया कि जिन इलाकों में कभी 'रेड कॉरिडोर' का खौफ था, वहां अब विकास की रोशनी पहुंच रही है.
अपने संबोधन में उन्होंने साफ कहा कि नक्सलवाद केवल विकास की कमी का परिणाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा का नतीजा है. उन्होंने इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि 1970 के दशक में इस विचारधारा को राजनीतिक कारणों से स्वीकार किया गया, जिसके चलते देश के कई हिस्से दशकों तक हिंसा और पिछड़ेपन की चपेट में रहे.
1. क्या बस्तर से खत्म हो गया नक्सलवाद?
गृह मंत्री ने दावा किया कि बस्तर में नक्सलवाद अब लगभग समाप्त हो चुका है और क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि हर गांव में स्कूल खोलने, राशन की दुकानें स्थापित करने और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया. शाह ने कहा कि 'आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग समाप्त कर दिया गया है. बस्तर के हर एक गांव में स्कूल स्थापित करने के लिए एक अभियान शुरू किया गया.'
2. क्या नक्सलवाद की वजह सिर्फ विकास की कमी थी?
इस सवाल पर शाह ने साफ तौर पर कहा कि 'नक्सलवाद की जड़ विकास की मांग नहीं, बल्कि एक खास विचारधारा है. उन्होंने कहा कि 'नक्सलवाद की जड़ विकास की मांग नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा है.' उनका आरोप था कि इसी विचारधारा के कारण देश के कई हिस्सों में हिंसा फैली और आम जनता दशकों तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रही.
3. किन राज्यों में फैला था 'रेड आतंक'?
गृह मंत्री ने बताया कि देश के 12 राज्य नक्सलवाद से गंभीर रूप से प्रभावित थे. जिसमें छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक के कुछ हिस्से और उत्तर प्रदेश के तीन जिले हैं. उन्होंने कहा कि 'एक पूरा 'रेड कॉरिडोर' बन गया था और वहां कानून का राज खत्म हो गया था.' इस दौरान करीब 12 करोड़ लोग गरीबी में जीते रहे और हजारों युवाओं की जान चली गई.
4. कांग्रेस पर क्यों साधा निशाना?
शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के 75 सालों में 60 साल सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी इलाकों का विकास नहीं हो पाया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंचीं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है.
5. सरकार की नीति क्या है- बात या बंदूक?
गृह मंत्री ने साफ कर दिया कि सरकार की नीति दो टूक है- जो हथियार छोड़कर बातचीत करेगा, उससे संवाद होगा, लेकिन जो हिंसा करेगा, उसे उसी भाषा में जवाब मिलेगा. उन्होंने कहा कि 'यह हमारी सरकार की नीति है. बातचीत सिर्फ उनसे होगी जो हथियार छोड़ेंगे. जो गोली चलाएंगे, उन्हें गोली से ही जवाब दिया जाएगा.'
6. नक्सलियों के 'आदर्श' पर क्या बोले शाह?
शाह ने कहा कि नक्सली भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को अपना आदर्श नहीं मानते. उन्होंने कहा कि 'उन्होंने तिलका मांझी, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस को अपना आदर्श नहीं माना… तो वे किसे आदर्श मानते हैं? माओ को.'
7. मोदी सरकार के बाद क्या बदला?
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 के बाद हालात बदले हैं और मोदी के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है. उन्होंने बताया कि अब लोगों को राशन, पहचान पत्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएं मिल रही हैं.