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इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप से मची तबाही! कांपी धरती, ढहीं इमारतें और 20 लोगों ने गवाई जान… 10 भयावह वीडियो
इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास 7.7 तीव्रता के भूकंप से दहशत फैल गई. इमारतें और घर क्षतिग्रस्त हुए, 20 लोगों की मौत की शुरुआती जानकारी है और सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई. देखें भूकंप के 10 भयावह वीडियो.
इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. इस भूकंप में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचा है. भूकंप के बाद कुछ समय के लिए सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी, जिसके बाद तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंची जगहों पर जाने के लिए कहा गया.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप इंडोनेशिया के समय के अनुसार सुबह 5:58 बजे आया. इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में एंडे शहर से 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था. भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी. सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में इमारतों को गिरते और लोगों को घबराकर इधर-उधर भागते हुए देखा गया.
इंडोनेशिया भूकंप के भयावह वीडियो
- भूकंप शनिवार सुबह फ्लोरेस द्वीप के पास आया. इसकी तीव्रता 7.7 मापी गई. भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी, इसलिए इसका असर आसपास के इलाकों में काफी महसूस किया गया.
- शुरुआती जानकारी के मुताबिक भूकंप में 20 लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा कई इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है. कुछ घंटों बाद आंकड़ा पूरी तरह से साफ हो पाएगा.
- USGS के अनुसार, भूकंप का केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था. भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए. इनमें कुछ इमारतों को गिरते हुए और लोगों को डर के कारण भागते हुए देखा गया. वीडियो में भूकंप के दौरान मची अफरा-तफरी दिखाई दी.
- नागेकेओ के एक निवासी ने बताया कि जब भूकंप आया, तब वह एक बाजार में था. उसने कहा कि धरती जोर से हिलने लगी. उसने बताया कि राहत की बात यह रही कि वे लोग उस समय घर के बाहर थे.
- नागेकेओ के निवासी ने बताया कि लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे. लोग कुछ समय के लिए सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए इलाका खाली कर रहे थे और पहाड़ियों की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे. उसने कहा कि उसका परिवार सुरक्षित है और किसी को चोट नहीं लगी.
- 31 वर्षीय एक अस्पताल कस्टमर सर्विस अधिकारी ने बताया कि भूकंप अचानक शुरू होने से वह घबरा गया. उसने कहा कि अस्पताल के मरीज भी बाहर भाग गए. उसके मुताबिक, झटका काफी तेज था और उसने अस्पताल की कुछ दीवारों में दरारें देखीं.
- पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के सिक्का इलाके के एक निवासी ने बताया कि वहां कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है. उसने कहा कि माउमेरे के पोर्ट टर्मिनल का वेटिंग रूम भी ढह गया.
- भूकंप के बाद इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) ने सुनामी की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की. लोगों से ऊंची जगहों पर जाने की अपील की गई.
- राष्ट्रीय आपदा एजेंसी BNPB के अधिकारी अब्दुल मुहारी ने फ्लोरेस के उत्तरी तट और दक्षिणी हिस्सों, दक्षिणी द्वीपों तथा दक्षिणी क्षेत्र में रहने वाले लोगों से तुरंत खुद को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की अपील की. उन्होंने लोगों से समुद्र के किनारे से दूर जाने को कहा.
- अब्दुल मुहारी ने स्थानीय प्रसारक कोमपास टीवी से कहा कि लोगों को समुद्र तट से दूर जाना चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि लोग या तो समुद्र से दो किलोमीटर से ज्यादा अंदर की ओर जाएं या 10 मीटर से अधिक ऊंची पहाड़ी जगह पर पहुंचें.
- भूकंप के बाद जारी की गई सुनामी की चेतावनी को बाद में हटा लिया गया. फ्लोरेस द्वीप का भूकंपों और सुनामी का पुराना इतिहास रहा है. 1992 में 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी में करीब 2,500 लोगों की मौत हुई थी. यह घटना दक्षिण-पूर्वी फ्लोरेस द्वीप पर हुई थी, जो इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में मौजूद द्वीपों के समूह का हिस्सा है.
- इंडोनेशिया 17,000 से ज्यादा द्वीपों वाला विशाल द्वीपसमूह है. इंडोनेशिया और इसके आसपास के देशों में भूकंप अक्सर आते हैं, क्योंकि यह इलाका प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है. यह जापान से होते हुए दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत बेसिन तक फैला हुआ तेज भूकंपीय गतिविधि वाला क्षेत्र है.
- इंडोनेशिया के इतिहास में कई घातक भूकंप आए हैं. इनमें 2004 का 9.1 तीव्रता वाला भूकंप सबसे विनाशकारी घटनाओं में शामिल है. यह सुमात्रा के तट के पास आया था और इसके बाद आई सुनामी ने पूरे क्षेत्र में करीब 2,20,000 लोगों की जान ले ली थी. इनमें करीब 1,70,000 लोग इंडोनेशिया के थे.
- 2018 में लोम्बोक द्वीप में एक शक्तिशाली भूकंप आया था. इसके बाद कई हफ्तों तक कई और झटके महसूस किए गए. इस घटना में लोम्बोक और पड़ोसी सुम्बावा द्वीप पर 550 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी.




