Budget 2026: टैक्स राहत से लेकर AI और ग्रीन एनर्जी तक, क्‍या बजट में दिखेगा 10 का दम?

Budget 2026 से टैक्स राहत, MSME को मजबूती, रेलवे और हेल्थ सेक्टर में निवेश, AI और ग्रीन एनर्जी पर बड़े ऐलानों की उम्मीद है. यह बजट भारत की आर्थिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है.;

( Image Source:  Sora_ AI )
By :  सागर द्विवेदी
Updated On : 31 Jan 2026 1:12 PM IST

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश की निगाहें वित्त मंत्री के पिटारे पर टिकी हैं. 1 फरवरी को पेश होने वाला यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई के दबाव और तकनीकी बदलावों के दौर से गुजर रही है. सरकार के सामने चुनौती सिर्फ विकास दर बनाए रखने की नहीं, बल्कि आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाने, उद्योगों को मजबूती देने और रोजगार सृजन को रफ्तार देने की भी है.

इस बार के बजट में टैक्स सिस्टम को सरल बनाने, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, MSME सेक्टर को राहत देने और ग्रीन एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर फोकस रहने की उम्मीद है. साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने के संकेत भी मिल रहे हैं.

कृषि, रेलवे, रियल एस्टेट, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे अहम सेक्टर भी इस बजट से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 का असली मकसद आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ निवेश और उपभोग दोनों को संतुलित रूप से बढ़ाना होगा, ताकि भारत की विकास यात्रा को नई ऊर्जा मिल सके.

Budget 2026 से जुड़ी 10 बड़ी उम्‍मीदें

  1. टैक्स सिस्टम में राहत और सरलता : बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब को और व्यावहारिक बनाने तथा स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की उम्मीद है. सरकार का लक्ष्य टैक्स बोझ घटाकर मध्यम वर्ग की जेब में ज्यादा पैसा छोड़ना हो सकता है.
  2. मैन्युफैक्चरिंग और MSME को बूस्ट : घरेलू उद्योगों को सस्ता कर्ज, मजबूत क्रेडिट गारंटी और नई सब्सिडी योजनाएं मिलने की संभावना है. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को नई गति और छोटे कारोबारियों को स्थिरता मिल सकती है.
  3. रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च : रेलवे बजट में बढ़ोतरी के साथ नई लाइनों, ट्रैक डबलिंग और सुरक्षा सिस्टम पर निवेश बढ़ाया जा सकता है. इससे यात्री सुविधाओं के साथ माल परिवहन की क्षमता भी बढ़ेगी.
  4. हेल्थ सेक्टर में राहत पैकेज : जरूरी दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाई जा सकती है. साथ ही ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और टेलीमेडिसिन नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर रह सकता है.
  5. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस : कृषि बजट में बढ़ोतरी, वेयरहाउसिंग सुविधा और नई बीज नीति लाने की संभावना है. इससे फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में स्थिरता आ सकती है.
  6. रियल एस्टेट को नई जान : अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा बढ़ाने और स्टांप ड्यूटी घटाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं. इससे घर खरीदने वालों को राहत और सेक्टर में मांग को बल मिलेगा.
  7. शेयर बाजार और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश : कैपेक्स में 10–15% तक बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे सड़क, रेल और शहरी विकास को गति मिल सकती है. इसका असर सीधा शेयर बाजार और रोजगार पर पड़ सकता है.
  8. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स : AI और डीप-टेक सेक्टर के लिए PLI स्कीम और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट बढ़ सकता है. इससे भारत टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में मजबूत कदम रख सकता है.
  9. ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन : सोलर मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी स्टोरेज पर नई योजनाएं आ सकती हैं. इसका मकसद ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जलवायु संकट से निपटना होगा.
  10. रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन : डिफेंस बजट में स्वदेशी उपकरणों पर ज्यादा खर्च की उम्मीद है. इससे आयात निर्भरता घटेगी और देश की रणनीतिक ताकत को मजबूती मिलेगी.

Similar News