बैग में बंदूक छिपाकर व्हाइट हाउस पहुंचा, फिर बरसा दी गोलियां! खुद को ‘Jesus’ बताने वाले हमलावर के बारे में क्या जानकारी आई सामने?
व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग करने वाले 21 वर्षीय नासिर बेस्ट को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. वह खुद को ‘Jesus Christ’ मानता था और बैग में हथियार छिपाकर सुरक्षा गेट तक पहुंच गया था.
वॉशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस के पास शनिवार शाम हुई गोलीबारी की घटना में मारे गए संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नासिर बेस्ट के रूप में हुई है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैरीलैंड निवासी नासिर बेस्ट का मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इतिहास रहा था और वह पहले भी कई बार यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस के संपर्क में आ चुका था. वह खुद को जीसस समझता था.
सीक्रेट सर्विस के अनुसार, घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे (स्थानीय समय) व्हाइट हाउस सुरक्षा घेरा के पास हुई. अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध एक बैग लेकर सुरक्षा चौकी के करीब पहुंचा और अचानक बैग से हथियार निकालकर वहां तैनात अधिकारियों की ओर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद सीक्रेट सर्विस अधिकारियों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
फायरिंग में किसी को हुआ कोई नुकसान?
घटना के दौरान एक राहगीर भी गोलीबारी की चपेट में आ गया. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह संदिग्ध की गोली से घायल हुआ या जवाबी फायरिंग के दौरान. घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे. अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति को इस घटना में कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
क्या रहा है नासिर का इतिहास?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नासिर बेस्ट पहले भी कई बार सीक्रेट सर्विस अधिकारियों के संपर्क में आ चुका था. Fox News की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जून 2025 को बेस्ट को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब उसने कथित तौर पर सीक्रेट सर्विस एजेंटों को रोककर धमकी दी थी. इसके बाद 10 जुलाई 2025 को उसे एक प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने के आरोप में फिर से हिरासत में लिया गया था.
New York Post ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि बेस्ट मानसिक रूप से परेशान था और कथित तौर पर खुद को “Jesus Christ” मानता था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उसने व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने के लिए जारी अदालत के आदेश का उल्लंघन किया था.
क्या पहले भी व्हाइट हाउस में घुसने की कोशिश की?
BNO News की रिपोर्ट में दावा किया गया कि नासिर बेस्ट ने पिछले साल भी व्हाइट हाउस में घुसने की कोशिश की थी. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक गोलीबारी के पीछे के मकसद को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है. मामले की जांच जारी है.
कैसे हुई पूरी घटना?
- Associated Press के अनुसार, गोलीबारी की घटना व्हाइट हाउस से एक ब्लॉक दूर 17th स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू नॉर्थवेस्ट के पास हुई.
- व्हाइट हाउस में मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उन्होंने अचानक कई गोलियों की आवाज सुनी, जिसके तुरंत बाद उन्हें प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर शरण लेने के निर्देश दिए गए.
- सीक्रेट सर्विस ने बाद में बताया कि संदिग्ध सुरक्षा चौकी तक पहुंचा, बैग से हथियार निकाला और अधिकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में अधिकारियों ने भी गोलीबारी की.
- Associated Press की रिपोर्ट के अनुसार, घटना में घायल राहगीर को गोली किसकी तरफ से लगी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.
- AFP की रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी के बाद व्हाइट हाउस परिसर के आसपास अफरा-तफरी मच गई. कनाडाई पर्यटक रीड एड्रियन ने समाचार एजेंसी को बताया कि उन्होंने “20 से 25 धमाकों जैसी आवाजें” सुनीं, जिन्हें पहले उन्होंने पटाखे समझा, लेकिन बाद में पता चला कि वे गोलियों की आवाज थीं.
- ABC News की संवाददाता सेलिना वांग व्हाइट हाउस परिसर में सोशल मीडिया वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं, तभी गोलीबारी शुरू हो गई. AFP के मुताबिक, व्हाइट हाउस नॉर्थ लॉन पर मौजूद पत्रकारों को तुरंत दौड़कर प्रेस ब्रीफिंग रूम में शरण लेने के निर्देश दिए गए.
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब हाल के महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इससे पहले अप्रैल में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान ट्रंप पर कथित हमले की साजिश का मामला सामने आया था. वहीं 2024 में पेनसिल्वेनिया के बटलर में हुई रैली के दौरान ट्रंप के कान में गोली लगने की घटना भी हुई थी.




