नहीं रहे नाना पाटेकर फिर भी हर पल रहेंगे सामने, वो सीन जिसके बिना अधूरी है हर रील और मीम
नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई दमदार किरदार निभाए, लेकिन ‘वेलकम’ का उदय शेट्टी आज भी दर्शकों को खूब हंसाता है. फिल्म में अनिल कपूर के मजनू भाई के साथ उनकी कॉमिक केमिस्ट्री और शानदार डायलॉग डिलीवरी ने इस किरदार को यादगार बना दिया. यही वजह है कि उदय शेट्टी के सीन आज भी मीम्स और रील्स में छाए रहते हैं.
नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा,लेकिन अपने अभिनय और फिल्मों में जरिये वो हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे. वैसे तो उन्होंने कई याददगार रोल किए हैं लेकिन एक किरदार है जिसे हमेशा याह किया जाएगा और वो है वेलकम फिल्म में उदय शेट्टी नामक डॉन का कैरेक्टर किया था.उदय शेट्टी मुंबई का एक ताकतवर डॉन था, जो बाद में अपनी बहन संजना की शादी एक अच्छे और प्रतिष्ठित परिवार में कराना चाहता था. मजनू भाई (अनिल कपूर) के साथ उनकी कॉमिक केमिस्ट्री और डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को खूब पसंद आई थी.फिल्म में उनके कई सीन और डायलॉग (जैसे 'कंट्रोल उदय कंट्रोल' या चाय वाला दृश्य) आज भी सोशल मीडिया पर लोकप्रिय मीम्स का हिस्सा हैं.
हर मीम और रील के बाद वो उनका हंसने वाला हिस्सा डाल दिया जाता है बल्कि यह कहना सही होगा कि हर 10 में से 5 मीम में वे सीन लिया गया है. इस सीन में अनील कपूर कहते हैं 'और घुंघरू सेठ कैसा चल रहा है धंधा पानी, इसके जवाब में परेश रावल कहते हैं धंधा फरस्ट क्लास चल रहा है,टकाटक चल रहा है और नोटों की तो बारिश हो रही है, तो मजनू भाई यानि अनिल कहते हैं तो हम पर थोड़ा छीटें नहीं गिराओगे,कहां रखोगे जल्दी से ढीले करो. फिर जवाब आता है अरे भाई ये बुटीक है, यहां पे लेडीज का चीज मिलते हैं मोगैम्बो के लिए नहीं मिलते, तो अनिल कहते हैं अबे बिना भेजे की खोपड़ी, खोखे का मतलब करोड़ फिर परेश कहते हैं अच्छा-अच्छा अच्छा करोड़ और वो भी 4 तेरा बाप यहां छोड़कर गया था या तेरी मां,'
इसके बाद ही नाना के रिएक्शन के रूप में आता है वो सीन जो आजकल हर मीम और रील का हिस्सा है, इसमें नाना इतने शानदार तरीके से हंसते हैं कि जोभी उन्हें देखें बस लोटपोट होकर हंसता रह जाएं. उनके हाथ में चाय का कप होता है और वह ठहाके लगातकर हंसते हैं.
हमेशा याद रहेगा ये डायलॉग
इस सीन और है जिसमें नाना कहते हैं देखिए भगवान का दिया सब कुछ है, दौलत है शोहरत है,इज्जत है, इतना रुतबा है कि किसी भी घर में अगर रिश्ता बनाना चाहूं तो कोई ना नहीं कह सकता.बस एक अच्छा थानदान चाहिए. शरीफ और नेक लड़का चाहिए,संजना टेक्सटाइल , सभी कारोबार फोन पर ही चलता है.वेलकम फिल्म का ये डायलॉग भी लोगों की यादों में हमेशा ताजा रहेगा.
असली नाम विश्वनाथ पाटेकर
नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में हुआ था. उनका परिवार मराठी था. उनके पिता का नाम दिनकर गजानन पाटेकर और मां का नाम संजना निर्मला पाटेकर था. परिवार में उनके दो भाई अशोक और दिलीप भी थे. अशोक पाटेकर नाना के बड़े भाइयों में से एक हैं. नाना ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि वह अपने दोनों भाइयों के साथ मुरुड में रहते हुए बड़े हुए. दिलीप पाटेकर नाना के दूसरे भाई हैं. उनके पिता मुंबई में रहते थे और बच्चे साल में एक बार उनसे मिलने मुंबई जाते थे. बाद में परिवार मुंबई आ गया.