प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं? ये छोटी सी योजना बुढ़ापे में बन सकती है आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा

EPS यानी Employee Pension Scheme प्राइवेट कर्मचारियों के लिए लाइफटाइम पेंशन देती है. 10 साल की सर्विस और सही ट्रांसफर से बुढ़ापे की चिंता कम हो सकती है.;

( Image Source:  Sora AI )
Edited By :  प्रवीण सिंह
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कई प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी रिटायरमेंट की प्लानिंग सिर्फ PF बैलेंस तक ही सीमित मान लेते हैं. यह समझना जरूरी है कि PF सिर्फ आपकी जमा राशि है, जबकि EPFO पेंशन यानी EPS आपकी जिंदगी भर की मासिक आमदनी का भरोसा देती है. लेकिन चूंकि यह सीधे दिखती नहीं, इसलिए इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

EPS यानी Employee Pension Scheme का मकसद बहुत साफ है: नौकरी खत्म होने के बाद भी हर महीने एक तय आमदनी मिलती रहे. यह स्कीम एकमुश्त रकम नहीं देती, बल्कि लाइफटाइम पेंशन पर जोर देती है.

पेंशन पाने की दो बड़ी शर्तें

EPS की रकम पाने के लिए केवल दो बातें तय हैं. पहली आपकी नौकरी की कुल सेवा कम से कम 10 साल हो और दूसरी आपकी उम्र 58 साल या उससे ज्यादा हो. इनमें से किसी एक का पूरा न होना भी पेंशन पाने के हक को प्रभावित करता है.

आपकी सैलरी से कितना जाएगा EPS में?

नियोक्ता द्वारा जमा PF का 8.33% हिस्सा EPS में जाता है. यह योगदान एक तय सैलरी सीमा तक ही लागू होता है. इसलिए आपकी सैलरी चाहे जितनी भी हो, EPS की पेंशन एक लिमिटेड, लेकिन गारंटीड रकम देती है.

जल्दी पेंशन लेने का असर

कुछ लोग जल्दी पेंशन लेने के लिए 50 साल के बाद इसे शुरू कर लेते हैं. नियम इसकी अनुमति देता है, लेकिन हर साल पेंशन की रकम थोड़ी कम होती जाती है और कटौती स्थायी होती है. वहीं, जो कर्मचारी 58 साल के बाद पेंशन लेना शुरू करते हैं, उन्हें थोड़ी ज्यादा राशि मिल सकती है.

अगर 10 साल की सर्विस पूरी नहीं हुई?

अगर कोई कर्मचारी 10 साल पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो मासिक पेंशन का हकदार नहीं बनता. इस स्थिति में EPFO एकमुश्त सीमित राशि देता है, जो रिटायरमेंट के लिए स्थायी आमदनी नहीं मानी जाती. इसलिए 10 साल की सर्विस पूरी करना सबसे अहम माना जाता है.

नौकरी बदलते समय आप भी तो नहीं करते ये गलती?

आज के समय में नौकरी बदलना आम है, लेकिन कई कर्मचारी PF निकाल लेते हैं. इससे EPS की सेवा अवधि टूट जाती है और पहले के साल बेकार हो सकते हैं. सही तरीका यही है कि PF और EPS का ट्रांसफर जरूर कराएं. इसके अलावा UAN को सक्रिय रखें और सर्विस की लगातारता बनाए रखें.

बुढ़ापे में EPS क्यों जरूरी है?

  • EPS आपकी लाइफटाइम सेफ्टी नेट है
  • छोटी लगने वाली पेंशन बुढ़ापे में सबसे बड़ा सहारा बन सकती है
  • 10 साल की सर्विस पूरी करना और PF ट्रांसफर करना सबसे बड़ा टारगेट होना चाहिए

तो क्‍या करना चाहिए?

  • अपनी EPS सर्विस साल चेक करें
  • PF निकालने से पहले सोचें
  • नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर कराएं
  • रिटायरमेंट की उम्र के आसपास पेंशन प्लानिंग शुरू करें

EPFO की पेंशन सिर्फ एक फॉर्मैलिटी नहीं, बल्कि प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए सुनिश्चित भविष्य की सुरक्षा है. PF जितना जरूरी है, EPS उतनी ही अहम है. सही उम्र, 10 साल की सर्विस और ट्रांसफर का ध्यान रखने से बुढ़ापे की चिंता कम हो सकती है.

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