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BRICS में शामिल होना चाहता है पाकिस्तान, 3 साल पहले अप्लाई भी किया, क्यों अभी तक नहीं मिली सदस्यता?

पाकिस्तान ने 2023 में BRICS में शामिल होने के लिए अप्लाई किया था, लेकिन अभी तक सदस्यता नहीं मिली है. इसका कारण भारत की वीटो पावर के साथ-साथ इस मुल्क की आर्थिक स्थिति भी है.

Shehbaz Sharif
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( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 12 Sept 2026 10:22 AM IST

इस साल BRICS समिट की मेजबानी भारत कर रहा है. ब्रिक्स की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी. बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी इसमें शामिल हुए. समूह के विस्तार के बाद इसे BRICS+ कहा जाने लगा. अब पाकिस्तान समेत कई दूसरे देश भी इस संगठन का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन सदस्यता हासिल करना इतना आसान नहीं है.

पाकिस्तान पिछले करीब तीन साल से BRICS में शामिल होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब तक उसे इस समूह की सदस्यता नहीं मिल पाई है. भारत की वीटो पावर को पाकिस्तान की सदस्यता की राह में बड़ी रुकावट माना जाता है. इसी वजह से अब तक पाकिस्तान की एंट्री नहीं हो पाई है.

पाकिस्तान ने कब किया था BRICS के लिए अप्लाई?

पाकिस्तान ने नवंबर 2023 में BRICS की सदस्यता के लिए आधिकारिक तौर पर अप्लाई किया था. उस समय पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उसके BRICS के कई देशों के साथ अच्छे रिश्ते हैं. पाकिस्तान का मानना था कि इस समूह में शामिल होकर वह दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने में मदद कर सकता है.

किस-किस से मांगी पाकिस्तान ने मंदद?

BRICS में अप्लाई करने के बाद पाकिस्तान ने BRICS के सदस्य देशों से अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश शुरू कर दी थी. उसने रूस से भी मदद मांगी. पाकिस्तान को उम्मीद थी कि BRICS में शामिल होने से उसे ग्लोबल साउथ के बड़े मंच पर अपनी बात रखने और अपनी मौजूदगी मजबूत करने का मौका मिलेगा.

क्यों नहीं मिली पाकिस्तान को जगह?

पाकिस्तान के BRICS में शामिल होने की कोशिश के पीछे उसकी कमजोर आर्थिक स्थिति को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है. देश की अर्थव्यवस्था काफी समय से मुश्किलों से जूझ रही है और उसे अपनी जरूरतों के लिए दूसरे देशों और संस्थाओं से मिलने वाली आर्थिक मदद पर निर्भर रहना पड़ता है. इसी बीच पाकिस्तान ने BRICS से जुड़े न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) में करीब 580 मिलियन डॉलर की हिस्सेदारी खरीदी है. इसका मकसद पैसे जुटाने के नए रास्ते तैयार करना और विश्व बैंक और IMF पर अपनी निर्भरता कम करना बताया जा रहा है.

BRICS पाकिस्तान के लिए क्यों जरूरी है?

BRICS अब दुनिया के बड़े देशों का एक अहम समूह बन चुका है और ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज को भी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान को लगता है कि अगर उसे इसकी सदस्यता मिलती है तो वह बड़े देशों के साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के क्षेत्र में अपने रिश्ते मजबूत कर सकता है. लेकिन पाकिस्तान की राह में सबसे बड़ी मुश्किल भारत का विरोध और सदस्य देशों की सहमति है. BRICS में किसी नए देश को शामिल करने के लिए मौजूदा सदस्यों की सहमति जरूरी होती है. ऐसे में नवंबर 2023 में आवेदन करने के बावजूद पाकिस्तान अभी तक इस समूह का पूर्ण सदस्य नहीं बन पाया है.

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