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भारत का दोस्त अफगान! ख्वाजा आसिफ बोले- 'काबुल और दिल्ली में कोई फर्क नहीं', हिंदुत्व की लड़ाई लड़ रहा तालिबान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने संसद में तालिबान सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने के लिए किया जा रहा है.

भारत का दोस्त अफगान! ख्वाजा आसिफ बोले- काबुल और दिल्ली में कोई फर्क नहीं, हिंदुत्व की लड़ाई लड़ रहा तालिबान
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( Image Source:  @intel_nova-X )

Pakistan और Afghanistan के बीच बढ़ता तनाव अब खुली चेतावनियों और युद्ध जैसे बयानों तक पहुंच चुका है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने संसद में तालिबान सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने के लिए किया जा रहा है.

इस्लामाबाद में संसद को संबोधित करते हुए ख्वाजा आसिफ ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस वक्त अपनी पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर 'एक जैसे दुश्मनों' का सामना कर रहा है. इतना ही नहीं, उन्होंने काबुल प्रशासन की तुलना सीधे भारत से करते हुए दावा किया कि अफगानिस्तान अब भारत के 'प्रॉक्सी' की तरह व्यवहार कर रहा है.

तालिबान पर पाकिस्तान का सबसे बड़ा हमला?

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि इस्लामाबाद लंबे समय से काबुल से सीमा पार आतंकवाद रोकने की मांग करता रहा है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिले, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उनके मुताबिक पाकिस्तान ने कई बार तालिबान सरकार से सुरक्षा गारंटी मांगी, लेकिन कोई लिखित समझौता सामने नहीं आया.

ख्वाजा आसिफ ने संसद में साफ शब्दों में कहा कि अगर अफगानिस्तान ने आतंकियों को संरक्षण देना बंद नहीं किया, तो हालात टकराव और युद्ध तक पहुंच सकते हैं. उनका बयान- 'अगर वे आतंकियों को समर्थन देना बंद नहीं करेंगे, तो फिर युद्ध होगा'. अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है.

कतर, तुर्किये और सऊदी अरब क्यों हुए एक्टिव?

पाकिस्तान ने यह भी खुलासा किया कि हालात संभालने के लिए कई मुस्लिम देशों ने बीच-बचाव की कोशिश की थी. Qatar, Saudi Arabia और Turkey ने दोनों देशों के बीच बातचीत कराने और तनाव कम करने की कोशिश की. ख्वाजा आसिफ के अनुसार, इन देशों ने तालिबान प्रशासन को पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लेने की सलाह दी थी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है.

पाकिस्तान के अंदर भी बढ़ रही बेचैनी

संसद में भाषण के दौरान ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान के अंदरूनी हालात पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा सरकार पहले आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में केंद्र का पूरा सहयोग नहीं कर रही थी, हालांकि अब स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है. इस दौरान संसद में विपक्षी नेताओं ने हंगामा और नारेबाजी भी की, लेकिन आसिफ ने पाकिस्तानी सेना की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, “हमारी सशस्त्र सेनाएं बिना किसी शर्त के बलिदान दे रही हैं.”

क्यों लगातार बिगड़ रहे हैं रिश्ते?

पिछले कुछ वर्षों में Pakistan और Afghanistan के रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ा है. पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की सीमा से आतंकी संगठन पाकिस्तान में हमलों को अंजाम दे रहे हैं. हालांकि कई देशों ने दोनों पड़ोसियों के बीच सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन सीमा सुरक्षा और आतंकवाद का मुद्दा अब दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी दीवार बनता जा रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि बयानबाजी इसी तरह बढ़ती रही, तो दक्षिण एशिया और मध्य एशिया की सुरक्षा स्थिति पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

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