होर्मुज में हमले के बाद अमेरिका का पलटवार, ईरान की इन जगहों पर बरसाए बम, क्या दोबारा भड़केगी जंग? 10 प्वाइंट्स में जानें पूरा मामला
होर्मुज में मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई की है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए कड़ी चेतावनी भी दी है. जानें इस पूरे घटनाक्रम की बड़ी बातें.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई की है. अमेरिकी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर हुए हमले के बाद की गई.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को युद्धविराम समझौते का "मूर्खतापूर्ण उल्लंघन" करार दिया है. दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों ने इस घटना के बाद फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता जताई है. आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी बड़ी बातें.
1. CENTCOM ने कि उसने 26 जून को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की, जो एक दिन पहले वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले का जवाब थी. अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया.
2. अमेरिका के मुताबिक, 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर एकतरफा हमले वाले ड्रोन से हमला किया गया था. यह जहाज ओमान के तट के पास होर्मुज से बाहर निकल रहा था, तभी उस पर हमला हुआ.
3. CENTCOM ने इस हमले को वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ "अनुचित आक्रामकता" बताते हुए युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन कहा.
4. अमेरिकी कमांड ने कहा कि ईरान की कार्रवाई ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों में से एक पर नौवहन की स्वतंत्रता को प्रभावित किया है. CENTCOM ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग और समन्वय प्रदान करना जारी रखेगी.
5. अमेरिका ने कहा कि उसकी सेना क्षेत्र में मौजूद है और यह सुनिश्चित करेगी कि ईरान के साथ हुए समझौते का पूरी तरह पालन हो. ोयूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली.
6. हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों को निकालने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है.
7. IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज के मुताबिक, हाल के दिनों में 115 जहाज सुरक्षित रूप से बाहर निकल चुके हैं, लेकिन करीब 500 जहाज अभी भी क्षेत्र में मौजूद हैं.
8. इस हमले को लेकर PGSA ने कहा था कि केवल स्वीकृत मार्गों से गुजरने वाले जहाजों को ही सुरक्षा और बीमा संबंधी सुविधाएं दी जाएंगी. संस्था ने यह भी कहा था कि अनधिकृत मार्गों से गुजरने वाले जहाजों से जुड़े जोखिमों की जिम्मेदारी जहाज के मालिक, संचालक और कप्तान की होगी.
9. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मालवाहक जहाज पर हुए हमले को युद्धविराम का "मूर्खतापूर्ण उल्लंघन" बताया है. ट्रंप के अनुसार, हमले के दौरान जहाज पर चार ड्रोन दागे गए थे, जिनमें से एक ने जहाज के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचाया.
10. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने बाकी तीन ड्रोन को मार गिराया. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, "मुझे यह पसंद नहीं आया कि उन्होंने एक जहाज पर हमला करने की कोशिश की. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था, इसलिए आप जल्द ही देखेंगे कि आगे क्या होता है.




