Zee5 पर देखें नई रिलीज हॉरर-कॉमेडी Prakambanam, 5 करोड़ के बजट में बनी तीन दोस्तों की मजेदार कहानी

मलयालम फिल्म 'प्रकंबनम' 13 मार्च 2026 से Zee5 पर स्ट्रीम हो रही है। 4 करोड़ के बजट में बनी इस हॉरर-कॉमेडी ने बॉक्स ऑफिस पर 15 करोड़ से ज्यादा कमाकर शानदार सफलता हासिल की.

( Image Source:  IMDB )
Edited By :  रूपाली राय
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Prakambanam on OTT: सुपरनैचरल एंटरटेनमेंट से भरपूर मलयालम फिल्म 'प्रकंबनम' (Prakambanam) अब आपके घर पर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अवेलेबल है. यह मजेदार हॉरर-कॉमेडी फिल्म Zee5 पर 13 मार्च 2026 से स्ट्रीमिंग शुरू हो गई है. अब आप आराम से घर बैठे इसे देख सकते हैं और खूब हंस सकते हैं. यह फिल्म विजयेश पनाथुर ने निर्देशित की है और श्रीहरि वडक्कन ने इसका स्क्रिप्ट लिखा है. थिएटर में रिलीज होने के बाद इसने लोगों का दिल जीत लिया.

फिल्म का बजट सिर्फ 4 करोड़ रुपये था, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिया. 39 दिनों में इसे भारत में लगभग 15.17 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ, यानी करीब 280 प्रतिशत का रिटर्न मिला. यह एक बहुत बड़ी सफलता है, क्योंकि कम बजट में इतना अच्छा बिजनेस करना आसान नहीं होता. फिल्म की कहानी तीन दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है. ये तीनों एर्नाकुलम के एक कॉलेज हॉस्टल में साथ रहते हैं. मुख्य किरदार हैं सिद्धू (गणपति), पुण्यलन (सागर सूर्या) और शंकरन (अल अमीन).

कैसे आता फिल्म में ट्विस्ट?

इनकी जिंदगी शरारतों, मजाक, कॉलेज की राजनीति और दोस्ती से भरी रहती है. सिद्धू को कॉलेज चुनाव जीतने का बहुत शौक है, जबकि बाकी दोनों भी अपनी-अपनी मस्ती में लगे रहते हैं. लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब सिद्धू को अपनी दिवंगत दादी की अस्थियां काशी ले जाकर विसर्जित करनी होती हैं. वह इसे किसी को बताना नहीं चाहता, इसलिए अस्थियों को एक छोटी सी पाउडर की बोतल में रख देता है/  उसका दोस्त पुण्यलन गलती से इसे कोई नशीला पदार्थ समझकर सूंघ लेता है.

पीछे पड़ी दादी की आत्मा

इसके बाद सिद्धू की दादी की आत्मा (जिसका किरदार मल्लिका सुकुमारन ने निभाया है) पुण्यलन के शरीर में आ जाती है. अब यह आत्मा सबको उपदेश देने लगती है, घर के नियम बनाने लगती है और यहां तक कि कॉलेज चुनाव में भी हिस्सा लेने लगती है. इससे हॉस्टल में भारी हंगामा मच जाता है. भूत-प्रेत का डर तो है ही, लेकिन ज्यादातर समय हंसी-मजाक और कॉमेडी चलती रहती है. फिल्म में और भी कई अच्छे कलाकार हैं, जैसे शीतल जोसेफ, राजेश माधवन, अज़ीज़ नेदुमंगद, अलेक्जेंडर प्रशांत, पीपी कुन्हिकृष्णन और अभिजीत सुरेश.

कला भवन नवास की आखिरी फिल्म  

खास बात यह है कि यह फिल्म कला भवन नवास की आखिरी फिल्म है, जिनकी शूटिंग पूरी होने के तुरंत बाद दुर्भाग्य से मृत्यु हो गई थी.  निर्देशक लाल जोस ने भी एक छोटी भूमिका निभाई है. निर्देशक विजयेश पनाथुर ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की कहानी उनकी पत्नी के एक मजेदार चुटकुले से आई थी. वे सीक्वल बनाने के बारे में भी सोच रहे हैं, लेकिन इसमें थोड़ा समय लग सकता है. 

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