मेरे पास कोई रास्ता नहीं था, 1 करोड़ का था कर्जा, C-ग्रेड फिल्में करने पर छलका इस एक्ट्रेस का दर्द
बॉलीवुड और टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए जो कहा उसने सभी को हैरान कर दिया. उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी और 1 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के लिए उन्हें सी ग्रेड फिल्म में काम करना पड़ा .
सुस्मिता ने 1 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए की सी ग्रेड फिल्म
(Image Source: instagram: @susmita_mukherjeeofficial )बॉलीवुड और टीवी की मशहूर एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि परिवार पर चढ़े 1 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए उन्हें मजबूरी में ऐसी फिल्में करनी पड़ीं, जिन्हें लेकर आज भी उन्हें अफसोस होता है.
सुष्मिता ने कहा कि उस समय उनके सामने परिवार की जिम्मेदारियां और आर्थिक संकट सबसे बड़ी चुनौती थे. इसलिए उन्होंने ऐसे फैसले लिए, जो उनकी पसंद नहीं बल्कि मजबूरी थे. आज वह मानती हैं कि उस दौर ने उन्हें जिंदगी का सबसे कठिन सबक सिखाया.
क्यों करनी पड़ीं C-ग्रेड फिल्में?
एक इंटरव्यू में सुष्मिता मुखर्जी ने कहा कि लोगों ने कई बार उनसे पूछा कि उन्होंने ऐसी फिल्में क्यों कीं, जिन्हें महिलाएं के लिए अपमानजनक माना जाता है. इस पर उन्होंने स्वीकार किया कि वह फैसले उनकी पसंद नहीं, बल्कि मजबूरी थे. उन्होंने कहा कि उन फिल्मों पर उन्हें आज भी गर्व नहीं है, लेकिन उस समय परिवार और जिम्मेदारियों के कारण उनके पास दूसरा रास्ता नहीं था.
कैसे 1 करोड़ के कर्ज में फंस गया परिवार?
सुष्मिता ने बताया कि साल 2002 में उनकी और उनके पति की प्रोडक्शन कंपनी "प्रयास प्रोडक्शन" आर्थिक संकट में फंस गई. बदलती तकनीक और नए बिजनेस मॉडल के कारण कंपनी बंद हो गई और उन पर करीब 1 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ गया. हालात इतने खराब हो गए कि रिकवरी एजेंट घर आकर पैसे मांगते थे और परिवार को परेशान करते थे.
क्या बेटी की पढ़ाई बनी बड़ी वजह?
एक्ट्रेस ने बताया कि वह अपनी बेटी को विदेश में पढ़ाना चाहती थीं. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में पढ़ाई का खर्च काफी ज्यादा था. परिवार की आर्थिक हालत खराब होने के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई नहीं रुकने दी. इसी वजह से उन्हें लगातार काम करना पड़ा और कई ऐसे प्रोजेक्ट भी करने पड़े, जिन्हें वह दिल से कभी स्वीकार नहीं कर पाईं.
क्या अब बदल गई है सुष्मिता की सोच?
सुष्मिता मुखर्जी ने कहा कि हर इंसान के जीवन में ऐसा समय आता है, जब उसे मजबूरी में कुछ फैसले लेने पड़ते हैं. उन्होंने माना कि उस दौर में किए गए कई कामों पर उन्हें गर्व नहीं है, लेकिन वही फैसले उस समय उनके परिवार के लिए जरूरी थे. अब वह केवल वही प्रोजेक्ट चुनती हैं, जो उन्हें अंदर से संतुष्टि देते हैं और उनकी सोच से मेल खाते हैं.