कौन हैं Abdul Basit, जिन्होंने की दिल्ली-मुंबई में अटैक की बात, 3 साल भारत में किए थे ये कारनामे
पूर्व पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने दिल्ली-मुंबई पर हमला करने की बात कही. उन्होंने 2014-2017 तक भारत में सेवाएँ दीं और कई विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के पूर्व हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने एक बार फिर विवादित बयान देकर माहौल गरमा दिया है. एक टीवी डिबेट के दौरान बासित ने ऐसा बयान दिया, जिसने न सिर्फ भारत-पाक रिश्तों में नई तल्खी ला दी, बल्कि उनकी सोच और मंशा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Basit ने एक काल्पनिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है और पाकिस्तान सीधे जवाब नहीं दे पाता, तो उसे भारत के बड़े शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई को निशाना बनाने का विकल्प नहीं छोड़ना चाहिए. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं. अब ऐसे में सोशल मीडिया पर अब्दुल बासित की चर्चा खूब हो गई है तो आइए जानते हैं उनके करतूत को लेकर जिनकी वजह से वह मशहूर हैं...
तीन पहले अब्दुब बासित की करतूत
अब्दुल बासित ने तीन साल तक भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त के तौर पर कार्य किया. इसके अलावा वह दुनिया के कई देशों में पाकिस्तान की दूतावासों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे. मई 2012 से मार्च 2014 तक वह जर्मनी में पाकिस्तान के राजदूत रहे, जिसके बाद 2014 में उन्होंने भारत में कार्यभार संभाला. अपने तीन साल के कार्यकाल के दौरान वह दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों में भी गए. अब्दुल बासित हाल ही में विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में हमले की बात कही. भारत में अपने उच्चायुक्त के दौरान भी वह कश्मीर और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कई बार विवादास्पद बयान दे चुके हैं.
कौन हैं Abdul Basit, और भारत से उनका क्या रहा नाता?
Abdul Basit पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक रह चुके हैं, जो 2014 से 2017 तक भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर के पद पर तैनात थे. इस दौरान उन्होंने भारत के राजनीतिक, सामाजिक और कूटनीतिक माहौल को करीब से समझा. इससे पहले वे जर्मनी में पाकिस्तान के राजदूत भी रह चुके हैं और लंदन, जिनेवा व न्यूयॉर्क में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.
Abdul Basit के बयान में ऐसा जिसके मच गया बवाल?
टीवी डिबेट में बासित ने एक सबसे खराब स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान पर हमला होता है और वह अपने असली दुश्मन तक नहीं पहुंच पाता, तो भारत को निशाना बनाना एक विकल्प हो सकता है. उन्होंने नई दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों का नाम लेकर बयान को और ज्यादा भड़काऊ बना दिया.
क्यों खतरनाक माने जा रहे हैं ये बयान?
बासित का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. ऐसे में इस तरह की बातें न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी गंभीर खतरा मानी जा रही हैं.
मुंबई हमले की याद क्यों ताजा हो गई?
दिल्ली और मुंबई का नाम लेते ही 2008 के मुंबई आतंकी हमले की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं. बासित का बयान इस पुराने जख्म को कुरेदने जैसा माना जा रहा है, जिसने भारत-पाक संबंधों में अविश्वास को और गहरा किया है. हालांकि बासित ने इसे एक काल्पनिक स्थिति बताया और यह भी कहा कि ऐसी स्थिति की उम्मीद नहीं है, लेकिन उनके बयान ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या यह सिर्फ निजी राय है या पाकिस्तान की रणनीतिक सोच की झलक.
क्यों हो रही है इस बयान की कड़ी आलोचना?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बासित के बयान को उकसाने वाला और गैर-जिम्मेदार बताया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से न सिर्फ कूटनीतिक रिश्ते बिगड़ते हैं, बल्कि क्षेत्र में अस्थिरता भी बढ़ती है.




