फ्लाइट्स रद्द, इमरजेंसी अलर्ट... मक्का-मदीना पर मिसाइल हमले का दावा, क्या हूतियों ने बनाया निशाना? Detail में जानें पूरा मामला
सऊदी अरब ने मक्का-मदीना की ओर दागी गईं 2 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया है. हूतियों ने आरोपों से इनकार किया. जानें क्या है पूरा मामला
सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने शनिवार को दावा किया कि उसने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से मक्का और मदीना क्षेत्रों की तरफ दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. हालांकि, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पाक शहरों को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज कर दिया. हूतियों ने सऊदी अरब के आरोप को ‘बहुत बड़ा झूठ’ बताया है.
सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, मिसाइलों को रोकने के बाद उनका मलबा जेद्दा, ताइफ और राबिग समेत कई जगहों पर गिरा. इसके अलावा, मक्का के बाहर वादी मुगमास इलाके में भी मिसाइलों के कुछ टुकड़े गिरे.
नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मक्का और मदीना इलाके में नागरिक सुरक्षा दलों ने हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के बाद गिरे मलबे को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी.
क्या मक्का मदीना को निशाना बना रहे हूती?
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने मक्का और मदीना पर हमले की खबरों को खारिज किया. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, सरी ने कहा कि सऊदी अरब की ओर से यह प्रचार किया जा रहा है कि उनके लड़ाकों ने मक्का और मदीना जैसे पवित्र क्षेत्रों की तरफ निशाना साधा है. उन्होंने इस दावे को ‘बहुत बड़ा झूठ’ बताया. इस तरह, मिसाइलों को रोकने के सऊदी अरब के दावे और हूती विद्रोहियों के इनकार के बीच दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं.
किन जगहों को निशाना बना रहे हूती?
मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज करने के बीच यमन के हूती विद्रोही समूह ने शनिवार को सऊदी अरब की तेल सुविधाओं और हवाई अड्डों पर हमले करने का दावा भी किया. हूती समूह के मुताबिक, उसके निशाने पर सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की यानबू स्थित सुविधा, राबिग की तेल रिफाइनरी और रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल थे.
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने यह भी दावा किया कि समूह ने नजरान के एक हवाई अड्डे और खमिस मुशैत में स्थित एक एयरबेस को निशाना बनाया. हालांकि, सऊदी अरब के अधिकारियों ने इन कथित हमलों की तत्काल पुष्टि नहीं की थी.
सऊदी में इमरजेंसी अलर्ट?
इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने संभावित हवाई खतरों को लेकर आपातकालीन चेतावनी जारी की थी. ये चेतावनियां मक्का प्रांत और जेद्दा, ताइफ तथा यानबू के गवर्नरेट के लिए जारी की गई थीं. बाद में एजेंसी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में संभावित खतरा टल गया है. नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए लोगों से सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की. एजेंसी ने लोगों को भीड़ जुटाने से बचने और घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं करने की सलाह भी दी. इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में लोगों को 911 नंबर पर फोन करने के लिए कहा गया.
क्या हुआ इन हमलों का असर?
सऊदी अरब में मौजूदा हालात का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है. एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शनिवार को रियाद और दम्माम आने-जाने वाली अपनी उड़ानों का रद्द रहना 7 नवंबर तक बढ़ा दिया. एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए रियाद और दम्माम से आने-जाने वाली एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें 7 नवंबर 2026 तक निलंबित रहेंगी. वहीं, जेद्दा से आने-जाने वाली उड़ानें 31 अक्टूबर 2026 तक निलंबित रहेंगी. कंपनी ने क्षेत्र में बने मौजूदा हालात को उड़ानें निलंबित रखने की वजह बताया है.
इंडिगो और अकासा एयर ने भी रद्द कीं उड़ानें?
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के अलावा इंडिगो और अकासा एयर ने भी सऊदी अरब के शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अकासा एयर की ओर से उड़ानें रद्द रखने की अंतिम तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है.




