क्या है इजरायल की हरेदी कम्युनिटी, सियासत में कितना है प्रभाव और क्यों चर्चा में है United Torah Judaism पार्टी? 10 FAQ
इजरायल का हरेदी समुदाय की UTJ पार्टी नेतन्याहू से नाराजगी के बीच विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट की संभावित सरकार को समर्थन देने पर विचार कर रही है. वहीं शास पार्टी के प्रमुख आर्ये डेरी ने लिकुड के बिना विपक्षी सरकार में शामिल होने से इनकार किया है. इससे देश में सरकार गठन का सियासी गणित उलझ गया है.
इजरायल की राजनीति में हरेदी यानी अति-रूढ़िवादी यहूदी समुदाय का प्रभाव उसकी आबादी के अनुपात से कहीं ज्यादा अहम माना जाता है. इसकी वजह है इजरायल की गठबंधन आधारित राजनीतिक व्यवस्था, जहां सरकार बनाने के लिए नेसेट में 120 में से कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है. हरेदी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली दो प्रमुख पार्टियां यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म (UTJ) और शास (Shas) हैं. ये पार्टियां धार्मिक शिक्षा, येशिवा के छात्रों को सैन्य सेवा से छूट और समुदाय से जुड़ी सरकारी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर अपनी राजनीति करती हैं. अब चर्चा UTJ के संभावित राजनीतिक रुख को लेकर है, क्योंकि पार्टी के कुछ नेता प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विरोधी गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाली सरकार को बाहर से समर्थन देने या उसके पक्ष में मतदान से दूरी बनाने पर विचार कर रहे हैं. वहीं शास प्रमुख आर्ये डेरी ने साफ किया है कि उनकी पार्टी लिकुड के बिना विपक्षी गठबंधन की सरकार में शामिल नहीं होगी.
हरेदी कम्युनिटी और UTJ पर 10 FAQ
हरेदी कम्यूनिटी क्या है, इनकी पार्टी कौन-कौन सी है और इजरायल के चुनाव में इनका कितना प्रभाव रहता है? आइए ऐसे ही 10 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब जानते हैं...
हरेदी यहूदी धर्म का अति-रूढ़िवादी समुदाय है. इसके सदस्य तोराह और तालमुद सहित यहूदी धार्मिक परंपराओं और नियमों का सख्ती से पालन करते हैं. हिब्रू में 'हरेद' शब्द का अर्थ ईश्वर के प्रति श्रद्धा और भय से जुड़ा है.
इस समुदाय के कई लोग पारंपरिक धार्मिक जीवनशैली अपनाते हैं. पुरुषों को अक्सर काले सूट, सफेद शर्ट और काली टोपी में देखा जाता है, जबकि महिलाएं आमतौर पर पारंपरिक और शालीन कपड़े पहनती हैं. हालांकि, समुदाय के सभी लोगों की जीवनशैली एक जैसी नहीं होती.
इजरायल में किसी पार्टी को अक्सर अकेले बहुमत नहीं मिलता. ऐसे में सरकार बनाने के लिए छोटी पार्टियों का समर्थन भी निर्णायक हो सकता है. हरेदी पार्टियां अपने सांसदों के जरिए गठबंधन की सरकार बनाने या गिराने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
UTJ इजरायल की एक अति-रूढ़िवादी यहूदी राजनीतिक पार्टी है, जो मुख्य रूप से अश्केनाजी हरेदी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है. यह अगुदत इजरायल और देगेल हातोराह जैसे धार्मिक राजनीतिक गुटों का गठबंधन है. पार्टी का जोर धार्मिक शिक्षा और हरेदी समुदाय के हितों से जुड़े मुद्दों पर रहता है.
UTJ और शास, दोनों पार्टियां हरेदी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन इनके सामाजिक और धार्मिक आधार अलग हैं. UTJ मुख्य रूप से अश्केनाजी हरेदी यहूदियों से जुड़ी है, जबकि शास सेफार्डी और मिजराही हरेदी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है. शास के प्रमुख आर्ये डेरी हैं.
हरेदी पार्टियां लंबे समय से नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी गठबंधनों की अहम सहयोगी रही हैं. बदले में उनकी प्रमुख मांगों में धार्मिक संस्थानों के लिए सरकारी सहायता और येशिवा के छात्रों को अनिवार्य सैन्य सेवा से छूट देने जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं. हालांकि, यह समर्थन हमेशा बिना शर्त नहीं होता.
रिपोर्ट के मुताबिक, UTJ के कुछ नेता नेतन्याहू से नाराज हैं, क्योंकि उनकी सरकार येशिवा के छात्रों को सैन्य सेवा से छूट देने वाला कानून पारित नहीं करा पाई है. इसी नाराजगी के बीच पार्टी के कुछ नेताओं के गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाली संभावित सरकार को समर्थन देने पर विचार करने की खबर है.
रिपोर्ट के मुताबिक, UTJ विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत की संभावनाएं तलाश रही है. एक विकल्प यह भी बताया गया है कि पार्टी सरकार में शामिल हुए बिना बाहर से समर्थन दे या कुछ अहम मतदान में अनुपस्थित रहकर सरकार के गठन का रास्ता आसान करे. हालांकि, अभी इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता.
शास प्रमुख आर्ये डेरी ने कथित तौर पर स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी लिकुड के बिना विपक्षी गठबंधन की सरकार में शामिल नहीं होगी. वह गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, शास लिकुड के साथ मिलकर राष्ट्रीय एकता सरकार के विकल्प पर विचार कर सकती है.
नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सामान्य तौर पर बहुमत के लिए 61 सांसदों का समर्थन चाहिए. चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, नेतन्याहू का गठबंधन 53, विपक्षी गठबंधन 48 और अरब पार्टियां 19 सीटों पर है, जबकि UTJ के पास सात सीटें हैं.ऐसे में UTJ का रुख सरकार गठन की गणित बदल सकता है. हालांकि, सैन्य भर्ती कानून और दूसरे राजनीतिक मतभेदों पर सहमति बनना भी जरूरी होगा.




