7वां दिन- रेलवे स्टेशन से लेकर बिजली प्लांट अब तक कितनी तबाही, US के ताबड़तोड़ हमलों के बाद अब क्या होगा Iran का अगला कदम?
US-Iran War: अमेरिका के हमले सातवें दिन भी जारी रहे। ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में 3 लोगों की मौत और 8 घायल होने का दावा किया गया. तेहरान के एक सीनियर अधिकारी ने यूएस को अल्टीमेटम भी दे डाला है.
US-Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, शनिवार तड़के अमेरिका के जरिए ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गान (Hormozgan) प्रांत में किए गए हवाई हमलों में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य घायल हो गए. ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने होर्मोज़गान के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के उप-गवर्नर के हवाले से बताया कि ये हताहत "दुश्मन के हमलों" के बाद हुए, जिनमें प्रांत के कई इलाकों को निशाना बनाया गया.
यह लगातार सातवीं रात है, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह अभियान ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करने के उद्देश्य से जारी रखा गया है.
होर्मुज पर ईरान ने क्या कहा?
लड़ाई तेज होने के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन रास्तों में से एक होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को और प्रभावित किया है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि होर्मुज के दक्षिण में बारूदी सुरंग वाले रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों में विस्फोट हो गया.
IRNA के अनुसार, IRGC ने आरोप लगाया कि ये जहाज "अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के भ्रामक मार्गदर्शन" में उस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, ईरान ने टैंकरों की पहचान नहीं बताई और न ही अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश किया. IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे चार जहाजों को रोक दिया है. इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
अमेरिका ने अब क्यों किए हमले?
ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान का दायरा बढ़ा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुके हैं. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह पुष्टि नहीं की है कि ताजा हमलों में किसी नागरिक या रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाया गया या नहीं.
ईरान में क्या-क्या तबाह?
दूसरी ओर, ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सेना ने एक हवाई अड्डे, एक रेलवे स्टेशन और दो पुलों समेत कई नागरिक ढांचों पर हमला किया. ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
ईरान ने क्या दी वॉर्निंग?
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो तेहरान संघर्ष को और बड़े स्तर पर ले जा सकता है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसिन रज़ाई ने कहा कि अगर अमेरिका अगले दो से तीन दिन तक हमले जारी रखता है तो ईरान "पूरे पैमाने पर आक्रामक सैन्य अभियान" शुरू करेगा. रज़ाई के मुताबिक, इसके बाद ईरान केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा और कोई भी राजनीतिक सीमा सुरक्षित नहीं रहेगी.
वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस कमांडर माजिद मौसवी ने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों और होर्मुज के आसपास अपने अभियान बंद नहीं करता, तब तक ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहेंगे.
किन-किन देशों तक पहुंचा तनाव?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष का असर अब खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों पर भी दिखाई दे रहा है. कुवैत ने कहा कि ईरानी हमले में बिजली और पानी की एक महत्वपूर्ण सुविधा को नुकसान पहुंचा है. इसके बाद प्रशासन ने लोगों से बिजली बचाने की अपील की. कुवैती सेना ने यह भी बताया कि कई सैन्य ठिकानों पर ईरानी ड्रोन हमलों में उसके कई सैनिक घायल हुए हैं.
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने कतर में अमेरिकी रडार सिस्टम और सैन्य विमानों को निशाना बनाया. वहीं, कतर के अधिकारियों ने कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने आने वाली मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया.
ईरान ने ओमान में अमेरिकी रडार प्रतिष्ठानों और सीरिया के अल-तनफ सैन्य अड्डे पर हमला करने का भी दावा किया. हालांकि, सीरियाई सैन्य सूत्र ने इस हमले से इनकार किया, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना इस साल की शुरुआत में ही अल-तनफ बेस खाली कर चुकी थी.
जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने ईरान की तीन मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. वहीं, बहरीन ने अपने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की, क्योंकि ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि द्वीप पर स्थित एक एयरबेस में तैनात अमेरिकी विमान और हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया गया है.
समुद्री जहाज क्या सेफ हैं?
कमर्शियल जहाजों पर भी खतरा लगातार बढ़ रहा है. यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी ने बताया कि ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर रात में किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आ गया. एजेंसी के अनुसार, होर्मुज के आसपास संचालित जहाजों पर हमले लगातार जारी हैं.
बातचीत की अपील, लेकिन समाधान के संकेत नहीं
चीन, पाकिस्तान और कई अन्य देशों ने अमेरिका और ईरान से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. हालांकि, अब तक किसी भी तरह की प्रगति के संकेत नहीं मिले हैं. लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई ने आशंका बढ़ा दी है कि यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का रूप ले सकता है.




