Trump ने दी दूसरे Epic Fury की चेतावनी, अगर US ने किया हमला तो अब ईरान किसे बनाएगा निशाना? पूरी दुनिया पर बड़ा संकट!
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है. इस बार अगर ट्रंप तेहरान पर हमला करते हैं तो ये पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात हो सकती है. आइये समझते हैं क्यों
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध एक बार फिर गंभीर मोड़ लेता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ एक और मिलिट्री ऑपरेशन शुरू कर सकता है. युद्ध को करीब आठ महीने पूरे होने वाले हैं. इस बीच अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर मध्यावधि चुनावों पर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
ट्रंप का यह बयान उन खबरों के कुछ घंटे बाद आया, जिनमें दावा किया गया कि अगर अमेरिका और इजरायल ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो तेहरान खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी कम्यूनिकेशन केबलों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
फ्लोरिडा में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम एक और छोटा-सा ‘एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन शुरू कर सकते हैं.” अमेरिकी सेना ने 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान के खिलाफ युद्ध को ‘एपिक फ्यूरी’ नाम दिया था.
ईरान के साथ समझौते की संभावना पर संदेह जताते हुए ट्रंप ने कहा, “अगर वे समझदार हैं, तो वे कहेंगे कि आइए, बातचीत शुरू करते हैं और काम पर आगे बढ़ते हैं. लेकिन मुझे संदेह है कि वे ऐसा करेंगे, क्योंकि शायद वे समझदार नहीं हैं.”
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब युद्ध कितने समय तक चलेगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं और संघर्ष के दोबारा तेज होने पर वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा पूरे क्षेत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता बढ़ रही है. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों तथा लेबनान पर इजरायली हमलों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.
ट्रंप बोले- युद्ध जल्द खत्म कर सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि कैसे?
शुक्रवार को इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका युद्ध को बहुत जल्द खत्म कर सकता है. हालांकि, उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या वॉशिंगटन को तुरंत युद्ध समाप्त कर देना चाहिए या संघर्ष को धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए. व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम इसे बहुत जल्दी खत्म कर सकते हैं. सवाल यह है कि क्या हम इसे खत्म करना चाहते हैं या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहते हैं.” ट्रंप ने यह भी कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज से तेल की आवाजाही जारी है. उन्होंने कहा, “हमें वह सब मिल रहा है, जो हम चाहते हैं.”
हालांकि, युद्ध को लेकर ट्रंप के लक्ष्य और समयसीमा अलग-अलग मौकों पर बदलते रहे हैं. इसी महीने की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि अमेरिका अगले महीने होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा. इन चुनावों में अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण का फैसला होना है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया था, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत होने की खबरें सामने आ रही थीं.
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर दोबारा हमले करने की योजनाएं तैयार की हैं. अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि संभावित निशानों में ईरान का ऊर्जा ढांचा, परमाणु ठिकाने और मिसाइलों तथा ड्रोन का जखीरा शामिल हो सकता है.
फ्रांस और तुर्किये ने दोबारा सैन्य कार्रवाई के खिलाफ दी चेतावनी?
ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान की आशंका के बीच कई देशों के विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि नए हमले से युद्ध पूरे क्षेत्र में फैल सकता है और इसके आर्थिक परिणाम भी गंभीर हो सकते हैं. यह बयान इस्तांबुल में हुई एक बैठक के बाद आए. इस बैठक में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, तुर्किये, मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब और इटली के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि ईरान पर नया हमला तनाव को और बढ़ाएगा तथा युद्ध का दायरा पूरे क्षेत्र में फैल सकता है. उन्होंने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीति और बातचीत को ही एकमात्र रास्ता बताया. फिदान ने कहा, “हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि ईरान पर नया हमला क्षेत्र में युद्ध को और फैलाएगा. ईरान पर सैन्य कार्रवाई किसी भी तरह समाधान नहीं है. फिलहाल कोई भी इसका समर्थन नहीं करता.”
ईरान ने क्या दी चेतावनी?
युद्ध में दोबारा सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ने के बीच ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों को निशाना बनाने का प्लान बनाया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में ईरान के दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक, यदि अमेरिका और इजरायल ईरान पर फिर हमला करते हैं, तो तेहरान इन केबलों को निशाना बना सकता है.
हालांकि, दोनों अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि ईरान ऐसा हमला किस तरीके से और किन जगहों पर कर सकता है. उनमें से एक अधिकारी ने कहा कि ईरान केबल काटे जाने के बाद उनकी मरम्मत के काम को भी रोकने की कोशिश करेगा. इससे इंटरनेट कनेक्शन और दूसरी संचार सेवाओं में होने वाली रुकावट लंबे समय तक जारी रह सकती है.
एक अधिकारी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, “अगर ईरान पर हमला होता है, तो समुद्र के नीचे बिछी केबलों से लेकर सैन्य ठिकानों, यहां तक कि गुप्त ठिकानों तक, अब कोई भी सीमा नहीं रहेगी.” उसने वॉशिंगटन से कहा कि वह आग से खेलने की कोशिश न करे.
IRGC ने क्या कहा?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख यदोल्लाह जवानी ने बुधवार को कहा था कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला होता है, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के नीचे बिछी सात प्रमुख इंटरनेट केबलों को निशाना बना सकता है. इन धमकियों से संकेत मिलता है कि ईरान का नेतृत्व मानता है कि अमेरिका की ओर से दोबारा सैन्य अभियान शुरू होने पर उसे पिछली कार्रवाई की तुलना में अधिक कड़ा जवाब देना होगा.




